26/07/2026
समस्या सुनी तो जाती है, लेकिन जमीन पर हालात जस के तस बने हुए हैं। आखिर क्या बिजली विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? क्या किसी की जान जाने के बाद ही विभाग की नींद खुलेगी? यह सवाल अब रोहुआ गांव के ग्रामीण उठा रहे हैं।
वैशाली जिले के जंदाहा प्रखंड अंतर्गत रोहुआ गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही अब ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। गांव के तीन अलग-अलग स्थानों पर बिजली व्यवस्था की बदहाल स्थिति स्थानीय लोगों और राहगीरों की जान पर भारी पड़ रही है। एक जगह करीब छह महीने से बिजली का तार सड़क पर खतरनाक तरीके से लटका हुआ है, जबकि दो स्थानों पर लगे ट्रांसफार्मर पूरी तरह झाड़ियों और जंगल से घिर चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश और खेती का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में किसानों की खेतों में आवाजाही लगातार बढ़ गई है। रोहुआ गांव के परसन पोखर के समीप खेत और सड़क के बीच लगे ट्रांसफार्मर को झाड़ियों ने पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है। इसी रास्ते से किसान और राहगीर प्रतिदिन गुजरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते झाड़ियों की सफाई नहीं कराई गई, शॉर्ट सर्किट के वजह से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
वहीं, रोहुआ हाई स्कूल परिसर के पास सड़क किनारे लगा ट्रांसफार्मर भी जंगल से घिरा हुआ है। इस रास्ते से रोजाना छोटे-छोटे स्कूली बच्चे गुजरते हैं और आसपास घनी आबादी भी है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
सबसे गंभीर स्थिति रोहुआ के वार्ड संख्या-5 में राम इकबाल राय के घर के पास है, जहां से गुजरने वाला बिजली का तार करीब छह महीने से नीचे लटका हुआ है। स्थानीय महिला सुशीला देवी बताती हैं कि जब भी कोई वाहन इस सड़क से गुजरता है, पहले लोगों को हाथ से तार ऊपर उठाना पड़ता है, तब जाकर वाहन निकल पाता है। यह स्थिति हर दिन लोगों की जान जोखिम में डाल रही है।
इन सभी समस्याओं की तस्वीरें जंदाहा के जूनियर इंजीनियर मनीष कुमार को व्हाट्सऐप पर भेजी गईं और फोन पर भी बात की गई। उन्होंने एक बार फिर जल्द समाधान का आश्वासन दिया। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह "जल्द" कब आएगा? ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी कई बार ऐसे ही आश्वासन मिले, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब देखना यह होगा कि बिजली विभाग इस बार सिर्फ आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है, या फिर लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समय रहते इन समस्याओं का समाधान करता है। क्योंकि यदि लापरवाही के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसके बाद की कार्रवाई किसी की जान वापस नहीं ला सकती।