26/08/2026
शहरों में आवारा कुत्तों की पहचान और उनकी निगरानी के लिए QR Code आधारित डिजिटल पहचान की पहल शुरू की गई है। मुंबई और नवी मुंबई में कुत्तों के गले में QR कोड वाले ID टैग लगाए जाने के मामले सामने आ चुके हैं। QR कोड स्कैन करने पर कुत्ते की पहचान, रहने की लोकेशन, टीकाकरण, नसबंदी, मेडिकल जानकारी और उसके देखभाल करने वाले व्यक्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है। इसे आम बोलचाल में कुत्तों का ‘आधार कार्ड’ कहा जा रहा है, हालांकि यह सरकारी Aadhaar कार्ड नहीं है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला में भी नगर निगम ने आवारा कुत्तों के लिए QR Code और GPS आधारित स्मार्ट कॉलर की पहल की है। नगर निगम के अनुसार इससे कुत्तों की लोकेशन, स्वास्थ्य, नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण जैसी जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी। ऐसी व्यवस्था का उद्देश्य सिर्फ पहचान करना नहीं, बल्कि टीकाकरण, नसबंदी, कुत्तों की निगरानी और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित करना भी है।