Harsh*t the RSS supporter

Harsh*t the RSS supporter अखंड भारत हर राष्ट्रभक्त का सपना हम बदलेंगे युग बदलेगा हम सुधरेंगे युग सुधरेगा Akhand Bharat 🚩🇮🇳

05/06/2026

संघ के स्वयंसेवक ने वंदे मातरम की डेढ़ सौ की जयंती के अवसर पर उसकी संरचना बनाई #राष्ट्रीयस्वयंसेवक

01/06/2026

भीषण बरसात में भी संघ का शारीरिक प्रधान कार्यक्रम जारी रहा

30/05/2026

Rss shivpuri

कार्यकर्ता विकास वर्ग  द्वितीय सामान्य पथ संचलन  #राष्ट्रीयस्वयंसेवक
26/05/2026

कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय सामान्य पथ संचलन
#राष्ट्रीयस्वयंसेवक

भावपूर्ण श्रद्धांजलि:"मातृशक्ति की प्रेरणापुंज, आदरणीया रुक्मिणी अक्काजी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। उनके द्वारा समाज और सं...
22/05/2026

भावपूर्ण श्रद्धांजलि:
"मातृशक्ति की प्रेरणापुंज, आदरणीया रुक्मिणी अक्काजी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। उनके द्वारा समाज और संगठन निर्माण में दिया गया योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।" #राष्ट्रीयस्वयंसेवक

22/05/2026

अत्यंत दुःख के साथ सूचित किया जाता है कि राष्ट्र सेविका समिति की पूर्व अखिल भारतीय सह कार्यवाहिका माननीय रुक्मिणी अक्काजी अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनका संपूर्ण जीवन समाज सेवा, राष्ट्र भक्ति और नारी शक्ति के सशक्तिकरण के लिए समर्पित था।
#राष्ट्रीयस्वयंसेवक

साधना स्थली हैं संघ शिक्षा वर्ग :  #श्री विमल गुप्ता #राष्ट्रीयस्वयंसेवक संघ, #मध्यभारतप्रांत के शिक्षा वर्ग प्रारंभ #शि...
19/05/2026

साधना स्थली हैं संघ शिक्षा वर्ग : #श्री विमल गुप्ता

#राष्ट्रीयस्वयंसेवक संघ, #मध्यभारतप्रांत के शिक्षा वर्ग प्रारंभ

#शिवपुरी में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग में 369 कार्यकर्ता,
#ब्यावरा में 200 कार्यकर्ता और
#बैतूल में 174 कार्यकर्ता हुए हैं शामिल, 15, 15दिन चलेंगे सभी वर्ग
संघ शिक्षा वर्ग एक साधना स्थली है, जहाँ शिक्षार्थी साधक के रूप मे नित्य शारीरिक, बौद्धिक एवं व्यवस्थात्मक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। यह सभी प्रशिक्षण मन की साधना से ही संभव है। यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्यभारत के प्रांत प्रचारक श्री विमल गुप्ता ने शिवपुरी में संघ शिक्षा वर्ग के उद्घाटन प्रसंग पर व्यक्त किए। उल्लेखनीय है कि मध्यभारत प्रांत के विद्यार्थी कार्यकर्ताओं के लिए शिवपुरी में, तरुण व्यवसायी कार्यकर्ताओं के लिए ब्यावरा में और 40 से अधिक आयुवर्ग के कार्यकर्ताओं के लिए बैतूल में संघ शिक्षा वर्गों का आयोजन किया जा रहा है। तीनों ही स्थानों पर संघ शिक्षा वर्ग 16 मई से प्रारंभ हो गए हैं, जिनका औपचारिक उद्घाटन 17 मई को किया गया। संघ शिक्षा वर्ग में शामिल शिक्षार्थियों को शारीरिक, बौद्धिक, योग, सेवा, प्रबंधन और संघ कार्य का प्रशिक्षण प्राप्त होगा। संघ का कार्य व्यक्ति निर्माण का कार्य है। 15 दिन के इस वर्ग में युवा कठोर अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हुए अपने व्यक्तित्व को मजबूत करेंगे।

शिवपुरी के सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय फतेहपुर में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग (विद्यार्थी) के शिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए प्रांत प्रचारक श्री विमल गुप्ता ने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष मे कार्यविस्तार एवं कार्य के दृढ़ीकरण हेतु प्रशिक्षण प्राप्त करना सौभाग्य का विषय है। उन्होंने वर्ग के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस वर्ग में प्रशिक्षण प्राप्त करने से समूह में काम करने का स्वभाव बनता है। संघ के वैचारिक अधिष्ठान की स्पष्टता होती है। इसके साथ ही, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास, संवेदना, स्वावलंबन और अनुशासन जैसे गुणों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि वर्ग में 24 घंटे की व्यस्ततम दिनचर्या में स्वयं को व्यस्त रखते हुए सीखने के मानस से शिक्षार्थी प्रशिक्षण प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग मे शिक्षार्थी विभिन्न प्रकार के प्रबंधन भी सीखता है, जैसे - समय प्रबंधन, मानव प्रबंधन, वित्तीय प्रबंधन, संसाधन प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और कार्यक्रम प्रबंधन आदि।

वर्ग केवल प्रशिक्षण नहीं, स्वयं को गढ़ने का अवसर : डॉ. राजेश सेठी

ब्यावरा में व्यवसायी कार्यकर्ताओं के संघ शिक्षा वर्ग के उद्घाटन सत्र में प्रांत के सह-संघचालक डॉ. राजेश सेठी ने कहा कि कहा कि प्रत्येक स्वयंसेवक किसी न किसी उद्देश्य को लेकर यहां आते हैं। वास्तव में संघ शिक्षा वर्ग व्यक्ति के कौशल विकास, व्यक्तित्व निर्माण और वैचारिक स्पष्टता का केंद्र है। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यकर्ता बनने के लिए केवल शारीरिक क्षमता पर्याप्त नहीं, बल्कि बौद्धिक और भावनात्मक विकास भी आवश्यक है। यही कारण है कि संघ शिक्षा वर्ग में तीनों आयामों पर समान रूप से काम किया जाता है। डॉ. सेठी ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ केवल नारा नहीं, बल्कि जीवन का मूल भाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संघ की कार्यपद्धति वैज्ञानिक, अनुशासित और पूर्ण है, जो भारत को परम वैभव तक पहुंचाने में सक्षम है। इस अवसर पर मंच पर सर्वाधिकारी श्री योगेश गौतम उपस्थित रहे।

भारत विश्व को दे सकता है दिशा :

प्रांत सह-संघचालक डॉ. सेठी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत के पास वह सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति है, जो पूरे विश्व को विनाश से बचाने का मार्ग दिखा सकती है। भारतीय दर्शन ‘विश्व कल्याण’ और ‘धर्म की जय’ की बात करता है। धर्म के अनुरूप राज्य व्यवस्था और समाज व्यवस्था ही विश्व शांति और कल्याण का आधार बन सकती है। उन्होंने डॉक्टर हेडगेवार के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐसे संगठन की कल्पना की थी, जो राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ भविष्य में विश्व का मार्गदर्शन कर सके। मनुष्य निर्माण, वैचारिक ऊंचाई और व्यवहारिक शुद्धता संघ के मूल आधार हैं।

शारीरिक एवं आध्यात्मिक विकास में सहायक हैं वर्ग : श्री अशोक पांडेय

बैतूल स्थित भारत भारती विद्यालय परिसर में संघ शिक्षा वर्ग (विशेष) का आयोजन किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में सर्वाधिकारी श्री कविंद्र कियावत एवं प्रांत संघचालक श्री अशोक पांडेय ने भारत माता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर वर्ग का शुभारंभ किया। इस वर्ग में 40 वर्ष से अधिक आयु के स्वयंसेवक ही अपेक्षित हैं। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रांत संघचालक श्री अशोक पांडेय ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग एक साधना है जो शिक्षार्थियों के शारीरिक एवं आत्मिक विकास में सहायक है। उन्होंने स्वयंसेवकों से कहा कि साधना कठिनता से सफल होती हैं। जो कठिनाइयों में जी नहीं सकता वह कभी साधक नहीं बन सकता है। अपने संघ कार्य को मजबूती देने के लिए हम इस वर्ग में प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज संघ जिस सफलता के शिखर पर है उसके पीछे कई पीढियां की अनथक साधना है। गीता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि गीता जी के छठवें अध्याय के 35 वें श्लोक में भगवान श्री कृष्ण ने मन को बड़ा चंचल बताया है और निरंतर अभ्यास से ही मन को नियंत्रित किया जा सकता है। इस वर्ग से देश भक्ति का भाव हमारे अंदर आने वाला है, हमें अपने जीवन में देश भक्ति का भाव हमेशा बनाकर रखना चाहिए। समाज में शाखा की भूमिका जागरण श्रेणी के माध्यम से स्पष्ट हो सके और शाखा समाज परिवर्तन का केंद्र बन सके, इसलिए हम वर्ग में प्रशिक्षण लेने आए हैं। इस अवसर पर मध्य भारत प्रांत के कार्यवाह श्री हेमंत जी सेठिया जी भी उपस्थित रहे।


31 जिलों के कुल 743 स्वयंसेवक ले रहे हैं प्रशिक्षण :

संघ की रचना के 31 जिलों के कुल 743 स्वयंसेवक तीनों वर्गों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें शिवपुरी में 369 स्वयंसेवक शामिल हुए हैं। ब्यावरा में 200 और बैतूल में 174 स्वयंसेवक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि जिन स्वयंसेवकों ने पूर्व में 7 दिन का प्राथमिक वर्ग का प्रशिक्षण प्राप्त किया होता है और जो संघ कार्य में सक्रिय रहते हैं, उनमें से ही चयनित कार्यकर्ताओं को संघ शिक्षा वर्ग में प्रशिक्षण हेतु भेजा जाता है।

भवदीय
हेमंत सेठिया
प्रांत कार्यवाह
Mata ki jai

19/05/2026

साधना_स्थली_हैं_संघ_शिक्षा_वर्ग : #श्री_विमल_गुप्ता

#राष्ट्रीय_स्वयंसेवक_संघ, #मध्यभारत_प्रांत_के_शिक्षा_वर्ग_प्रारंभ

हमारी संस्कृति विविधता में एकता का दर्शन कराती है - रघुवीरसिंह जी सिसौदियाराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मालवा प्रांत के संघ...
17/05/2026

हमारी संस्कृति विविधता में एकता का दर्शन कराती है - रघुवीरसिंह जी सिसौदिया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मालवा प्रांत के संघ शिक्षा वर्ग (विद्यार्थी) 17 मई 2026 को मन्दसौर में विधिवत प्रारंभ हुआ। इस वर्ग में 28 जिलों से चयनित 302 शिक्षार्थी उपस्थित हैं। 15 दिनों तक चलने वाले इस संघ शिक्षा वर्ग में शिक्षार्थी संघ की कार्यपद्धति सह-जीवन, अनुशासन आदि का प्रशिक्षण लेंगे। प्रातः 4.10 बजे जागरण से लेकर रात्रि 10.15 बजे दीप निमिलन तक विभिन्न शारीरिक एवं बौद्धिक सत्रों द्वारा शिक्षार्थियों का प्रशिक्षण होगा। सत्र का प्रारंभ भारत माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर वर्ग के माननीय सर्वाधिकारी श्री जैनेन्द्र जैन व वर्ग पालक मालवा प्रांत के सह प्रांत प्रचारक श्री केतन सोजीतरा , डॉ. सुमंत कुशवाह वर्ग कार्यवाह भी उपस्थित रहे।
उद्घाटन सत्र में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए मालवा प्रांत के सह कार्यवाह श्री रघुवीरसिंह जी सिसौदिया ने वर्ग का महत्व बताते हुए कहा मां भारती की सेवा का अवसर हमारे जीवन में आया है। सामूहिक जीवन जीने की कला सीखने का यह अवसर है। आनंद एवं उत्साह का वातावरण हमें निर्माण करना है। सुख सुविधाओं को छोड़कर इस वर्ग में कार्यकर्ता बनने हेतु प्रशिक्षण लेने के लियें हम इस वर्ग में आये हैं।
श्री सिसौदिया ने आगे कहा कि हिन्दू संस्कृति क्या है ? हमारी भारतीय संस्कृति विविधता में एकता का दर्शन कराती है, कई आक्रमणों को झेलकर भी हम आज जीवित है। अनेकता में एकता का दर्शन भारतीय संस्कृति का मूल्य है। हमारी संस्कृति नीर्जिव वस्तुओं को भी देवता के समान मानती है। मिट्टी, नदी, पहाड़ इत्यादि पूजे जाते है। हम जब कोई नवीन वाहन या यंत्र, उपकरण भी खरीदते है तो भी उसका पूजन करते है। चारधाम यात्राऐं एवं तीर्थ यात्रा अपनत्व का भाव जागरण करने हेतु की जाती है। पूरे विश्व से सतायें एवं भगायें गये लोगों को भारत ने हमेशा संरक्षण दिया है और वह हमारे देश में सुख-चैन से रह भी रहे है। विश्व का कल्याण हो यह हम कहते ही नहीं अपितु आचरण से करके दिखाते हैं। सर्वे भवन्तु सुखिनः का भाव हमेशा हमारे मन में रहता है। इसीलिए कोराना काल के तहत वैक्सीन विदेशों में भी हमने पहुंचाई। आज विश्व में कई देश अपने स्वार्थ सिद्धी के लिए लड़ाई लड़ रहे है। धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष हमारे चार आधार है। हमारे चार आश्रम जिसके आधार पर जीवन चलायमान होता है। ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ एवं सन्यास 25-25 वर्ष का एक-एक आश्रम होता है। शरीर, मन, बुद्धि एवं आत्मा हमारे साधन है। हमारी रीति शोषण की नहीं दोहन की है। केवल पूजा भक्ति तक हमारी संस्कृति सीमित नहीं है यह जीवन जीने की कला है हमें इसका संरक्षण करना है।
वर्ग में उपस्थित शिक्षार्थियों से कहा संघ के स्वयंसेवक का होना ही अपने आप में भाग्यशाली पल है। इस वर्ग में कुछ सीखें, सीखने के बाद आप देश, परिवार, समाज, नगर, ग्राम के लिए कुछ कर पाए तभी यह वर्ग सार्थक सिद्ध हो पाएगा, क्योकि संघ का शिक्षा वर्ग कार्यकर्ताओ के निर्माण की साधना है।
इस वर्ग का समापन प्रकट कार्यक्रम के साथ 31 मई को सायं 6 बजे सरस्वती विहार प्रांगण संजीत रोड़, मन्दसौर में संपन्न होगा।

Address

Kila Gate Gwalior
Gwalior Industrial Area

Telephone

+918962637796

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Harsh*t the RSS supporter posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share