02/10/2026
गांधीजी ने इस यात्रा के लिए केवल 78 सत्याग्रहियों का चयन किया. यह संख्या संयोग नहीं थी. प्रतिभागियों का चयन उनके चरित्र, अनुशासन, शारीरिक क्षमता और सत्याग्रह के प्रति प्रतिबद्धता के आधार पर किया गया. इनमें किसान, बुनकर, शिक्षक, आश्रमवासी और विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमि के लोग शामिल थे. अधिकांश प्रतिभागी साबरमती आश्रम के अनुशासित जीवन से परिचित थे. उन्हें लंबी पदयात्रा, सादा भोजन और कठिन परिस्थितियों में रहने का अनुभव था.
12 मार्च 1930 की सुबह साबरमती आश्रम के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र थे. महात्मा गांधी ने अपने हाथ में लाठी ली और 78 सत्य.....