17/04/2026
लोकसभा गुरुवार को संसद का विशेष सत्र हंगामेदार रहा. विपक्ष ने साफ कहा कि, सरकार की मंशा भरोसेमंद नहीं है. वह महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इससे परिसीमन को अलग कर लिया जाए तो ही. महिला आरक्षण एक छलावा है जिसकी आ़ड़ में बैकडोर से परिसीमन लागू करने की बात कही जा रही है. प्रियंका गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण के साथ परिसीमन जोड़ना असल में महिला आरक्षण को रोकना ही है. तमाम प्रश्नों के बीच सबसे बड़ा सवाल ये उठा का 850 का आंकड़ा कहां से आया? किस आधार सरकार 850 सीटों की बात कर रही है. गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में कहा कि एक नैरेटिव गढ़ा जा रहा है कि 3 बिलों से साउथ के राज्यों की लोकसभा सीटें कम हो जाएंगी. उन्होंने कहा, 'लोकसभा की कुल 543 सीटों में दक्षिण राज्यों की 129 सीटें हैं. परिसीमन के बाद यह बढ़कर 195 हो जाएंगी. तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होंगी.' उन्होंने साफ कहा कि दक्षिण के राज्यों की शक्ति बिल्कुल कम नहीं होगी, दक्षिण के राज्यों में इस बिल को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है.अमित शाह ने कहा कि यह भी झूठ है कि सरकार जातीय जनगणना नहीं कराना चाहती. जनगणना दो हिस्सों में होती है पहले मकानों को इंगित किया जाता है. फिर निवासियों से पूछा जाता है. 850 का आंकड़ा कहां से आया, ये भी समझाता हूं. मानों 100 सीटें हैं जिसमें 33% आरक्षण देना है तो उसमें 50 सीटें बढ़ाते है तो सीटें 150 होती हैं. 850 राउंड ऑफ फिगर है क्या है 850 सीटों का लॉजिक अमित शाह ने लोकसभा में सांसदों की संख्या को बढ़ाकर 850 करने के तर्क को भी समझाया. गृह मंत्री ने कहा, "850 का जो आंकड़ा है वो इस तरह से बना है कि काल्पनिक रूप से सोच ले की 100 सीटें हैं. अगर 33% माताओं को आरक्षण देना है तो उसमें 50% बढाते हैं, तो सीटें होती है 150. [Lok Sabha special session, Women Reservation Bill, delimitation controversy, 850 seats logic, Amit Shah statement, Priyanka Gandhi reaction, Parliament uproar, South India seats]