20/04/2026
📰 रुड़की में श्री राधा गोविंद नर नारायण सेवा ट्रस्ट की विशेष बैठक सम्पन्न
रुड़की। श्री राधा गोविंद नर नारायण सेवा ट्रस्ट की एक विशेष बैठक आज रुड़की में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के संस्थापक एवं अध्यक्ष अनुराग कृष्ण प्रभु जी ने की। बैठक में ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी धार्मिक, सामाजिक एवं सेवा कार्यों की रूपरेखा तैयार करना रहा। इस दौरान धार्मिक यात्राओं एवं भंडारों के आयोजन, जरूरतमंद लोगों की सहायता हेतु योजनाओं, ट्रस्ट के विस्तार तथा समाज में अध्यात्म एवं जागरूकता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 🛕 11 श्रीमद् भागवत कथाओं के संकल्प की श्रृंखला में चतुर्थ श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन आगामी 11 जून 2026 को किया जाएगा।
ट्रस्ट के सचिव अनिल शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा लोगों को सेवा और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में सहभागिता का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने शीघ्र ही “श्री राधे गोविंद कामधेनु गौशाला, हरिद्वार” के संचालन का प्रस्ताव भी रखा।
बैठक में “श्री राधे गोविंद धाम” के निर्माण एवं विकास को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।
ट्रस्ट के खेल प्रकोष्ठ के सचिव विपिन चौधरी ने युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक करने एवं प्रतियोगिताओं के आयोजन पर जोर दिया। वहीं विधि प्रकोष्ठ के सचिव वरिष्ठ अधिवक्ता असजद भारती ने ट्रस्ट के कार्यों को विधि सम्मत एवं पारदर्शी रूप से संचालित करने तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करने की बात कही।
संस्कृति प्रकोष्ठ की सचिव एवं मुख्य कोषाध्यक्ष प्रिया कृष्ण ने भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार पर बल दिया।
अध्यक्ष अनुराग कृष्ण प्रभु जी ने कहा कि आगामी कार्यक्रमों के सफल संचालन हेतु शीघ्र ही कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक महिलाओं एवं युवाओं को जोड़ा जाएगा।
बैठक में राहुल धीमान, राकेश शर्मा, रिंकू पांडे, अंजलि, अनीता, प्रिया गुप्ता, सलीम, अर्चना, दिनेश, लक्ष्मी, जावेद, नजराना, सीमा, समीर, महवीश, आयशा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने समाज सेवा एवं धर्म कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।