Ram Kumar Maurya

Ram Kumar Maurya video creater

कमर दर्द, सर्वाइकल और चारपाई ( खाट)ये समझिए कि हमारे पूर्वज वैज्ञानिक थेसोने के लिए खाट हमारे पूर्वजों की सर्वोत्तम खोज ...
28/09/2023

कमर दर्द, सर्वाइकल और चारपाई ( खाट)

ये समझिए कि हमारे पूर्वज वैज्ञानिक थे
सोने के लिए खाट हमारे पूर्वजों की सर्वोत्तम खोज है क्या हमारे पूर्वजों लकड़ी को चीरना नहीं जानते थे!, वे भी लकड़ी चीरकर उसकी पट्टियाँ बनाकर डबल बेड बना सकते थे डबल बेड बनाना कोई रॉकेट साइंस नहीं था

लकड़ी की पट्टियों में कीलें ही ठोंकनी होती हैं चारपाई भी भले कोई सायंस नहीं है , लेकिन एक समझदारी है कि कैसे शरीर को अधिक आराम मिल सके चारपाई बनाना एक कला है उसे रस्सी से बुनना पड़ता है और उसमें दिमाग और श्रम लगता है।

जब हम सोते हैं , तब सिर और पांव के मुकाबले पेट को अधिक खून की जरूरत होती है क्योंकि रात हो या दोपहर में लोग अक्सर खाने के बाद ही सोते हैं पेट को पाचनक्रिया के लिए अधिक खून की जरूरत होती है। इसलिए सोते समय चारपाई की जोली ही इस स्वास्थ का लाभ पहुंचा सकती है

दुनिया में जितनी भी आराम कुर्सियां देख लें सभी में चारपाई की तरह जोली बनाई जाती है बच्चों का पुराना पालना सिर्फ कपडे की जोली का था लकडी का सपाट बनाकर उसे भी बिगाड़ दिया गया,चारपाई पर सोने से कमर और पीठ का दर्द का दर्द कभी नही होता है दर्द होने पर चारपाई पर सोने की सलाह दी जाती है

डबलबेड के नीचे अंधेरा होता है, उसमें रोग के कीटाणु पनपते हैं, वजन में भारी होता है तो रोज-रोज सफाई नहीं हो सकती चारपाई को रोज सुबह खड़ा कर दिया जाता है और सफाई भी हो जाती है, सूरज का प्रकाश बहुत बढ़िया कीटनाशक है खाट को धूप में रखने से खटमल इत्यादि भी नहीं लगते हैं

अगर किसी को डॉक्टर Bed Rest लिख देता है तो दो तीन दिन में उसको English Bed पर लेटने से Bed -Soar शुरू हो जाता है भारतीय चारपाई ऐसे मरीजों के बहुत काम की होती है चारपाई पर Bed Soar नहीं होता क्योकि इसमें से हवा आर पार होती रहती है

गर्मियों में Bed मोटे गद्दे के कारण गर्म हो जाता है इसलिए AC की अधिक जरुरत पड़ती है जबकि चारपाई पर नीचे से हवा लगने के कारण गर्मी बहुत कम लगती है
बान की चारपाई पर सोने से सारी रात Automatically सारे शारीर का Acupressure होता रहता है

हमारी देशी ‘चारपाई’ की उपयोगिता और गुण के समझते हुए अमेरिकी कंपनीयां विदेश में 1 लाख रुपये से ज्यादा में इसे बेच रही पर हम इसके गुणों को अनदेखा कर बेड पर लेट कर हज़ारों बीमारियाँ ले रहे और अपनी ही किफ़ायती गुणकारी चीज़ों विदेशों में जाकर उनके मनचाहे पे अपनी देशी चीजें ख़रीद रहे!

18/09/2022

60 लड़कियों में से किसी का MMS दिखे तो बिना फॉरवर्ड किए डिलीट कर देना.... 🙏

एक सच्चा सनातनी मासूमों का अपमान नही होने देगा विश्वास है मेरा....ये अजमेर पार्ट2 करने का चक्कर है ….🙏🙏

इतना तो हम और आप कर ही सकते हैं उन बच्चियों के लिए....

😔

#चंडीगढ़

16/09/2022

#समोसे_का_जन्म_कैसे_हुआ?

समोसा दक्षिण एशिया का एक लोकप्रिय व्यंजन है। इस लज़ीज़ त्रिभुजाकार व्यंजन को आटा या मैदा के साथ आलू के साथ बनाया जाता है और चटनी के साथ परोसा जाता है। ऐसा माना जाता है कि समोसे की उत्पत्ति उत्तरी भारत में हुई ऑर फिर यह धीरे-धीरे पूरे भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित आस-पास के क्षेत्रों में भी काफी लोकप्रिय हुआ। यह भी माना जाता है कि समोसा मध्यपूर्व से भारत आया और धीरे-धीरे भारत के रंग में रंग गया। कुछ इतिहासकारों का कहना है कि दसवीं शताब्दी में मध्य एशिया में समोसा एक व्यंजन के रूप में सामने आया था। 13-14वीं शताब्दी में व्यापारियों के माध्यम से समोसा भारत पहुँचा। महान कवि अमीर खुसरो (1253-1325) ने एक जगह जिक्र किया है कि दिल्ली सल्तनत में उस दौरान स्टड मीट वाला घी में डीप फ्राई समोसा शाही परिवार के सदस्यों व अमीरों का प्रिय व्यंजन था। १४ वीं शताब्दी में भारत यात्रा पर आये इब्नबतूता ने मो0 बिन तुगलक के दरबार का वृतांत देते हुए लिखा कि दरबार में भोजन के दौरान मसालेदार मीट, मंूगफली और बादाम स्टफ करके तैयार किया गया लजीज समोसा परोसा गया, जिसे लोगों ने बड़े चाव से खाया। यही नहीं 16वीं शताब्दी के मुगलकालीन दस्तावेज आईने अकबरी में भी समोसे का जिक्र बकायदा मिलता है।
समोसे का यह सफर बड़ा निराला रहा है। समोसे की उम्र भले ही बढ़ती गई पर पिछले एक हजार साल में उसकी तिकोनी आकृति में जरा भी परिवर्तन नहीं हुआ। आज समोसा भले ही शाकाहारी-मांसाहारी दोनों रूप में उपलब्ध है पर आलू के समोसों का कोई सानी नहीं है और यही सबसे ज्यादा पसंद भी किया जाता है। इसके बाद पनीर एवं मेवे वाले समोसे पसंद किये जाते हैं। अब तो मीठे समोसे भी बाजार में उपलब्ध हैं। समोसे का असली मजा तो उसे डीप फ्राई करने में है, पर पाश्चात्य देशों में जहाँ लोग कम तला-भुना पसंद करते हैं, वहां लोग इसे बेक करके खाना पसंद करते हैं। भारत विभिन्नताओं का देश है, सो हर प्रांत में समोसे के साथ वहाँ की खूबियाँ भी जुड़ती जाती हैं। उ0प्र0 व बिहार में आलू के समोसे खूब चलते हैं तो गोवा में मांसाहारी समोसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। पंजाबी समोसा खूब चटपटा होता है तो चाइनीज क्यूजीन पसंद करने वालों के लिए नूडल्स स्टड समोसे भी उपलब्ध हैं। बच्चों और बूढ़ों दोनों में समोसे के प्रति दीवानगी को भुनाने के लिए तमाम बहुराष्ट्रीय कम्पनियां इसे फ्रोजेन फूड के रूप प्रयुक्तकर पेशकर रही हैं!
समोसा अनेक रूपा है .इसको ऑक्सफोर्ड शब्द कोष में प्रवेश मिला हुआ है .अब यह विविध रूपों में एक आलमी व्यंजन है .

13/09/2022

क्या आपने कभी हिसाइयो द्वारा अपने ईश्वर के लिए प्रयुक्त किया जाने वाला शब्द GOD शब्द पर गौर किया है ..???

क्योंकि, जब आप उनके अपने आराध्य के लिए प्रयुक्त किये जाने वाले शब्द GOD पर गौर करेंगे तो आप आश्चर्य से भर जाएँगे..!

इसका कारण ये है कि हिसाइयों द्वारा प्रयुक्त ये शब्द कोई नया शब्द नहीं है...
बल्कि, हमारे आध्यात्मिक मान्यता से "चोरी" किया गया है....

और, GOD शब्द और कुछ नहीं...
बल्कि, हमारे अराध्य त्रिदेव का ""अंग्रेजी एवं छोटा रूप"" (Short form) है...!

दरअसल बात कुछ ऐसी है कि..... जब हमारा सनातन धर्म पूरे विश्व में विजय पताका फहरा रहा था......
और, हमारे यहाँ रेशमी वस्त्र बनाये एवं पहने जा रहे थे.. उस समय तक.. पश्चिमी और आज के तथाकथित रूप आधुनिक कहे जाने वाले देशों के लोग... जंगलों में नंग-धडंग रहा करते थे...

उस समय जब हमारे हिंदुस्तान के व्यापारियों ने... व्यापार के सिलसिले में.... देशों की सीमाओं को लांघना शुरू किया ...
तब, उन पश्चिमी लोगों को समाज की स्थापना और ईश्वर की अवधारणा के बारे में पता चला....!

इसके बाद तो उस समय भारत के उन्नत एवं विकसित समाज को देख कर उनकी आँखें फटी रह गई....!

खोजबीन करने पर उन्हें ये मालूम चला कि... भारत (हिन्दुओं) के इस उन्नत समाज और सर्वंगीन विकास का प्रमुख आधार उनका ""भगवान पर अटूट श्रद्धा और भक्ति"" है.

ये राज की बात पता चलते ही .... पश्चिमी देशों के लोगों ने भी...... हमारे हिंदुस्तान के भगवान को आधार बना कर... उन्होंने अपना एक नया ही भगवान खड़ा कर लिया (जिस प्रकार कालांतर में महामद ने पिस्लाम को खड़ा किया).

इसके लिए उन्होंने... झीसस अर्थात..... हिसा मसी की प्रेरणा.... भगवान श्री कृष्ण से ली....
( क्योंकि, भगवान राम की कॉपी करने पर उन्हें भी नया रावण और नए लंका का निर्माण करना पड़ जाता ... जो कि काफी दुश्कर कार्य होता)

शायद आपने कभी गौर नहीं किया है कि.... हिसा मसी और भगवान कृष्ण में कितनी समानता है....!

1 . भगवान कृष्ण की ही तरह..... हिसा मसी का भी.... जन्म रात में बताया गया है.
2 . भगवान कृष्ण की ही तरह .... हिसा मसी भी... भेड़ बकरियां चराया करते थे....!
3 . भगवान कृष्ण की ही तरह... हिसा मसी को भी... जन्म देने वाली माँ ने नहीं बल्कि दूसरी माँ ने पाला.
4 . भगवान कृष्ण की ही तरह... हिसा मसी के कथन को भी... बाईबल कहा गया...
(भगवान कृष्ण के कथन को श्रीभगवत गीता कहा गया है)
5 . हमारे हिन्दू धर्म की ही तरह.. बाईबल में भी दुनिया में प्रलय ..... जलमग्न होकर होना... बताया गया है.

अब उन्होंने नया भगवान तो बना लिया...
लेकिन, उन्हें संबोधित करने का तरीका भी उन्हें नहीं आता था..
और, ईश्वर के लिए उतना लम्बा-चौड़ा परिचय लोगों के समझ से बाहर हो गया.

जिस कारण.... उन्होंने एक बार फिर.... हमारे हिन्दू धर्म की मुंह ताकना शुरू किया .....
और, यहाँ उन्हें उनका जबाब मिल गया.

हमारे हिन्दू धर्म में तीन प्रमुख देवता हैं.....
१. रचयिता... अर्थात ....... ब्रह्मा ..!
२. पालनकर्ता .. अर्थात .. विष्णु ...! और ,
३. संहार कर्ता .. अर्थात ..... शिव...!

बस, फिर क्या था....

उन्होंने, हमारी इस विचारधारा को ... पूरी तरह जस के तस कॉपी कर लिया...
और, उन्होंने अंग्रेजी में अपने ईश्वर को GOD बुलाना शुरू किया.

GOD अर्थात....

G : Generator....
(सृष्टि Generate करने वाला.. अर्थात.... रचयिता )
O : Operator.....
( सृष्टि को Operate करने वाला .... अर्थात... पालनकर्ता )
D : Destroyer...
( सृष्टि को destroy करने वाला.... अर्थात... संहार कर्ता..)

सिर्फ इतना ही नहीं....
बल्कि, हमारे ""कृष्णनीति"' को वे ..... अपनी सभ्यता के हिसाब से ""क्रिस्चैनिटी"".... बुलाने लगे.... !

अब, एक साथ दोनों में इतनी सारी समानता का होना तो कोई संयोग मात्र नहीं हो सकता है.

और, ये बताने की आवश्यकता नहीं है कि पानी हमेशा ऊपर से नीचे की ओर बहती है..

अर्थात... कॉपी हमेशा पुराने की चीज की होती है..

इसीलिए... हो न हो... उनका ये GOD शब्द उनकी कोई खोज नहीं बल्कि हमारी धार्मिक मान्यता और आस्था की चोरी मात्र है.

इसीलिए तो मैं हमेशा से ये कहता हूँ कि.....
दुनिया में "हिन्दू सनातन धर्म" को छोड़ कर बाकी सारे धर्म या तो चोरी कर बनाये गए है.....
या फिर... उनकी सिर्फ मान्यता है.

तथा, हमारा हिन्दू सनातन धर्म ही..... ""सभी धर्मों की जननी है"" और, ""अनादि.... अनंत... निरंतर""..... है.

हालांकि, अभी हाल के कुछेक सौ वर्षों में कुछ गलत नीतियों और व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण हिन्दू सनातन धर्म की काफी हानि हुई है..

फिर भी... अपने हिन्दू सनातन धर्म की वैज्ञानिकता एवं समय के साथ खुद को अपग्रेड कर लेने की क्षमता के कारण अपने दुश्मनों को ये कहना बेहद उचित है कि...

मेरा पानी उतरता देख,
मेरे किनारे पर घर मत बना लेना...
मैं समुंदर हूं,
लौट कर वापस आउंगा..
और, फिर से पूरे विश्व पर उसी क्षण के साथ छा जाऊँगा.

जय सनातन धर्म...!!
जय महाकाल...!!!🚩

09/09/2022

किसी के भरोसे मत रहो
अकेला चलना सीखो ।जिंदगी।
में कब गम हो कब खुशी हो अपना ही तजुर्बा करना
।।सीखो।।

08/09/2022
08/09/2022

(हिंदुओं के घर मे कैसे बोया जाता है बगावत का जहर)

नीचे कुछ TV सीरियल्स के नाम और उनके लीड कॅरेक्टर दिए जा रहे है....

सीरियल 1 - दिया बाती और हम,
कलाकार- सूरज (असली नाम अनस राशिद)

सीरियल 2 - साथ निभाना साथिया
कलाकार- अहम मोदी (असली नाम मोहम्मद नाजिम)

सीरियल 3 - नव्या
कलाकार- आनंद (असली नाम शहीर शेख)

सीरियल 4 - पवित्र रिश्ता
कलाकार- दिग्विजय किर्लोस्कर
(असली नाम नावेद असलम)

सीरियल 5 - ये रिश्ता क्या कहलाता है
कलाकार- नक्ष (असली नाम शहजाद शेख)
अखिलेश (असली नाम अली हसन)
कार्तिक (असली नाम मोहसिन खान)

सीरियल 6 - यह है चाहतें कलाकार रूद्र खुराना ( असली नाम अबरार काजी)

आने वाला सीरियल 7-हीरो शोएब इब्राहिम ( दीपिका कक्कड का शौहर ) और हीरोइन आयुशी खुराना

जरा सोचिए की, तमाम लोकप्रिय सीरियल्स में, मुख्य किरदार मुस्लिम लड़का ही क्यों है ?

जबकि सारी सीरियल्स हिंदू पृष्ठभूमि पर होते है...

आखिर क्यों सभी सिरियल्स में, सारे लड़के मुस्लिम और सारी लड़कियां हिंदू हैं ?

हिंदू लड़के क्यों नहीं हैं...

हिंदू लड़कियों में, जो कुतर्की ज्ञान बॉलीवूड और टीवी सीरियल द्वारा दिया जाता है, उससे सिर्फ “ लव जिहाद “ ही होता हैं...

मुझे तो लगता है कि स्टार चैनल सभी चाहे गोल्ड उत्सव प्लस स्टार के सभी चैनल्स “लव जिहाद “ को ही बढ़ावा दे रहे

और स्टार नाम से ही लगता है कि कोई जिहादी का ही चैनल से

अतः इस बात को गहराई से सोचकर सावधान और सतर्क हो जाइए....!!

इन सीरियलो का सीधा आपके घर में बहन, बेटियो बहुओं पर है। बाकी आप समझदार हो।

 #मैं बहुत सोचती हूं पर  #उत्तर नहीं मिलता, आप भी इन प्रश्नों पर गौर करना कि...१. जिस  #सम्राट के नाम के साथ संसार भर के...
20/08/2022

#मैं बहुत सोचती हूं पर #उत्तर नहीं मिलता, आप भी इन प्रश्नों पर गौर करना कि...

१. जिस #सम्राट के नाम के साथ संसार भर के इतिहासकार “महान” शब्द लगाते हैं...

२. जिस सम्राट का राज चिन्ह अशोक #चक्र भारत देश अपने झंडे में लगता है.....

३.जिस सम्राट का राज चिन्ह चारमुखी शेर को भारत देश राष्ट्रीय प्रतीक मानकर सरकार चलाती है और #सत्यमेव जयते को अपनाया गया।

४. जिस देश में #सेना का सबसे बड़ा युद्ध सम्मान सम्राट अशोक के नाम पर #अशोक चक्र दिया जाता है ...

५. जिस सम्राट से पहले या बाद में कभी कोई ऐसा राजा या सम्राट नहीं हुआ, जिसने #अखंड भारत (आज का नेपाल, बांग्लादेश, पूरा भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान) जितने बड़े भूभाग पर एक छत्री #राज किया हो ...

६. जिस सम्राट के शासन काल को विश्व के बुद्धिजीवी और इतिहासकार भारतीय इतिहासका सबसे #स्वर्णिम काल मानते हैं ...

७. जिस सम्राट के शासन काल में भारत #विश्व गुरु था, सोने की चिड़िया था, जनता खुशहाल और भेदभाव रहित थी ...

८. जिस सम्राट के शासन काल #जी टी रोड जैसे कई हाईवे रोड बने, पूरे रोड पर पेड़ लगाये गए, सराये बनायीं गईं इंसान तो इंसान जानवरों के लिए भी प्रथम बार हॉस्पिटल खोले गए, जानवरों को मारना बंद कर दिया गया ...

ऐसे महान सम्राट #अशोक कि #जयंती उनके अपने देश भारत में #क्यों नहीं मनायी जाती, न कि कोई #छुट्टी घोषित कि गई है अफ़सोस जिन लोगों को ये जयंती मनानी चाहिए, वो लोग अपना #इतिहास ही नहीं जानते और जो जानते हैं.. वो मानना नहीं #चाहते ।

1. जो जीता वही चंद्रगुप्त ना होकर जो जीता वही सिकन्दर “कैसे” हो गया… ? (जबकि ये बात सभी जानते हैं कि…
सिकंदर की सेना ने चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रभाव को देखते हुये ही लड़ने से मना कर दिया था.. बहुत ही बुरी तरह मनोबल टूट गया था… जिस कारण , सिकंदर ने मित्रता के तौर पर अपने सेनापति सेल्युकश कि बेटी की शादी चन्द्रगुप्त से की थी)

2. #महाराणा प्रताप ”महान”
ना होकर ... अकबर ”महान” कैसे हो गया…? जबकि, अकबर अपने हरम में हजारों लड़कियों को रखैल के तौर पर रखता था ... यहाँ तक कि उसने अपनी बेटियो और बहनोँ की शादी तक पर प्रतिबँध लगा दिया था जबकि.. महाराणा प्रताप ने अकेले दम पर उस अकबर के #लाखों की सेना को घुटनों पर ला दिया था)

3. #सवाई जय सिंह को “महान वास्तुप्रिय” राजा ना कहकर शाहजहाँ को यह उपाधि किस आधार मिली.. ? जबकि… साक्ष्य बताते हैं कि…. जयपुर के #हवा महल से लेकर तेजोमहालय {ताजमहल} तक …. महाराजा जय सिंह ने ही बनवाया था.!

4. जो स्थान महान #मराठा क्षत्रिय वीर शिवाजी को मिलना चाहिये वो … क्रूर और आतंकी औरंगजेब को क्यों और कैसे मिल गया ..?

5. #स्वामी विवेकानंद और आचार्य
चाणक्य की जगह… गांधी को महात्मा बोलकर … हिंदुस्तान पर क्यों #थोप दिया गया…?

6. तेजोमहालय- ताजमहल ..लालकोट- लाल किला .. फतेहपुर सीकरी का देव महल- बुलन्द दरवाजा ... एवं सुप्रसिद्ध गणितज्ञ वराह मिहिर की मिहिरावली(महरौली) स्थित वेधशाला- कुतुबमीनार .. क्यों और #कैसे हो गया ...?

7. यहाँ तक कि….. राष्ट्रीय गान भी… संस्कृत के #वन्दे मातरम की जगह गुलामी का #प्रतीक जन-गण-मन हो गया है कैसे और क्यों हो गया ..?

8. और तो और…. हमारे आराध्य भगवान् राम.. कृष्ण तो इतिहास से कहाँ और कब गायब हो गये पता ही नहीं चला … #आखिर कैसे ?

9. यहाँ तक कि…. हमारे आराध्य भगवान राम की जन्मभूमि पावन अयोध्या … भी कब और कैसे #विवादित बना दी गयी… हमें पता तक नहीं चला…
कहने का मतलब ये है कि… हमारे दुश्मन सिर्फ….बाबर, गजनवी, लंगड़ा तैमूरलंग ...ही नहीं हैं … बल्कि आज के सफेदपोश #सेक्यूलर भी हमारे उतने ही बड़े #दूश्मन हैं…. जिन्होंने हम हिन्दुओं के अन्दर हीन भाबना का उदय कर सेकुलरता का बीज #उत्पन्न किया ..🙄🙄🤔🤔

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