08/10/2026
भगवान की दया से मेरी जिंदगी में जिन मर्दों से, जिन पुरुषों से मेरा सामना हुआ है, उनमें से ज्यादातर बहुत अच्छे लोग ही रहे हैं। वैसे तो मैं हर दूसरी पोस्ट में अपने पति की तारीफ करती रहती हूँ लेकिन आज की पोस्ट मेरे पति के लिए नहीं है।आज की पोस्ट है उज्ज्वल सर के लिए, जो इन दिनों हमें नवरात्रि के लिए गरबा सिखा रहे हैं।
कल से उन्हें देखकर मन में एक बात बार-बार आ रही है कि एक इंसान अपने परिवार के लिए आखिर कितना कुछ करता है।
शाम को हमारी सोसायटी में आते हैं। पहले बच्चों का एक बैच, फिर बड़े बच्चों का बैच और उसके बाद हम लोगों का बैच… लगातार लगभग तीन घंटे डांस सिखाते हैं। और ये तो सिर्फ शाम की बात है।
दिन में स्कूल भी जाते हैं, वहाँ बच्चों को डांस सिखाते हैं, स्कूल के दूसरे काम भी करते हैं। कल ही बातचीत में पता चला कि छुट्टी लेने पर वहाँ डांट भी पड़ जाती है।मतलब सुबह से लेकर रात तक लगातार काम…और जब शाम को डांस सिखाकर लौटते होंगे तब तक मुझे लगता है कि वो दस-साढ़े दस बजे के आसपास घर पहुँचते होंगे।
और उसके बाद घर में उनकी एक छोटी सी बच्ची भी है, शायद छह-सात महीने की होगी।मन में बस यही ख्याल आता है कि इतना सब करने के बाद भी क्या उस इंसान के अंदर अपने बच्चे को गोद में लेने की हिम्मत और ऊर्जा बचती होगी?
लेकिन शायद यही तो एक अच्छे इंसान की खूबसूरती है।
एक अच्छा मर्द सिर्फ अपने लिए नहीं जीता।
वो अपने परिवार के लिए सुबह जल्दी उठता है, दिनभर मेहनत करता है, थककर घर लौटता है और फिर भी अपने बच्चे के लिए मुस्कुराने की कोशिश करता है।हम अक्सर किसी मर्द की शक्ल, कद-काठी, कपड़ों या उसके स्टेटस से उसे जज कर लेते हैं।
लेकिन सच कहूँ तो मुझे वो मर्द सबसे ज्यादा खूबसूरत लगते हैं, जो अपने परिवार के लिए मेहनत करते हैं,जो अपनी पत्नी की चिंता करते हैं।जो अपने बच्चों के लिए भाग-दौड़ करते हैं।
जो जिम्मेदारियों से भागते नहीं, बल्कि उन्हें खुशी-खुशी उठाते हैं।
उज्ज्वल सर दिखने में बिल्कुल आम से हैं—नॉर्मल हाइट, नॉर्मल सा चेहरा, बिल्कुल साधारण इंसान।लेकिन ऐसे ही साधारण दिखने वाले कुछ लोग लाखों-करोड़ों की भीड़ में असाधारण होकर चमकते हैं। क्योंकि असली खूबसूरती चेहरे पर नहीं होती… असली खूबसूरती इस बात में होती है कि आप अपने अपनों के लिए कितने अच्छे इंसान हैं।
ऐसे पुरुष सच में बहुत खूबसूरत होते हैं।