26/08/2026
मोदी सरकार के 12 सालों के कार्यकाल में मंत्रियों के बंगलों पर ₹527 करोड़ खर्च किए गए हैं। इस खर्च के सामने आने के बाद सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठने लगे हैं, खासकर तब जब देश के कई हिस्सों में बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी है।
आशुतोष रंका ने इस असमानता की आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ सत्ता में बैठे लोगों के घर शानदार हैं, वहीं दूसरी तरफ बच्चे भैंसों के तबेले में पढ़ने को मजबूर हैं। यह मुद्दा केवल पैसों का नहीं है, बल्कि इस बात का है कि जनता के पैसों का इस्तेमाल पहले कहां होना चाहिए- आम लोगों की जिंदगी सुधारने में या वीआईपी सुख-सुविधाएं बनाए रखने में।