Poonam Bodh

Poonam Bodh जय भीम जय भारत

27/06/2026
27/06/2026

पगड़ी संभाल जट्टा का चानौत में जोरदार स्वागत 🚩
किसान आंदोलन की याद दिला गया ये जोश
जबरदस्त जोश

DPS News Haryana की Exclusive Report



25K Family से जुड़ने के लिए Page Follow करें 🔔

छत्तीसगढ़ के *कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र के कटकोना पंडोपारा गांव* में 14 जून को ये घटना हुई थी।*क्या हुआ था:*1. *प...
22/06/2026

छत्तीसगढ़ के *कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र के कटकोना पंडोपारा गांव* में 14 जून को ये घटना हुई थी।

*क्या हुआ था:*
1. *पीड़िता*: 35 साल की तारा बाई, जो मूल रूप से सूरजपुर जिले की रहने वाली हैं।
2. *आरोपी*: उसका पति जितेंद्र घसिया।
3. *आरोप*: पति ने बच्चों के सामने महिला के हाथ-पैर बांधकर मारपीट की, सिर का मुंडन कर दिया, चेहरे पर कालिख पोती, कपड़े फाड़े, जूते से मारा। जबरन पेशाब पिलाने का भी आरोप है।
4. *वीडियो*: पूरी घटना का वीडियो बनाया गया और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

*पुलिस कार्रवाई:*
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया। आरोपी पति *जितेंद्र घसिया को गिरफ्तार* कर लिया गया है और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

*वजह*: पति को पत्नी के चरित्र पर शक था। महिला पिछले 1 साल से पति से अलग रह रही थी।

*Here is the post you requested:*---*भरत तिवारी एनकाउंटर: भोजपुर में कानून का राज या पुलिस का खौफ?*17 जून 2026, बिलौटी ग...
21/06/2026

*Here is the post you requested:*

---
*भरत तिवारी एनकाउंटर: भोजपुर में कानून का राज या पुलिस का खौफ?*

17 जून 2026, बिलौटी गांव, शाहपुर, भोजपुर। सुबह 9 बजे गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल गया। जब धुआं छंटा तो 30 साल का भरत भूषण तिवारी खून से लथपथ पड़ा था। शाम होते-होते PMCH पटना में उसकी सांसें थम गईं।

*पुलिस की कहानी:*
भोजपुर SP के मुताबिक भरत हाथ में पिस्टल लेकर हवाई फायरिंग कर रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस और STF ने कई बार सरेंडर करने को कहा। नहीं माना तो आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। भरत के दोनों घुटने और जांघ में 4 गोलियां लगीं। मौके से एक पिस्टल, दो कारतूस, मैगजीन बरामद हुई।

पुलिस याद दिलाती है कि एक दिन पहले भरत का थानेदार पर पिस्टल तानते हुए वीडियो वायरल हुआ था। साथ ही पुलिस ने उसे मानसिक रूप से बीमार भी बताया था। एक साल पहले भी सरकारी काम में बाधा डालने पर गिरफ्तार हो चुका था।

*दूसरा पहलू: परिवार और गांव के सवाल*
बिलौटी गांव में मातम है। पिता काशीनाथ तिवारी, जो खुद पुलिस में चालक सिपाही रहे हैं, पूछ रहे हैं - "मेरा बेटा बीमार था, उसे गोली क्यों मारी?"

परिजनों का आरोप है कि भरत ने सरेंडर कर दिया था। सोशल मीडिया पर चल रहे कुछ वीडियो में भी सरेंडर के दौरान पिस्टल फेंकने की बात कही जा रही है। सवाल उठ रहा है कि जब पुलिस का मकसद सिर्फ काबू करना था तो पैर में गोली मारकर गिरफ्तार क्यों नहीं किया? घुटने और जांघ में 4 गोलियां क्यों दागी गईं?

गुस्साए लोगों ने शव को बक्सर-आरा मुख्य मार्ग पर रखकर घंटों जाम लगाया। "फर्जी एनकाउंटर" के नारे लगे।

*कानून क्या कहता है?*
सुप्रीम कोर्ट साफ कह चुका है: हर पुलिस एनकाउंटर के बाद मजिस्ट्रेट जांच अनिवार्य है। NHRC की गाइडलाइन के मुताबिक 48 घंटे में रिपोर्ट देनी होती है। पुलिस को आत्मरक्षा का अधिकार है, लेकिन बल प्रयोग "न्यूनतम और जरूरी" होना चाहिए।

*अब आगे क्या?*
1. क्या मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को काबू करने के लिए गोली ही आखिरी विकल्प था?
2. जब भरत फेसबुक लाइव कर रहा था, तो क्या उसे बातचीत से सरेंडर नहीं कराया जा सकता था?
3. 4 गोलियां सिर्फ पैर को जख्मी करने के लिए थीं या जान लेने के लिए?

भरत तिवारी अपराधी था या बीमार, इसका फैसला कोर्ट को करना था। पुलिस का काम गिरफ्तारी करना है, सजा देना नहीं। अगर हर गुनहगार का फैसला सड़क पर होने लगा तो फिर अदालतें किसलिए हैं?

बिहार में कानून का राज चाहिए, पुलिस का खौफ नहीं। भरत तिवारी को इंसाफ मिले, और पुलिस को भी जांच का सामना करने दिया जाए। क्योंकि न्याय सबके लिए बराबर है।


---

हजारों लोगों की भीड़ में किसी पर हमला करना कोई सामान्य बात नहीं है। यह एक ऐसा कदम है जिसके परिणाम हमलावर भी अच्छी तरह से...
17/06/2026

हजारों लोगों की भीड़ में किसी पर हमला करना कोई सामान्य बात नहीं है। यह एक ऐसा कदम है जिसके परिणाम हमलावर भी अच्छी तरह से जानता था।
अब सवाल जनता से है ?—
👉 क्या यह सिर्फ सुर्खियां बटोरने की कोशिश थी?
👉 कोई ऐसी मजबूरी थी जिसने उसे यह जोखिम उठाने पर मजबूर किया?
👉 या फिर इसके पीछे कोई और कहानी है जो अभी सामने नहीं आई?
अभिजीत दीपाके प्रकरण पर आपकी क्या राय है? कमेंट में बताएं

हिसार: पंजाब के रहने वाले बैंक मैनेजर रमनजीत की शिकायत पर अदालत ने तत्कालीन सीआइए इंचार्ज कप्तान सिंह समेत 11 पुलिस कर्म...
16/06/2026

हिसार: पंजाब के रहने वाले बैंक मैनेजर रमनजीत की शिकायत पर अदालत ने तत्कालीन सीआइए इंचार्ज कप्तान सिंह समेत 11 पुलिस कर्मचारियों को समन भेजे हैं। अदालत ने समन भेजकर 16 जुलाई को तलब होने की बात कहीं है।
शिकायतकर्ता पंजाब के जिला संगरूर के सुनाम के रहने वाला है और वर्तमान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पानीपत में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।
16 दिसंबर 2017 को बैंक मैनेजर रमनजीत सिंह अपनी कार से रेड स्क्वायर मार्केट आए थे। वहां उनकी कार आरोपित आशीष उर्फ आशु की गाड़ी से टकरा गई। उस दौरान रमनजीत से कार में जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई कराने का वादा किया, लेकिन आशीष पुलिस थाना ले जाने की बात पर अड़ा रहा। उस समय आशीष ने फोन पर देख लेने की धमकी भी दी थी। दो दिन के बाद रमनजीत एक शोरूम में कार खरीदने के लिए आए। उनके पास करीब 3.35 लाख रुपये थे। सुबह करीब 11 बजे जीत धर्मकांटा के पास स्विफ्ट और बोलेरो गाड़ियों में सवार होकर आए आशीष, उसके पिता एएसआइ वीरेंद्र सिंह और अन्य साथियों ने रमनजीत की कार को घेर लिया। यह देखकर उसने कार अंदर से बंद कर दी। फिर आरोपियों ने कार पर ईंटें बरसाई। उसके बाद रमनजीत को जबरन कार से बाहर निकाला, उसके साथ मारपीट की और बोलेरो में डाल लिया। अपहरण के दौरान आरोपितों ने कहा पुलिस वाले के बेटे से लड़ने का इनाम मौत है। इसके बाद सीआइए स्टाफ ले गए। वहां पर मारपीट की और 90 हजार रुपये भी छीन लिए।

वारदात के समय रमनजीत का फोन चल रहा था तो उसके दोस्त अधिवक्ता वीरेंद्र को अपहरण की भनक लग गई। अधिवक्ता वीरेंद्र ने अपने दोस्त राज कुमार से बात की और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। फिर पुलिस हरकत में आई थी। पूरी वारदात पास की एक दुकान के सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसमें साफ दिख रहा है कि दो गाड़ियों ने पीड़ित की कार को रोका और फिर उसे जबरन गाड़ी में बैठाया।

पुलिस की जांच में खुद को फंसता देख वारदात वाले दिन रमनजीत के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस थाना में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत झूठा केस दर्ज उसे गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया। अदालत ने 15 दिसंबर 2022 को अदालत ने रमनजीत को बरी कर दिया था। अब इस मामले में अदालत ने आरोपित आशीष उर्फ आशु, बीरसेन, चेतन, एएसआइ वीरेंद्र सिंह, सीआइए इंचार्ज निरीक्षक कप्तान सिंह, एसआइ भूप सिंह, इएचसी सुनील, एएसआइ सत्यवान, सिपाही संदीप, एएसअइ धर्मवीर सिंह और सिपाही जयबीर सिंह के खिलाफ गलत तरीके से बंधक बनाना, अपहरण, जान से मारने की धमकी और पड़यंत्र रचने के तहत मुकदमा चलाने के लिए तलब किया है।

*हांसी पुलिस का बड़ा एक्शन: सूरज हत्याकांड के मुख्य आरोपी गिरफ्तार**हांसी, 15 जून:* पुलिस अधीक्षक हांसी श्री विनोद कुमार...
15/06/2026

*हांसी पुलिस का बड़ा एक्शन: सूरज हत्याकांड के मुख्य आरोपी गिरफ्तार*

*हांसी, 15 जून:* पुलिस अधीक्षक हांसी श्री विनोद कुमार, आईपीएस के मार्गदर्शन में सीआईए-2 हांसी को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जोकी शोरूम के मैनेजर सूरज हत्याकांड के मुख्य आरोपी साहिल बामल व विकास मलिक को काबू कर लिया है।

सीआईए-2 इंचार्ज इंस्पेक्टर मनदीप कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी सेक्टर-5 हांसी के नजदीक स्थित क्वार्टरों में छिपे हैं। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी।

पुलिस को देखकर दोनों आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बिल्डिंग से छलांग लगा दी, जिससे उनके पैरों में चोटें आईं। इसके बावजूद पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को मौके पर ही दबोच लिया।

फिलहाल दोनों घायल आरोपियों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल हांसी में भर्ती करवाया गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

---

`

15/06/2026

#कॉकरोच_जनता_पार्टी के फाउंडर को युवकों ने थप्पड़ मारे जयपुर में शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन था समर्थकों ने भी हमलावरों को पीटा सही या गलत कमेंट में जरूर बताएं

हांसी में बड़सी गेट के पास छत पर लगा मोबाइल टावर नीचे गिरा, शहर में इंटरनेट सर्विस बाधित
15/06/2026

हांसी में बड़सी गेट के पास छत पर लगा मोबाइल टावर नीचे गिरा, शहर में इंटरनेट सर्विस बाधित

Address

Hansi
125033

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Poonam Bodh posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share