21/02/2026
कोई काम छोटा नहीं होता और
काम से बड़ा कोई धर्म नहीं होता!
आज नवाबी रोड, डिग्री कॉलेज के पास एक छोटी-सी “पहाड़ी बारबर” शॉप में जाना हुआ। वहाँ मिले हमारे प्यारे छोटे भाई ललित मोहन कुड़ाईं से।
पिताजी का साया सिर से उठ चुका है, आर्थिक परिस्थितियाँ बेहद साधारण रही, लेकिन हौसला, जुनून और दूरदर्शिता असाधारण है! ललित पूरे आत्मसम्मान और मेहनत के साथ अपना स्वरोज़गार चला रहे हैं। उनकी सौम्यता और व्यवहार ने मन छू लिया।
प्यारे ललित, हमें तुम पर गर्व है।
मेहनत करते रहो, ईश्वर तुम्हें सफलता और खुशियाँ प्रदान करें। 🌸
नोट: - ललित को एक सहकर्मी की आवश्यकता है। यदि कोई पहाड़ी भाई उनके साथ कार्य करने का इच्छुक हो, तो कृपया मुझे संदेश करें।
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