30/05/2026
राप्ती किनारे बना इको पार्क बनेगा शहर का नया पर्यटन केंद्र, नौका विहार की तर्ज पर होगा विकास
गोरखपुर शहर में राप्ती नदी के किनारे एकला बंधे पर स्थित इको पार्क अब लोगों के घूमने-फिरने और मनोरंजन का नया केंद्र बनने जा रहा है। कभी यह जगह कूड़े के बड़े ढेर के लिए जानी जाती थी, लेकिन अब इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
नगर निगम ने इस पार्क को नौका विहार की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई है। हाल ही में 23 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका लोकार्पण किया था। इसके बाद अब पार्क के संचालन के लिए निजी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
नगर निगम का लक्ष्य इको पार्क को शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करना है। इसके लिए यहां कई नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि शहर के लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटक भी यहां अच्छा समय बिता सकें। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में यह पार्क परिवारों, युवाओं और बच्चों के लिए पसंदीदा घूमने की जगह बन सकता है।
इको पार्क की सबसे बड़ी खासियत यहां लगाया जाने वाला 100 मीटर ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज होगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह विशाल तिरंगा पार्क की पहचान बनने के साथ-साथ शहर की नई पहचान के रूप में भी उभर सकता है। रात में विशेष प्रकाश व्यवस्था के कारण इसे दूर से भी देखा जा सकेगा।
पार्क को सभी आयु वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। बच्चों के लिए किड्स जोन बनाया गया है। वहीं खानपान की सुविधा के लिए फूड कोर्ट और कैंटीन की व्यवस्था की जा रही है। आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां लोग यादगार तस्वीरें ले सकेंगे। खुले स्थानों को भी इस तरह विकसित किया गया है कि लोग प्राकृतिक वातावरण के बीच सुकून के पल बिता सकें।
पार्क के भीतर मौजूद तालाब को भी आकर्षण का केंद्र बनाया जा रहा है। यहां बोटिंग की सुविधा शुरू करने की तैयारी चल रही है। इससे लोगों को प्रकृति के बीच नौकायन का आनंद लेने का मौका मिलेगा और पार्क की लोकप्रियता भी बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लोकार्पण और निरीक्षण के बाद इको पार्क की चर्चा और बढ़ गई है। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने पार्क में बने शेर थीम वाले सेल्फी प्वाइंट पर तस्वीर भी खिंचवाई थी, जिसके बाद लोगों में इस पार्क को देखने की उत्सुकता बढ़ी है।
पार्क के संचालन के लिए नगर निगम ने पहले भी टेंडर जारी किया था, लेकिन निर्धारित मानकों के अनुरूप आवेदन नहीं मिलने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब दोबारा टेंडर जारी किया गया है ताकि किसी अनुभवी और सक्षम एजेंसी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जा सके।
नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित कुमार शर्मा के अनुसार पहली टेंडर प्रक्रिया में आवश्यक योग्यताएं पूरी करने वाले आवेदन नहीं मिले थे। इसलिए री-टेंडर जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की कोशिश है कि ऐसी एजेंसी का चयन किया जाए जो इको पार्क का बेहतर संचालन कर सके और इसे गोरखपुर के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित कर सके।
राप्ती नदी के किनारे विकसित हो रहा यह इको पार्क आने वाले समय में शहरवासियों के लिए मनोरंजन, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन का एक नया केंद्र बन सकता है।