20/06/2026
"खान का यह अपराध माफी योग्य नहीं है। अगर आरोप सही साबित होते हैं तो पूरी जिंदगी जेल में गुजर जाए, तब भी यह अपराध छोटा नहीं माना जाएगा।"
यह बात वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर लिखी है। उन्होंने दावा किया है कि खान सर द्वारा सम्मानित किए गए कुछ लोगों की पहचान और उपलब्धियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
संतोष सिंह के अनुसार, जिस व्यक्ति को सीओ बताकर सम्मानित किया गया था, वह कथित रूप से उस पद पर नहीं था। वहीं देवघर के एक युवक को आयकर अधिकारी बताकर सम्मानित किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। उनका दावा है कि परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित युवक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) के रूप में कार्य करता है।
उन्होंने नीरज तिवारी को सैन्य अधिकारी बताकर सम्मानित किए जाने पर भी प्रश्न उठाए हैं। संतोष सिंह का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों और तारीखों के आधार पर कई तथ्यों की जांच आवश्यक है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मामले को लेकर एक सैन्य अधिकारी से बातचीत हुई है और यदि आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो कानूनी कार्रवाई की मांग की जा सकती है।
संतोष सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि समाज में लाखों युवा शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों पर भरोसा करते हैं, इसलिए किसी भी व्यक्ति की उपलब्धि या पद का प्रचार-प्रसार करने से पहले तथ्यों का सत्यापन होना चाहिए।
हालांकि, इन सभी आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब और किसी भी जांच एजेंसी का आधिकारिक निष्कर्ष आना अभी बाकी है। अंतिम सत्य जांच और प्रमाणित तथ्यों के आधार पर ही तय होगा।