22/09/2026
हमारे भोले भाले किसान बडे बडे बिल्डर्स ओर बड़े बडे बाहरी डीलरों के जाल में फंस रहे है,जेसे आज के रेट कीला के पचास लाख रूपए है ये डीलर सिर्फ दो लाख तीन लाख देकर रशीद लिखवा रहे है इस रसीद से ज़मींदारों को बॉध लेते है और दो महीने से तीन महीने के अंदर रजिस्ट्री कराने का झाँसा दे रहे है फिर ये लोग रजिस्ट्री नहीं कराते उधर ज़मींदार को रसीद पर अँगूठा दस्तख़त कराकर बॉंध लेते है फिर जल्दी रजिस्ट्री कराने का झूठा आश्वासन देते रहते है ओर इसी चक्कर मे कई कई महीने ओर साल निकल जाते है तब तक जमीन के रेट डबल यानि एक करोड़ हो जाते है,ज़मींदार को कुल दो लाख देकर पचास लाख में रशीद लिखवा ली ओर फिर उसी जमीन को एक करोड़ में या तो खुद रजिस्ट्री करवा लेते है या बेच देते है और अगर कोई ज़मींदार रजिस्ट्री नही कराता है तो अदालत में केस डाल देते है,अब केस चलेगा पॉच साल ओर पॉच साल के बाद वही जमीन जो कुल दो लाख देकर ख़रीदी थी वो हो जाएगी तीन से चार करोड़ की लेकिन ज़मींदार को वही रकम मिलेगी जो रशीद में लिखी है कुल पचास लाख,तमाम हमारे किसान भाई इन बेईमानों के चक्कर मे ना फंसे अपनी ज़मीनों को बेचे तो बहुत ही होशियार होकर बेचें,इन डीलरों या बडी बडी कंपनियों के दलाल या कमीशन ऐजंट हमारे ही आसपास के लोग है जो बेचारे ज़मींदारों को इन कंपनियों या डीलरों के हाथों कटवा रहे है,
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ताहिर हुसैन देवला ।