24/11/2025
श्री खेताराम ताराराम परियारिया, जो साहित्यिक संसार में “परिमल कुमार” के नाम से प्रसिद्ध हैं, एक संवेदनशील कवि, रचनाकार और गहन विचारों वाले लेखक हैं। वर्तमान में वे ‘सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष’ के पद पर कार्यरत हैं और ज्ञान-साधना को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा मानते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियाँ अत्यंत प्रभावशाली हैं—M.COM, M.LIB & I.SC, UGC-NET, MS-SET, GDC&A, ATD, तथा CIIL-DIL जैसी योग्यताएँ उनके अध्ययन-प्रेम, लगन और बहुआयामी ज्ञान का प्रमाण देती हैं।
साहित्य, शिक्षा और समाज—इन तीनों आयामों के सुंदर संगम से परिमल कुमार ने अपनी अलग पहचान स्थापित की है। उनके अनुभवों की गहराई, सूक्ष्म अवलोकन और सहज परंतु प्रभावशाली अभिव्यक्ति उनकी रचनाओं को पाठकों से सीधे जोड़ती है। एक लेखक, कवि और शिक्षाविद के रूप में वे शब्दों के माध्यम से समाज में जागरूकता, संवेदनशीलता और सकारात्मक परिवर्तन लाने को अपना उद्देश्य मानते हैं।
साक्षात्कार के दौरान लेखक ने अपने साहित्यिक सफर, अनुभवों और प्रेरणाओं को बड़े सहज भाव से हमारे साथ साझा किया। हमें विश्वास है कि पाठकों को परिमल कुमार के साथ यह विशेष बातचीत अवश्य पसंद आएगी।
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https://www.authorswiki.com/authors-interview/gulmohar-kavita-sangrah-ke-lekhak-evam-kavi-parimal-kumar-se-vishesh-samvaad/
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