01/03/2025
पिता का प्रेम !!
रवि एक युवा लड़का था, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था। उसके पिता रमेश एक साधारण किसान थे, जिन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी अपने बेटे के अच्छे भविष्य के लिए समर्पित कर दी थी।
रवि जब छोटा था, तब उसके पिता उसे कंधे पर बिठाकर स्कूल छोड़ने जाते थे। लेकिन जैसे-जैसे रवि बड़ा हुआ, उसकी सोच बदलने लगी। वह पढ़-लिखकर एक बड़े शहर में नौकरी करने चला गया। धीरे-धीरे वह अपने पिता से दूर होता गया। जब भी उसके पिता फोन करते, वह कहता, "पापा, अभी बहुत काम है, बाद में बात करता हूँ।"
समय बीतता गया। एक दिन पिता को दिल का दौरा पड़ा। पड़ोसियों ने रवि को फोन किया, लेकिन वह अपने काम में इतना व्यस्त था कि समय नहीं निकाल सका। कुछ दिनों बाद, जब रवि घर आया, तो पिता की हालत देखकर उसकी आँखों में आँसू आ गए। उन्होंने कमजोर आवाज़ में कहा, "बेटा, मैं बस तुझे खुश देखना चाहता था, पर तुझे पाने की दौड़ में तुझे ही खो दिया।"
रवि को अहसास हुआ कि उसने अपने पिता की अनदेखी की है। उस दिन उसने फैसला किया कि अब वह अपने पिता के साथ अधिक समय बिताएगा।
शिक्षा:
समय और पैसा वापस आ सकते हैं, लेकिन माता-पिता नहीं। उनकी मौजूदगी में उनका सम्मान करें और उन्हें प्यार दें।