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उत्तर प्रदेश में बारिश का अलर्ट, गोरखपुर-बस्ती समेत पूर्वांचल के कई जिलों में आज मौसम बिगड़ने के आसारगोरखपुर। 22 अगस्त 2...
22/08/2026

उत्तर प्रदेश में बारिश का अलर्ट, गोरखपुर-बस्ती समेत पूर्वांचल के कई जिलों में आज मौसम बिगड़ने के आसार

गोरखपुर। 22 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक आज प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। उत्तर प्रदेश को देश के उन राज्यों में शामिल किया गया है जहां आज मौसम खराब रहने की चेतावनी जारी की गई है। (Navbharat Times⁠)

पूर्वांचल में गोरखपुर, बस्ती, देवरिया और कुशीनगर समेत आसपास के जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इन इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

मौसम विभाग के अनुसार बारिश के दौरान बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और बिजली गिरने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

गोरखपुर और आसपास के जिलों में पिछले दिनों भी बारिश और गरज-चमक को लेकर मौसम विभाग की चेतावनियां जारी होती रही हैं। अगस्त की शुरुआत में गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और बस्ती सहित पूर्वांचल के कई जिलों को भारी बारिश वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया था। (News 24 Online⁠)

मौसम विभाग की सलाह: बारिश और आंधी के दौरान पेड़, बिजली के खंभों तथा खुले मैदानों से दूरी बनाए रखें। स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखें और जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचें।

गोरखपुर में नालों पर बने मकानों से बरसात में जलभराव की स्थिति विकटगोरखपुर। मानसून की बारिश के बीच शहर की जलनिकासी व्यवस्...
21/08/2026

गोरखपुर में नालों पर बने मकानों से बरसात में जलभराव की स्थिति विकट

गोरखपुर। मानसून की बारिश के बीच शहर की जलनिकासी व्यवस्था एक बार फिर चुनौती बन गई है। कई स्थानों पर नालों का सिकुड़ना, अतिक्रमण, कचरा और नालों के ऊपर या किनारे बने निर्माण पानी के प्राकृतिक बहाव में बाधा पैदा कर रहे हैं। तेज बारिश के दौरान इसका सीधा असर जलभराव के रूप में दिखाई देता है। (Jagran⁠)

विजय चौक क्षेत्र में डोमिनगढ़ नाला बना उदाहरण
विजय चौक और आसपास के क्षेत्रों में जलनिकासी सुधारने के लिए नगर निगम को डोमिनगढ़ नाले में विशेष अभियान चलाना पड़ा। नाले और पुलिया पर बने मकानों के नीचे करीब 50 मीटर हिस्से में तल्लीझाड़ सफाई की तैयारी के लिए पानी का बहाव नियंत्रित करना पड़ा। नगर निगम कर्मियों ने करीब 13 घंटे तक मशक्कत की, जिसके बाद शिल्ट निकालने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। (Live Hindustan⁠)

निर्माणों की वजह से घट रही नालों की क्षमता

शहर में नालों पर या उनके बहाव क्षेत्र के आसपास हुए निर्माण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नाले के ऊपर बने मकानों के नीचे सफाई और मशीनों की पहुंच मुश्किल होने से नियमित सफाई प्रभावित होती है। हाल ही में गोरखपुर नगर निगम ने नाले पर बने एक दो मंजिला मकान से जुड़े पुराने लीज प्रकरण की जांच भी शुरू की है। (Jagran⁠)

बारिश में बढ़ जाता है खतरा

बारिश के दौरान जब नालों की क्षमता कम होती है तो पानी तेजी से आगे नहीं बढ़ पाता। नतीजतन सड़कें, निचले इलाके और आसपास के मोहल्ले जलभराव की चपेट में आ जाते हैं। अगस्त में बारिश के बाद गोरखपुर के विभिन्न इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति सामने आ चुकी है। (Amar Ujala⁠)

हालांकि गोड़धोइया नाला परियोजना से 17 वार्डों और करीब तीन लाख आबादी को जलभराव से राहत मिलने की रिपोर्ट है, लेकिन शहर के स्थानीय नालों की क्षमता और अतिक्रमण की समस्या अभी भी चुनौती बनी हुई है। (Live Hindustan⁠)

स्थायी समाधान की जरूरत

शहरवासियों का कहना है कि केवल बारिश के समय नालों की सफाई कराने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। नालों की वास्तविक चौड़ाई, उनके बहाव क्षेत्र और उन पर बने निर्माणों की तकनीकी जांच कराकर जलनिकासी मार्ग को बाधामुक्त करना जरूरी है।

नगर निगम के सामने अब चुनौती यह है कि बारिश के दौरान तत्काल जलनिकासी के साथ-साथ ऐसे स्थानों की स्थायी पहचान और समाधान किया जाए, जहां निर्माण या अतिक्रमण के कारण नालों की क्षमता प्रभावित हो रही है। इससे भविष्य में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

स्रोत: हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण एवं अमर उजाला की हालिया गोरखपुर रिपोर्टें। (Jagran⁠)

21/08/2026
चीनी के दाम बढ़ने के पीछे क्या है एथनॉल का कनेक्शन?नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026। देश में चीनी की कीमतों में अचानक तेजी ने आम...
21/08/2026

चीनी के दाम बढ़ने के पीछे क्या है एथनॉल का कनेक्शन?

नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026। देश में चीनी की कीमतों में अचानक तेजी ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। पिछले दिनों कुछ बाजारों में खुदरा कीमत करीब ₹52 से बढ़कर ₹62 प्रति किलो तक पहुंच गई है, जबकि उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भाव ₹65 प्रति किलो तक बताए गए हैं।
चीनी की कीमतों में इस तेजी के पीछे कम शुरुआती स्टॉक, उत्पादन पर दबाव, त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग और गन्ने के एथनॉल उत्पादन की ओर डायवर्जन जैसे कई कारण हैं।
एथनॉल से क्या संबंध है?
गन्ने से चीनी के साथ-साथ एथनॉल भी बनाया जाता है। गन्ने के जूस, सिरप और बी-हेवी मोलासेस जैसे उत्पादों का इस्तेमाल एथनॉल बनाने में किया जाता है। ऐसे में जब गन्ने या उसके उप-उत्पादों का एक हिस्सा एथनॉल उत्पादन में जाता है, तो चीनी उत्पादन के लिए उपलब्ध मात्रा प्रभावित हो सकती है।
हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक चीनी की मौजूदा तेजी को केवल एथनॉल के खाते में डालना सही नहीं होगा। कम उपलब्धता और त्योहारी मांग भी कीमत बढ़ने के बड़े कारण हैं।

सरकार ने उठाए कदम
कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने करीब 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात को मंजूरी दी है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी के स्टॉक की सीमा घटाकर 15 दिनों की जरूरत तक की गई है, ताकि जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके।
सरकार एथनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के डायवर्जन और चीनी की उपलब्धता के बीच संतुलन बनाने पर भी नजर रख रही है।
आगे क्या होगा?
आने वाले महीनों में गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों के कारण चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में आयात और स्टॉक नियंत्रण के सरकारी फैसलों के साथ नई चीनी की उपलब्धता कीमतों की दिशा तय करेगी

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