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यह सिर्फ एक फिल्म नहीं…यह आज की उस सोच की कहानी है —जहाँ रेप पीड़िता से पूछा जाता है“वो वहाँ गई ही क्यों थी?”जहाँ नई पीढ...
03/03/2026

यह सिर्फ एक फिल्म नहीं…

यह आज की उस सोच की कहानी है —

जहाँ रेप पीड़िता से पूछा जाता है
“वो वहाँ गई ही क्यों थी?”

जहाँ नई पीढ़ी ( कक्षा 9 के एक छात्र ने स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज भेजा कि रात में कोई मुझे क्यों नहीं बुलाता। )का एक हिस्सा
रेप को अपराध नहीं, “सेक्स का एक रूप” समझने की खतरनाक भूल कर बैठता है।

जहाँ पैसों की ताकत रखने वाले लोग मान लेते हैं
कि सिस्टम उनकी जेब में है।

और सबसे चिंताजनक बात —
कुछ लोग यह मानने लगे हैं कि
कोर्ट से न्याय नहीं मिलेगा,
सीधा आरोपी का मर्डर कर दो… वही असली इंसाफ है।

आज की युवा मानसिकता में “Eye for an Eye” को सही ठहराया जा रहा है।

लेकिन अगर हर कोई खुद ही फैसला सुनाने लगे,
तो अदालतों और संविधान का अस्तित्व ही क्यों रहेगा?

⚖️ मेरा स्पष्ट मत —

जैसे कहा जाता है “भगवान के यहाँ देर है, अंधेर नहीं”
वैसे ही न्याय में देरी हो सकती है,
पर अन्याय नहीं होना चाहिए।
हमें अदालत पर उतना ही विश्वास रखना होगा
जितना हम अपने ईश्वर पर रखते हैं।
क्योंकि न्याय बदले से नहीं,
कानून से मिलता है।








---🔴 जब ‘ज्ञान’ अहंकार में बदल जाए, तो नुकसान राष्ट्र का होता है।डॉ. विकास दिव्यकीर्ति, एक लोकप्रिय शिक्षक और यूट्यूबर, ...
13/07/2025

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🔴 जब ‘ज्ञान’ अहंकार में बदल जाए, तो नुकसान राष्ट्र का होता है।

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति, एक लोकप्रिय शिक्षक और यूट्यूबर, जिनकी बातों को लाखों छात्र आँख मूंदकर मानते हैं, उन्होंने हाल ही में अपनी क्लास में कहा:

> “जज बोलेगा अरेस्ट करो, SP बोलेगा नहीं करता। खुद ही कर लो। सारी ताकत खत्म।”

⚖️ यह टिप्पणी न सिर्फ न्यायपालिका की गरिमा का अपमान है, बल्कि यह एक बेहद गंभीर और खतरनाक मानसिकता को उजागर करती है — जहाँ लोकप्रियता के नाम पर कोई भी व्यक्ति संवैधानिक संस्थाओं का मज़ाक उड़ा सकता है।

📍 विचार करें:

क्या यह वही व्यक्ति हैं जिनसे सिविल सेवा aspirants न्याय, संविधान और शासन की मर्यादा सीखते हैं?

क्या लोकतंत्र में "freedom of speech" का अर्थ इतना फैल गया है कि अब संवैधानिक संस्थाओं पर भी बिना ज्ञान और मर्यादा के टिप्पणी की जाए?

🧠 "सोचने की बात ये है — जिन पर देश को चलाने की जिम्मेदारी होगी, यदि वे ही न्यायपालिका को 'कमज़ोर' समझने लगें, तो संविधान की नींव कैसे बचेगी?"

🔍 यह महज़ एक विवादित बयान नहीं है, बल्कि प्रेरणास्रोत की भूमिका में बैठे एक शिक्षक द्वारा न्याय प्रणाली को अवमानित करने का प्रयास है। और ये कदापि स्वीकार्य नहीं हो सकता।

👎 यह सिर्फ़ ‘क्लासरूम ह्यूमर’ नहीं था — यह एक स्पष्ट रूप से संवैधानिक उपहास है।

✅ आवश्यक है कि समाज ऐसे बयान देने वालों को ‘रोल मॉडल’ मानने से पहले सोचें — क्योंकि शिक्षित होना और विवेकशील होना दो अलग बातें हैं।

🔷 सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: लापरवाह ड्राइवर के कानूनी उत्तराधिकारियों को नहीं मिलेगा मुआवजा 🔷जी. नागरथ्ना व अन्य बनाम ...
13/07/2025

🔷 सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: लापरवाह ड्राइवर के कानूनी उत्तराधिकारियों को नहीं मिलेगा मुआवजा 🔷
जी. नागरथ्ना व अन्य बनाम जी. मंजूनाथ व अन्य | SLP (C) Diary No. 22411/2025 | निर्णय: 2 जुलाई 2025

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि यदि ड्राइवर की मौत उसकी स्वयं की लापरवाही से हुई है, तो उसके कानूनी उत्तराधिकारी मोटर वाहन अधिनियम के तहत बीमा कंपनी से मुआवजा नहीं ले सकते।

🔍 मुख्य बिंदु:

कोई व्यक्ति एक साथ वादी और प्रतिवादी नहीं हो सकता।

यदि ड्राइवर के पास व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा है, तो उसके उत्तराधिकारी मुआवजा पा सकते हैं (जैसे कि नेशनल इंश्योरेंस बनाम अशालता भौमिक, त्रिपुरा हाईकोर्ट)।

“कानूनी प्रतिनिधि” की परिभाषा में सिर्फ आश्रित नहीं, बल्कि मृतक की संपत्ति का प्रतिनिधित्व करने वाला कोई भी व्यक्ति शामिल है।

मुआवजा, मृतक की संपत्ति का हिस्सा माना जाएगा – इसका हक गैर-आश्रित को भी हो सकता है।

⚖️ प्रभाव:
यह निर्णय बीमा दावों, वाहन दुर्घटना मुआवजे और उत्तराधिकार से जुड़ी कानूनी जटिलताओं को बेहतर समझने में मदद करता है।

📌 ऐसे फैसले समाज में मुआवजे की अवधारणा और बीमा कानून की समझ को नई दिशा देते हैं।

Supreme Court's Big Decision: Sub-Registrar Can't Deny Registration Due to Ownership Disputes!📌 In a landmark case (K. G...
02/07/2025

Supreme Court's Big Decision: Sub-Registrar Can't Deny Registration Due to Ownership Disputes!

📌 In a landmark case (K. Gopi vs. Sub-Registrar, 2025), the Supreme Court ruled that: ✅ A Sub-Registrar cannot reject property registration just because of doubts over ownership or title.
✅ Their job is purely procedural – verifying stamp duty, parties, and ex*****on – not judging who owns the land.

⚖️ The Court also struck down a rule in Tamil Nadu (Rule 55A) that forced people to prove ownership before registering – saying such rules are illegal.

🔁 This judgment applies to all states! Many Sub-Registrars in UP, Karnataka, Maharashtra, Telangana, etc., wrongly demand title papers, ECs, or passbooks. That’s no longer allowed.

💡 Important Note:
📄 Registration does not guarantee ownership.
🔍 Buyers must still verify title independently through due diligence or legal advice.

---

🏠 Key Message:

If your property papers are complete in form and fees, the Sub-Registrar must register – they can’t ask who really owns it.
Let the courts decide title disputes, not registration offices!

📢 Share this to protect someone from illegal refusals at the registrar office.

🚀 Building a Brand? Protect It Like a Legacy.MS Dhoni  has recently filed a trademark for his iconic nickname "Captain C...
02/07/2025

🚀 Building a Brand? Protect It Like a Legacy.

MS Dhoni has recently filed a trademark for his iconic nickname "Captain Cool" — a strategic move to safeguard and monetize his personal brand.

This is a timely reminder for individuals and businesses alike:
✅ Your brand name, logo, or tagline is intellectual property.
✅ Trademark registration ensures exclusive rights and long-term protection.

🔹 Whether you're a startup, professional, creator, or public figure — securing your identity is the first step toward building a business empire.

👉 We assist with end-to-end Trademark Registration services including:
• Name & logo clearance
• TM filing & classification
• Legal representation
• Renewals & oppositions

📩 Get in touch to protect what you’ve built. Because great brands don’t just grow — they’re protected.

भारत सरकार द्वारा डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (Digital personal data protection Act) को पिछले माह राष्ट्रपत्ती...
08/09/2023

भारत सरकार द्वारा डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (Digital personal data protection Act) को पिछले माह राष्ट्रपत्ती से मंजूरी मिल चुकी है और यह अधिनियम डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के लिए भारत मे एक गेम-चेंजर साबित होगा । 💻🔒

भारत ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम की शुरुआत के साथ डिजिटल व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 🛡️

मुख्य विचार:
1️⃣ व्यक्तियों को उनके डेटा पर अधिक नियंत्रण के साथ सशक्त बनाता है।

2️⃣ डेटा प्रोसेसिंग, भंडारण और स्थानांतरण के लिए कड़े नियम निर्धारित करता है।

3️⃣ जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए डेटा उल्लंघनों के लिए दंड लागू करता है।

यह कानून न केवल गोपनीयता बढ़ाता है बल्कि डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में विश्वास को भी बढ़ावा देता है, जो डिजिटल युग में व्यवसायों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। 🌐

पेशेवर होने के नाते, यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम सूचित रहें और इन परिवर्तनों के अनुकूल बनें। आइए डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता देने और सभी के लिए एक सुरक्षित डिजिटल भविष्य बनाने के इस अवसर का लाभ उठाएं।

https://youtube.com/shorts/ddxVjLchyrg?feature=share




https://youtube.com/shorts/ddxVjLchyrg?feature=share

🔸पहली गाली पर सर काटने की शक्ति होने बाद भी यदि 99 और गाली सुनने का 'सामर्थ्य' है, तो वो कृष्ण हैं।🔸'सुदर्शन' जैसा शस्त्...
07/09/2023

🔸पहली गाली पर सर काटने की शक्ति होने बाद भी यदि 99 और गाली सुनने का 'सामर्थ्य' है, तो वो कृष्ण हैं।

🔸'सुदर्शन' जैसा शस्त्र होने के बाद भी यदि हाथ में हमेशा 'मुरली' है, तो वो कृष्ण हैं।
🔸द्वारिका' का वैभव होने के बाद भी यदि 'सुदामा' मित्र है, तो वो कृष्ण हैं।
🔸 'मृत्यु' के फन पर मौजूद होने पर भी यदि 'नृत्य' है, तो वो कृष्ण हैं।

🔸 'सर्वसामर्थ्य' होने पर भी यदि सारथी' बने हैं, तो वो कृष्ण हैं।
*ऐसे है मेरे श्री कृष्ण*

*श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं* 💐💐
जय श्री कृष्ण🙏🙏🙏

अभिमन्यु मिश्रा
अधिवक्ता
दिल्ली उच्च न्यायालय

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सरकार ने देश में कानूनी व्यवस्था में बड़ा कदम उठाया है, सरकार ने नए आपराधिक कानून के साथ पूरी आपराधिक प्रक्रिया और धारा ...
20/08/2023

सरकार ने देश में कानूनी व्यवस्था में बड़ा कदम उठाया है, सरकार ने नए आपराधिक कानून के साथ पूरी आपराधिक प्रक्रिया और धारा को बदल दिया है

सभी वकील और कानून के छात्र ध्यान दें! अखिल भारतीय बार परीक्षा के परिणाम अब आ चुके हैं! अपने अंकों की जांच करें और देखें ...
28/04/2023

सभी वकील और कानून के छात्र ध्यान दें! अखिल भारतीय बार परीक्षा के परिणाम अब आ चुके हैं! अपने अंकों की जांच करें और देखें कि आपने इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में कितना अच्छा प्रदर्शन किया।

परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले और अब देश भर में कानून का अभ्यास करने के योग्य होने वाले सभी लोगों को बधाई।

अपने परिणामों की जांच करने के लिए, बार काउंसिल ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट www.allindiabarexamination.com पर जाएं और अपनी साख का उपयोग करके लॉग इन करें। अपना स्कोर देखे !

धन्यवाद



















बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ( ) ने फैसला किया है कि सभी अधिवक्ताओं के पहचान पत्र नए सिरे से बनाए जाएंगे।यह निर्णय 6 अप्रैल को ...
13/04/2023

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ( ) ने फैसला किया है कि सभी अधिवक्ताओं के पहचान पत्र नए सिरे से बनाए जाएंगे।

यह निर्णय 6 अप्रैल को हुई बैठक में लिया गया। इसके तहत सभी अधिवक्ताओं को की सत्यापित प्रतियों, नामांकन प्रमाण पत्र की प्रति और के प्रमाण पत्र (जहां लागू हो) के साथ नए सिरे से आवेदन करना आवश्यक है।

सभी को नए सिरे से आवेदन करने के लिए एक महीने का समय दिया जा रहा है, जिसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। पहचान पत्र मुफ्त जारी किए जाएंगे।" बीसीडी ने एक में कहा, जो एक महीने के भीतर यानी 01.05.2023 से 31.05.2023 तक आवेदन करते हैं।

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