16/06/2026
हिसार: पंजाब के रहने वाले बैंक मैनेजर रमनजीत की शिकायत पर अदालत ने तत्कालीन सीआइए इंचार्ज कप्तान सिंह समेत 11 पुलिस कर्मचारियों को समन भेजे हैं। अदालत ने समन भेजकर 16 जुलाई को तलब होने की बात कहीं है।
शिकायतकर्ता पंजाब के जिला संगरूर के सुनाम के रहने वाला है और वर्तमान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पानीपत में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।
16 दिसंबर 2017 को बैंक मैनेजर रमनजीत सिंह अपनी कार से रेड स्क्वायर मार्केट आए थे। वहां उनकी कार आरोपित आशीष उर्फ आशु की गाड़ी से टकरा गई। उस दौरान रमनजीत से कार में जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई कराने का वादा किया, लेकिन आशीष पुलिस थाना ले जाने की बात पर अड़ा रहा। उस समय आशीष ने फोन पर देख लेने की धमकी भी दी थी। दो दिन के बाद रमनजीत एक शोरूम में कार खरीदने के लिए आए। उनके पास करीब 3.35 लाख रुपये थे। सुबह करीब 11 बजे जीत धर्मकांटा के पास स्विफ्ट और बोलेरो गाड़ियों में सवार होकर आए आशीष, उसके पिता एएसआइ वीरेंद्र सिंह और अन्य साथियों ने रमनजीत की कार को घेर लिया। यह देखकर उसने कार अंदर से बंद कर दी। फिर आरोपियों ने कार पर ईंटें बरसाई। उसके बाद रमनजीत को जबरन कार से बाहर निकाला, उसके साथ मारपीट की और बोलेरो में डाल लिया। अपहरण के दौरान आरोपितों ने कहा पुलिस वाले के बेटे से लड़ने का इनाम मौत है। इसके बाद सीआइए स्टाफ ले गए। वहां पर मारपीट की और 90 हजार रुपये भी छीन लिए।
वारदात के समय रमनजीत का फोन चल रहा था तो उसके दोस्त अधिवक्ता वीरेंद्र को अपहरण की भनक लग गई। अधिवक्ता वीरेंद्र ने अपने दोस्त राज कुमार से बात की और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। फिर पुलिस हरकत में आई थी। पूरी वारदात पास की एक दुकान के सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसमें साफ दिख रहा है कि दो गाड़ियों ने पीड़ित की कार को रोका और फिर उसे जबरन गाड़ी में बैठाया।
पुलिस की जांच में खुद को फंसता देख वारदात वाले दिन रमनजीत के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस थाना में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत झूठा केस दर्ज उसे गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया। अदालत ने 15 दिसंबर 2022 को अदालत ने रमनजीत को बरी कर दिया था। अब इस मामले में अदालत ने आरोपित आशीष उर्फ आशु, बीरसेन, चेतन, एएसआइ वीरेंद्र सिंह, सीआइए इंचार्ज निरीक्षक कप्तान सिंह, एसआइ भूप सिंह, इएचसी सुनील, एएसआइ सत्यवान, सिपाही संदीप, एएसअइ धर्मवीर सिंह और सिपाही जयबीर सिंह के खिलाफ गलत तरीके से बंधक बनाना, अपहरण, जान से मारने की धमकी और पड़यंत्र रचने के तहत मुकदमा चलाने के लिए तलब किया है।