16/03/2026
साहब पहुंचे तो उड़ गए होश: हरिद्वार में 'मिस्टर इंडिया' निकला आंगनवाड़ी केंद्र, बच्चे न गायब, मैडम भी नदारद!
हरिद्वार सरकारी फाइलों में बच्चे शोर मचा रहे थे और केंद्र धड़ल्ले से चल रहा था, लेकिन जब सोमवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) धर्मवीर सिंह मगरूमपुर के आंगनवाड़ी केंद्र तृतीय पर 'धमके', तो वहां का नजारा देख उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं। जिसे विभाग का केंद्र बताया जा रहा था, वहां न तो बच्चों की किलकारी थी और न ही मैडम का अता-पता। आलम यह था कि केंद्र ढूंढने से भी नहीं मिल रहा था, क्योंकि वहां कोई बोर्ड या निशान तक नहीं था—मानो केंद्र 'मिस्टर इंडिया' की घड़ी पहनकर गायब हो गया हो!
निरीक्षण के दौरान डीपीओ साहब खाली मकान की दीवारें ताकते रह गए। न आंगनवाड़ी कार्यकत्री मौजूद थीं और न ही सहायिका। जब जांच की आंच बढ़ी और खबर फैली, तो मैडम आनन-फानन में मौके पर पहुंचीं। पूछताछ हुई तो एक और 'बम' फूटा। पता चला कि केंद्र तो अभी ढंग से शुरू भी नहीं हुआ, लेकिन बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) साहब ने एक साल का किराया पहले ही डकार लिया है।
हैरानी की बात तो यह है कि यह 'लापरवाही का खेल' पुराना है। मोहतरमा पहले भी बिना छुट्टी लिए गायब पाई गई थीं, लेकिन इस बार तो पूरा केंद्र ही कागजों की भूलभुलैया में चलता मिला। अब डीपीओ धर्मवीर सिंह ने तेवर कड़े कर लिए हैं और साफ कर दिया है कि इस 'कागजी मायाजाल' के पीछे जो भी खिलाड़ी हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। देखना होगा कि बच्चों के हक के निवाले और किराए पर कुंडली मारकर बैठे इन जिम्मेदारों पर प्रशासन का डंडा कब चलता है।