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14/04/2026
जय भीम! 💙मैं बार-बार इसी एक विचार पर लौट आती हूँ...इस इंसान को दूसरों की तरह एक ही कुएँ से पानी पीने की इजाज़त नहीं थी। ...
14/04/2026

जय भीम! 💙

मैं बार-बार इसी एक विचार पर लौट आती हूँ...
इस इंसान को दूसरों की तरह एक ही कुएँ से पानी पीने की इजाज़त नहीं थी। जिस समाज में उसका जन्म हुआ था, उसी समाज ने उसके साथ इंसान से भी बदतर बर्ताव किया।
और फिर भी,
उसने उसी समाज को इतना कुछ दिया...

(सबसे महत्वपूर्ण बात हम आज के महिलाये जो महिला सशक्तिकरण "womens empowerment "की बात करते हैं उनको खुद नहीं पता की इसकी सुरुआत किसने की)

महिलाओं के लिए संपत्ति के समान अधिकार, गोद लेने का अधिकार, वोट देने का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, मैटरनिटी लीव (प्रसूति अवकाश), और तलाक़ व दोबारा शादी करने का कानूनी अधिकार।

उसने अपने दर्द को खुद को कड़वा नहीं बनाने दिया। उसने उस दर्द को खुद को और बड़ा बनाने का ज़रिया बनाया।

सच कहूँ तो, मैं डॉ. अंबेडकर के बारे में जितना ज़्यादा पढ़तीहूँ, उतना ही मुझे यह एहसास होता है कि हम उस एक इंसान के कितने ऋणी हैं—जिसके पास हार मान लेने की हर वजह मौजूद थी, लेकिन जिसने कभी हार नहीं मानी..


25/01/2026

#एकलड़की🦋
लड़कियाँ जब नौकरी करती हैं,
तो कोई तीर नहीं मारतीं...
वो बस अपने हिस्से की ज़िंदगी अपने नाम कर लेती हैं।

अपने कल को खुद संभाल लेती हैं,
अपने खर्च खुद उठाती हैं,
और चुपचाप मजबूत बन जाती हैं।
वो घमंडी नहीं होतीं,
बस इतना कहने की हिम्मत जुटा लेती हैं

"मैं कर लूंगी...

अपने दम पर।"

किसी के आगे हाथ नहीं फैलातीं,
किसी एहसान का बोझ नहीं रखतीं,
बस अपने होने का मान रखती हैं।
जब जेब में अपने पैसे होते हैं,
तो आवाज़ में थोड़ा भरोसा आ जाता है,
नज़रों में आत्मसम्मान झलकने लगता है।
फिर ताने कमज़ोर नहीं करते,

फिर बातें तोड़ नहीं पातीं।
क्योंकि जब एक लड़की अपने पैरों पर खड़ी होती है,
तो वो बोझ नहीं बनती....
वो रिश्तों में इज़्ज़त और बराबरी ले आती है।

#आत्मनिर्भर🧿

बेशक मैं -तुम्हारी ज़िंदगी का वो गुलाब नहीं जो तुम्हारी ज़िंदगी को महका देतेलेकिन हाँ....मैं तुम्हारी ज़िंदगी का वो पेड़ ज़रू...
09/11/2024

बेशक मैं -
तुम्हारी ज़िंदगी का वो गुलाब नहीं
जो तुम्हारी ज़िंदगी को महका देते

लेकिन हाँ....
मैं तुम्हारी ज़िंदगी का वो पेड़ ज़रूर थी
जिसकी छाँव में तुम अपने जीवन की हर तपिश से मुक्त हो सकते थे .....
अफ़सोस , तुम समझ न सके !! ✨

31/10/2024

Warmest wishes on Diwali!🪔🪔

Let us give a hearty welcome to Er Dev Singh, Priyanka Prajapati, and Bablu Kumar, my newest top fans. Your comments are...
26/09/2024

Let us give a hearty welcome to Er Dev Singh, Priyanka Prajapati, and Bablu Kumar, my newest top fans. Your comments are appreciated in welcoming them to our community, . Er Dev Singh Priyanka Prajapati Bablu Kumar

मां जब विदा होती हैं,दुनिया से,बच्चों के दिलों में न जाने कितनी बातें,दफन हो के रह जाती है.जो सिर्फ और सिर्फ..वो अपनी मा...
06/09/2024

मां जब विदा होती हैं,दुनिया से,
बच्चों के दिलों में न जाने कितनी बातें,
दफन हो के रह जाती है.जो सिर्फ और सिर्फ..
वो अपनी मां से बांट सकते थे.

कितने आंसू आंखो मे ही सूख जाते हैं,
जो सिर्फ मां के आंचल से पोछे जा सकते थे.
कई रातों का निवाला, और दिन की भूख रह जाती है....
जो मां के डांट से खिलाई जाती थी.

कई आंखों के सपने,
कई नींदे खाली-खाली रह जाती है.
जो मां की सुकून वाली गोद मांगती थी.

पूरा घर वही तो है
वो आंगन से बार बार आकर मुझे,
खोजती नजर .. नजर नहीं आती

कई बार स्वयं से ही प्रश्न करती हूं..
तुम क्या हो मां ......

प्यार है.. मन है.भाव है.
दुनिया है मां.. धरती है.. आसमान है.
एक जादू है..
जो रोते हुए को भी हंसाने की क्षमता रखती है ।।

जब जीवन में कुछ भी अप्रिय घटित हो,
यकीन दिलाती है कि,
दुनिया के हर खुशी तुम्हारे पास होगी ।।

"मां" तुम हार में जीत हो.
आस हो .. कभी ना खत्म होने वाला अटल विश्वास हो।

आपकी "बेटी" मर्म

Dear self...अपने आप को स्वीकारना सीखो तुम जैसी भी हो "बेहतरीन" हो....!मेरी डेयरी..✍️
09/08/2024

Dear self...
अपने आप को स्वीकारना सीखो
तुम जैसी भी हो "बेहतरीन" हो....!

मेरी डेयरी..✍️

कितना वक्त लगता हैं किसी के 'जाने' को स्वीकार करने में ?कितने वक़्त बाद हम सहज हो पाते हैं इस बात को मान लेने में की अब व...
30/05/2024

कितना वक्त लगता हैं किसी के 'जाने'
को स्वीकार करने में ?

कितने वक़्त बाद हम सहज हो पाते हैं
इस बात को मान लेने में की
अब वो हमारे साथ नहीं हैं ?
कितना वक्त लगता हैं मन के भीतर
बिखरी यादों को
सहेज कर आगे बढ़ने में ?

कितना वक्त लगता है टूटे दिल
की किरचियों को समेटने में ?

कितना वक्त लगता है
किसी की यादों की गहराई में
थाह ढूँढ लेने के बाद
बेमन वापस लौट जाने में ?

कितना वक्त लगता है
आत्मा को देह से निकलकर
महज़ एक याद बन जाने में ?

मेरा मन सवालों की पोटली लिए
फिर रहा इधर-उधर..
शायद कभी कोई जवाब टकरा जाए।

लेकिन तुम बताना मुझे की
कितना वक्त लगता है
किसी सवाल के जवाब हो जाने में ?

मेरी डायरी....✍️

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