27/12/2025
#हनुमानगढ़ कल्याण भूमि में दो आधुनिक सी.सी. शेड का विधिवत शिलान्यास संपन्न
रणवां व सिंघल परिवार ने पितृ पुण्य स्मृति में दिया सामाजिक सहयोग का अनुकरणीय उदाहरण
हनुमानगढ़। श्री नीलकण्ठ महादेव सेवा प्रन्यास द्वारा संचालित कल्याण भूमि परिसर में दो आधुनिक सी.सी. शेड के निर्माण का शिलान्यास विधिवत वैदिक मंत्रोच्चारण एवं धार्मिक अनुष्ठान के साथ संपन्न हुआ। शिलान्यास समारोह धर्मपत्नी स्व. चौ. ओंकार राम रणवां एवं श्रीमती रेशमी देवी धर्मपत्नी स्व. श्री देवराज सिंघल के करकमलों से सम्पन्न कराया गया। इस अवसर पर धार्मिक वातावरण एवं श्रद्धा का भाव देखने को मिला।
प्रन्यास द्वारा संचालित कल्याण भूमि में निर्मित होने वाले इन दोनों सी.सी. शेड में से एक शेड का निर्माण श्री महावीर रणवां एवं श्रीमती शीला देवी द्वारा अपने पिता स्व. चौ. ओंकार राम रणवां की पुण्य स्मृति में करवाया जा रहा है। वहीं दूसरा शेड श्री संदीप सिंघल एवं श्रीमती मीनाक्षी देवी द्वारा अपने पिता स्व. श्री देवराज सिंघल की पुण्य स्मृति में निर्मित करवाया जा रहा है। इस अवसर पर दोनों पुण्यात्माओं की स्मृति में उपस्थितजनों द्वारा दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
श्री नीलकण्ठ महादेव सेवा प्रन्यास के अध्यक्ष श्री अश्वनी नारंग ने जानकारी देते हुए बताया कि रणवां परिवार एवं सिंघल परिवार का प्रन्यास के प्रति हमेशा से निरंतर सहयोग रहा है। दोनों परिवार सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा कार्यों में तन-मन-धन से योगदान देते आ रहे हैं। उन्होंने इस पुनीत कार्य के लिए दोनों परिवारों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और अन्य लोग भी प्रेरित होते हैं।
इस अवसर पर प्रन्यास के उपाध्यक्ष रामचन्द्र बाघला, सचिव चिमन मित्तल, सह-सचिव भीष्म कौशिक, कोषाध्यक्ष दीपक नारंग सहित सुरेन्द्र गाढ़ी, रत्ति राम शाक्य, विजय भूतना, महावीर शर्मा, सुरेश कुमार गुप्ता, श्रवण कुमार सहारण, मनोज अग्रवाल, जगदीश सिंह सतीजा एवं त्रिलोक सिंघला विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने इस सेवा कार्य की सराहना की और प्रन्यास की गतिविधियों की प्रशंसा की।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा कल्याण भूमि परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। शिलान्यास समारोह पंडित धर्मेन्द्र शास्त्री द्वारा पूर्ण विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ सम्पन्न कराया गया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।