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NEET के ख़िलाफ़ कॉकरचों के प्रदर्शन में शामिल हुई अध्यापिका सुलेखा दलाल का निलंबन सरकार ने वापस लिया
12/06/2026

NEET के ख़िलाफ़ कॉकरचों के प्रदर्शन में शामिल हुई अध्यापिका सुलेखा दलाल का निलंबन सरकार ने वापस लिया

हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कुरुक्षेत्र के एक अस्पताल में ऑन-ड्य...
10/06/2026

हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कुरुक्षेत्र के एक अस्पताल में ऑन-ड्यूटी स्टाफ को फटकार लगाने के दौरान उनके द्वारा दिए गए एक विवादित बयान के बाद यह पूरा घटनाक्रम सामने आया है। हालांकि, उनके इस्तीफे के बावजूद नर्सिंग एसोसिएशन का गुस्सा शांत नहीं हुआ है और वे अब भी सार्वजनिक माफी और कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़ी हुई हैं।

​विवाद की वजह: कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल में एक लड़की से रेप की घटना के बाद रेणु भाटिया 7 जून को वहां का दौरा करने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ और प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ. साराह अग्रवाल को जमकर फटकार लगाई।

​विवादित बयान: फटकार लगाते हुए भाटिया ने सीनियर नर्सिंग ऑफिसर अनीता से कहा:
​"क्या आपकी भी बेटी है, छोड़ू उसे किसी के साथ 15 मिनट एक कमरे में, फिर इस बच्ची को अकेला कैसे छोड़ दिया गया।"
​नर्सों का विरोध: इस बयान को नर्सों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला माना गया, जिसके विरोध में बुधवार सुबह पंचकूला में नर्सें हड़ताल पर बैठ गईं। हालांकि, बाद में एसोसिएशन की बैठक के बाद हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया।

​कानूनी कार्रवाई और FIR पर अड़ीं नर्सें
​हरियाणा नर्सिंग एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष विनीता ने दैनिक भास्कर से बातचीत में साफ किया कि केवल इस्तीफे से बात नहीं बनेगी:
​सार्वजनिक माफी की मांग: एसोसिएशन का कहना है कि जब तक रेणु भाटिया सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगतीं, तब तक उनका आंदोलन और विरोध अलग-अलग रूपों में जारी रहेगा।

​मानहानि और FIR: विनीता के मुताबिक, "हमने फैसला लिया है कि रेणु भाटिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम मानहानि का केस दायर करने के साथ-साथ उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।"
​सुरक्षा पर भी उठे सवाल
​नर्सिंग एसोसिएशन ने इस दौरान महिला स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। एसोसिएशन के अनुसार:
​CHC (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और PHC (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) स्तर पर नर्सिंग ऑफिसर रात के समय भी अकेले ड्यूटी करती हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।

​एक महीने पहले ही नर्सिंग एसोसिएशन ने रेणु भाटिया से मुलाकात कर सुरक्षा संबंधी मांगों का एक पत्र सौंपा था, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
​इस्तीफे की कॉपी में क्या लिखा है?
​मुख्यमंत्री को भेजे गए अपने त्याग पत्र में रेणु भाटिया ने लिखा है कि उन्होंने पिछले लगभग साढ़े चार साल (4-1/2 वर्ष) के कार्यकाल में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम किया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने लिखा कि वे भविष्य में भी महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई लड़ती रहेंगी।

​रेणु भाटिया का राजनीतिक सफरनामा
​बैकग्राउंड: परिवार का जुड़ाव आरएसएस (RSS) और भाजपा (BJP) से रहा है।
​करियर: साल 2000 में फरीदाबाद से भाजपा के टिकट पर पार्षद बनीं।

​पद: भाजपा के सहयोग से डिप्टी मेयर भी रहीं और हरियाणा भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली।

09/06/2026

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को बड़ा झटका
- कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने लिया सरकार को आड़े हाथ...

हरियाणा के स्वास्थ्य महकमे में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों का नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्ट आ...
09/06/2026

हरियाणा के स्वास्थ्य महकमे में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों का नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्ट आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी सुविधाएं (OPD समेत) पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे मरीजों की भारी भीड़ लग गई है और स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।
​यह पूरा बवाल राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया के एक विवादित बयान और डॉक्टरों-नर्सों को सरेआम उंगली दिखाकर डांटने के बाद शुरू हुआ है। 'ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्स फेडरेशन' ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को अल्टीमेटम देते हुए चेयरपर्सन को पद से बर्खास्त करने की मांग की है।

​📸 ग्राउंड जीरो की तस्वीरें और असर
​सोनीपत: महिला नर्सिंग स्टाफ अस्पताल के इमरजेंसी गेट के बाहर ही दरी बिछाकर धरने पर बैठ गया है।
​पंचकूला: फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने भी नर्सों के समर्थन में काम बंद कर दिया है।
​अस्पतालों का हाल: सुबह से ही ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी हैं। लोग इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं।

​💬 "नर्सें भी महिलाएं हैं, सरेआम बेइज्जती बर्दाश्त नहीं"
​हरियाणा नर्सिंग एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष विनीता ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:
​"महिला आयोग की अध्यक्ष को यह समझना चाहिए कि उनके सामने जो नर्सिंग ऑफिसर खड़ी हैं, वे भी महिलाएं हैं। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ के मान-सम्मान को सरेआम ठेस पहुंचाई गई है, उनकी सार्वजनिक बेइज्जती की गई है। जब तक चेयरपर्सन इस्तीफा नहीं देतीं, हमारा विरोध जारी रहेगा।"

​🔍 क्या है विवाद की मुख्य वजह? (वो 15 मिनट का बयान)
​यह पूरा विवाद कुरुक्षेत्र के LNJP (लोकनायक जयप्रकाश) सिविल अस्पताल से शुरू हुआ। 7 जून को महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया वहां एक 15 साल की नाबालिग लड़की से हुए रेप केस के मामले में जांच के लिए पहुंची थीं।
​दौरे के दौरान उन्होंने प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर (PMO) डॉ. साराह अग्रवाल और ड्यूटी स्टाफ को उंगली दिखाकर जमकर फटकार लगाई। उन्होंने एक महिला नर्स से पूछा— "क्या आपकी भी बेटी है?" नर्स ने कहा— "हां।" इस पर रेनू भाटिया ने तल्ख लहजे में कहा:
​"क्या आप अपनी बेटी को 15 मिनट के लिए भी किसी कमरे में अकेला छोड़ सकती हैं? फिर इस बच्ची को (अस्पताल में) अकेला कैसे छोड़ दिया गया?"
​नर्सों का कहना है कि आरोपी डॉक्टर की करतूत की सजा पूरे स्टाफ को मानसिक रूप से प्रताड़ित करके दी जा रही है।

​📌 फ्लैशबैक: अस्पताल परिसर में हुआ था घिनौना कांड
​जिस मामले को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है, वह बेहद संवेदनशील है:
​29 मई: कुरुक्षेत्र के एक गांव की 15 साल की नाबालिग लड़की अपने बीमार पिता को सिविल अस्पताल में भर्ती कराने आई थी। पेट दर्द की शिकायत होने पर उसे फीमेल वार्ड में भर्ती किया गया।

​डॉक्टर की हैवानियत: आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर शैली ने लड़की को बहला-फुसलाकर ओपीडी में ले जाकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म (R**e) किया।
​फरार और गिरफ्तारी: लड़की को ब्लीडिंग होने पर जब उसने सीनियर डॉक्टरों को बताया, तो आरोपी डॉक्टर अस्पताल छोड़कर भाग गया। 31 मई को पुलिस ने उसके खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट में केस दर्ज किया। 1 जून को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया, जहां उसने कबूला— "मुझसे गलती हो गई।" स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर की सेवाएं तुरंत समाप्त कर दी हैं।

​लाइव अपडेट्स: कुरुक्षेत्र से शुरू हुआ यह विरोध अब पूरे हरियाणा में फैल चुका है। शुरुआत में यह हड़ताल सुबह 10 से 12 बजे तक के लिए थी, लेकिन सरकार और महिला आयोग की तरफ से कोई कार्रवाई न होने पर अब नर्सों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

हरियाणा के करनाल जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ के निसिंग थाना क्षेत्र के एक सरकारी...
08/06/2026

हरियाणा के करनाल जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ के निसिंग थाना क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में ट्रेनिंग सेशन के दौरान 9 युवकों ने जबरन घुसकर महिला बास्केटबॉल कोच और वहाँ अभ्यास कर रही बालिकाओं के साथ गाली-गलौज, मारपीट और छेड़छाड़ की। पीड़ित महिला कोच और खिलाड़ियों ने आरोपियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गाँव के लोग भी पीड़ित कोच और बालिकाओं के समर्थन में उतर आए हैं।

​शाम के वक्त प्रैक्टिस के दौरान हुआ हमला
​महिला कोच द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, यह पूरी वारदात 6 जून को शाम करीब 6:40 बजे हुई। वह अपनी टीम के बच्चों के साथ सरकारी स्कूल के ग्राउंड में बास्केटबॉल की प्रैक्टिस करवा रही थीं। इसी दौरान मंजूरा गाँव का रहने वाला सुरेंद्र अपने साथ 7-8 अन्य युवकों को लेकर स्कूल परिसर में जबरन घुस आया।

​'गला पकड़ा, थप्पड़ मारे और छाती को छुआ'
​पीड़ित कोच ने बताया कि आरोपियों ने ग्राउंड पर आते ही सबसे पहले वहाँ मौजूद लड़कियों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और पूछा कि तुम्हारी कोच कहाँ है?
​"जब मैं सामने आई तो उन्होंने मेरा गला पकड़ लिया और मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने मुझे चरित्रहीन कहा, मेरे कंधों और छाती को छुआ और चेहरे पर कई थप्पड़ मारे। जब टीम की अन्य लड़कियां मुझे बचाने के लिए बीच में आईं, तो युवकों ने उनके साथ भी बर्बरता से मारपीट की, जिससे कई लड़कियों को चोटें आई हैं।"

​एक महीने से कर रहे थे परेशान, झूठ बोलकर बदनाम करने की कोशिश
​पीड़िता के मुताबिक, आरोपी पिछले एक महीने से ट्रेनिंग लेने आने वाली लड़कियों को गलत तरीके से टोकते और परेशान करते थे, जिसकी शिकायत उन्होंने गाँव के सरपंच से भी की थी।
​विवाद की मुख्य वजह बताते हुए कोच ने कहा कि आरोपियों में से एक ने दावा किया था कि ग्राउंड की किसी लड़की ने उससे कहा है कि 'कोच उसका नाम तुम्हारे साथ जोड़ रही है।' जब महिला कोच ने उस लड़की से पूछताछ की, तो लड़की ने ऐसी किसी भी बात से साफ इनकार कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि युवक जानबूझकर झूठ बोलकर उन्हें बदनाम करना चाहते थे और इसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। शोर मचाने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

​पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
​मामले की गंभीरता को देखते हुए निसिंग थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट और धमकी देने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की जांच एलएचसी (LHC) कुसुम कर रही हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में आगामी कानूनी कार्रवाई जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के एलएनजेपी अस्पताल में एक 15 वर्षीय लड़की से बार-बार बलात्कार का मामला सामने आया है. यह घटन...
08/06/2026

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के एलएनजेपी अस्पताल में एक 15 वर्षीय लड़की से बार-बार बलात्कार का मामला सामने आया है. यह घटना 29 मई को हुई.

​लड़की अपने पिता के साथ अस्पताल आई थी. लड़की ने पेट में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उसे ओपीडी में भेजा गया. आरोपी डॉ. शैलेंद्र शैली ने लड़की को जांच के बहाने ओपीडी में कई बार बलात्कार किया. जब लड़की को खून बहने लगा तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब जाकर उसने सीनियर डॉक्टरों को घटना की जानकारी दी.

​घटना के बाद आरोपी डॉक्टर फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने 1 जून को गिरफ्तार कर लिया.
​राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने अस्पताल का दौरा किया और नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही और मिलीभगत का आरोप लगाया. उन्होंने PMO डॉ. सारा अग्रवाल समेत ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ को फटकार लगाई, जिससे नाराज होकर नर्सिंग ऑफिसर सोमवार सुबह स्ट्राइक पर चले गए.

​नर्सिंग ऑफिसर का कहना है कि चेयरपर्सन ने उन पर बिना किसी जांच के ही आरोप लगाए हैं, जिससे उनके सम्मान को ठेस पहुंची है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि चेयरपर्सन सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगेंगी, तो यह आंदोलन पूरे हरियाणा तक फैल सकता है.

कुरुक्षेत्र। अस्पताल—एक ऐसी जगह जहां इंसान अपनी सबसे लाचार स्थिति में, जिंदगी और सेहत की उम्मीद लेकर आता है। जहां सफेद क...
08/06/2026

कुरुक्षेत्र। अस्पताल—एक ऐसी जगह जहां इंसान अपनी सबसे लाचार स्थिति में, जिंदगी और सेहत की उम्मीद लेकर आता है। जहां सफेद कोट पहने डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है। लेकिन कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) सिविल अस्पताल की उन बंद दीवारों के पीछे जो कुछ हुआ, उसने न सिर्फ इंसानियत को शर्मसार किया, बल्कि पूरे सिस्टम की रीढ़ को तोड़कर रख दिया।

एक 15 साल की मासूम बच्ची, जो अपनी सुरक्षा के सबसे बड़े भरोसे (अपने पिता) के साथ अस्पताल आई थी। पिता बीमार थे, और बच्ची के पेट में दर्द था। वह नहीं जानती थी कि जिस 'भगवान' के पास वह ठीक होने आई है, वह सफेद कोट के पीछे एक भेड़िया छिपाए बैठा है।

वह खौफनाक 20 मिनट और सिस्टम की गहरी नींद

तारीख: 29 मई। कंसलटेंट फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र कुमार शैली ने बच्ची को फीमेल वार्ड में भर्ती किया। लेकिन उसकी नीयत में खोट आ चुका था। जब ओपीडी (OPD) के उस विशेष कमरे में बच्ची को ले जाया गया, तो कायदे से वहां किसी महिला नर्सिंग स्टाफ का होना अनिवार्य था। नियमों की किताबें कहती हैं कि किसी भी नाबालिग लड़की की जांच बिना महिला स्टाफ की मौजूदगी के नहीं हो सकती।

लेकिन उस दिन नियम, कायदे और इंसानियत... सब सोए हुए थे। ओपीडी में तीन-तीन नर्सों की ड्यूटी थी, लेकिन उस कमरे के बाहर सन्नाटा था।

इस कहानी का सबसे दर्दनाक हिस्सा यह है कि इस खौफनाक वारदात से ठीक 20 मिनट पहले, बच्ची को खतरे का अहसास हो गया था। डॉक्टर की गलत हरकतों (बैड टच) को भांपकर उसने वार्ड में भर्ती एक दूसरी महिला मरीज को अपनी घबराहट बताई थी। उस महिला मरीज ने तुरंत ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ को आगाह भी किया। लेकिन अफ़सोस! स्टाफ ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा? अगले 20 मिनट के भीतर उस दरिंदे ने बच्ची की रूह को तार-तार कर दिया।

जब रूह कांपी, तो फूटा महिला आयोग का गुस्सा

जब अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लडिंग) के कारण बच्ची की हालत बिगड़ी, तब जाकर इस खौफनाक राज से पर्दा उठा। आरोपी डॉक्टर फरार हो चुका था, लेकिन गुनाह के निशान पीछे छूट गए थे।
रविवार को जब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया इस मामले की जांच के लिए अस्पताल पहुंचीं, तो वहां का माहौल बेहद तनावपूर्ण था। अस्पताल प्रशासन अपनी कमियों को छिपाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन चेयरपर्सन के तीखे तीरों ने उनके दावों के परखच्चे उड़ा दिए।

रेणु भाटिया ने वहां मौजूद एक ड्यूटी नर्स की आंखों में आंखें डालकर पूछा:
"क्या आपकी अपनी बेटी है?"
नर्स ने सहमते हुए कहा— "जी, हां।"
चेयरपर्सन का गुस्सा फूट पड़ा— "तो क्या आप अपनी बेटी को किसी गैर मर्द या डॉक्टर के पास 15 मिनट के लिए भी अकेला छोड़ सकती हैं? फिर इस मासूम बच्ची को उस कमरे में अकेला कैसे छोड़ दिया गया? कहां मर गई थी तुम्हारी संवेदनशीलता?"
इस सवाल के बाद पूरे कमरे में सन्नाटा पसर गया। अस्पताल के बड़े-बड़े अधिकारी नजरें चुराने लगे।

₹100 का लालच और सिफारिशों का खेल

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इस कहानी में कई और चौंकाने वाले और संदिग्ध पहलू सामने आए। पता चला कि आरोपी डॉक्टर ने वारदात से पहले बच्ची को ₹100 का नोट दिया था और उसके माता-पिता के बारे में पूछताछ की थी।

चेयरपर्सन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुखबीर सिंह को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा, "₹100 देने का क्या मतलब था? क्या वह उस गरीब बच्ची को लालच देकर उसका मुंह बंद रखना चाहता था?"

इससे भी बड़ा सवाल यह था कि यह विवादित डॉक्टर इस अस्पताल तक पहुंचा कैसे? अधिकारियों ने जो खुलासा किया, उसने यह साफ कर दिया कि सिस्टम में रसूखदारों की सिफारिशें कैसे काम करती हैं। सीएमओ ने माना कि साल 2021-22 में कैथल के एक उच्चाधिकारी (PMO) की लिखित सिफारिश पर इस डॉक्टर को दोबारा अस्पताल में रखा गया था, यह कहकर कि 'अस्पताल को इसकी जरूरत है'।
'अस्पताल पिकनिक स्पॉट नहीं है'

1 जून को पुलिस ने आरोपी डॉ. शैलेंद्र कुमार शैली को गिरफ्तार कर लिया। सलाखों के पीछे पहुंचते ही उसकी हेकड़ी निकल गई और उसने हाथ जोड़कर कहा, "मुझसे गलती हो गई।" लेकिन क्या इस 'गलती' की कोई माफी हो सकती है? स्वास्थ्य विभाग ने भले ही उसकी सेवाएं समाप्त कर दी हों, लेकिन अस्पताल के माथे पर लगा यह कलंक इतनी जल्दी नहीं धुलेगा।
निरीक्षण के बाद भरे गले और गुस्से से तमतमाए चेहरे के साथ रेणु भाटिया ने मीडिया से कहा:
"अस्पताल कोई पिकनिक स्पॉट नहीं होता। लोग वहां बेहद लाचारी और दर्द में आते हैं। अगर हमारी बेटियां अस्पतालों में भी सुरक्षित नहीं हैं, तो हम किस सुरक्षित समाज की बात कर रहे हैं?"

महिला आयोग ने अब इस मामले में प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर (PMO) की सीधी जवाबदेही तय की है और डीजी हेल्थ (DG Health) व एसीएस हेल्थ को कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। आरोपी सलाखों के पीछे है, अस्पताल प्रशासन जांच के दायरे में है, लेकिन इन सबके बीच LNJP अस्पताल की वो दीवारें आज भी चीख-चीख कर पूछ रही हैं— क्या अगली बार कोई बेटी इलाज के लिए किसी डॉक्टर पर भरोसा कर पाएगी?

हरियाणा के पानीपत से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक कॉलोनी में घर में अकेले सो रही 20 वर्...
06/06/2026

हरियाणा के पानीपत से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक कॉलोनी में घर में अकेले सो रही 20 वर्षीय विवाहिता को हवस का शिकार बनाने के लिए एक अज्ञात बदमाश ने दुस्साहस की सारी हदें पार कर दीं। महिला चिल्ला न सके, इसलिए आरोपी ने सोते समय उसके होंठों पर भारी मात्रा में 'एल्फी' (चिपकाने वाला तीव्र लिक्विड) डाल दिया, जिससे उसके होंठ आपस में चिपक गए। इसके बाद आरोपी ने चाकू की नोक पर रेप का प्रयास किया। हालांकि, महिला ने गजब की बहादुरी दिखाते हुए खुद को और अपने मासूम बच्चे को सुरक्षित बचा लिया।

​दोपहर में सूना घर देख दाखिल हुआ बदमाश
​पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया कि वह पानीपत की एक कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहती है। 4 जून को उसके पति, देवर और सास रोजाना की तरह अपने-अपने काम पर गए हुए थे। वह घर पर अपने डेढ़ साल के बेटे के साथ अकेली थी। दोपहर करीब 3:00 बजे वह घर का काम निपटाकर अपने कमरे में बेटे के साथ सोई हुई थी। इसी दौरान सूना घर देखकर बाहर का मुख्य दरवाजा खोलकर एक अज्ञात युवक बेहद दबे पैर घर के अंदर और फिर सीधे उसके कमरे में घुस गया। गहरी नींद में होने के कारण महिला को बदमाश के आने की भनक तक नहीं लग सकी।

​होंठ चिपकाकर फाड़े कपड़े, गर्दन पर अड़ाया चाकू
​कमरे में पहुंचते ही बदमाश ने पीड़िता के होंठों पर भारी मात्रा में एल्फी डाल दी, जिससे उसके दोनों होंठ तुरंत आपस में चिपक गए। इसके तुरंत बाद आरोपी ने उसके कपड़े उतारने की कोशिश शुरू कर दी। जब महिला हड़बड़ाकर जागी, तो एक अनजान युवक को देखकर बुरी तरह डर गई। उसने आत्मरक्षार्थ शोर मचाना और चिल्लाना चाहा, लेकिन होंठ पूरी तरह चिपके होने के कारण उसके मुंह से आवाज ही नहीं निकल सकी। बेबसी में छटपटाता देख बदमाश ने तुरंत अपनी जेब से चाकू निकाला और उसकी गर्दन पर अड़ा दिया, जिसके बाद वह उसके साथ जबरन रेप करने की कोशिश करने लगा।

​महिला ने दिखाई बहादुरी, इशारों में पड़ोसियों को बताया
​इस भयानक परिस्थिति में भी महिला ने हिम्मत नहीं हारी। जब बदमाश जबरदस्ती करने लगा, तो महिला ने अपनी पूरी ताकत समेटकर बदमाश को एक जोरदार धक्का दिया, जिससे वह पीछे गिर गया। इसी बीच पलक झपकते ही महिला ने बेड पर सो रहे अपने डेढ़ साल के बेटे को गोद में उठाया और भागती हुई घर से बाहर गली की तरफ आ गई।

​गली में आकर वह बदहवास हालत में खड़ी हो गई। चूंकि वह बोल नहीं पा रही थी, इसलिए उसने रोते हुए पड़ोसियों को इशारों-इशारों में घर के अंदर बदमाश होने की जानकारी दी। जब तक पड़ोसी पूरी बात समझ पाते और घर की तरफ दौड़ते, तब तक पकड़े जाने के डर से बदमाश मौका पाकर वहां से फरार हो गया।

​पुलिस ने दर्ज किया केस, सीसीटीवी खंगालने में जुटी
​इसके बाद पड़ोस के लोग गंभीर हालत में महिला को अस्पताल ले गए और उसका उपचार कराया, जहां डॉक्टरों ने उसके होंठों को अलग किया। मामले की सूचना मिलते ही थाना औद्योगिक सेक्टर-29 पुलिस हरकत में आई।

​थाना प्रभारी सुभाष कुमार ने बताया: > "पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर अज्ञात बदमाश के खिलाफ घर में जबरन घुसने (Trespassing), जान से मारने की धमकी देने और रेप के प्रयास (Attempt to R**e) सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपी की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही महिला और उसके परिवार के विस्तृत बयान भी दर्ज किए जाएंगे।"

सुबह 11 बजे तक दिल्ली के जंतर मंतर का माहौल.
06/06/2026

सुबह 11 बजे तक दिल्ली के जंतर मंतर का माहौल.

06/06/2026

कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन शुरू.

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