11/06/2026
नेहरू का रिकॉर्ड सिर्फ़ साल, महीने और दिन गिनकर नहीं तोड़ा जा सकता।
1951 में भारत में केवल 5 PSU थे. PSU यानी सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी.
जवाहरलाल नेहरू ने अपने पूरे शासनकाल में भारत को 42 PSU दिया.
> Oil and Natural Gas Corporation [ONGC]
> Indian Oil Corporation [IOC]
> Bharat Heavy Electrical Limited [BHEL]
> Hindustan Aeronautics Limited [HAL]
नेहरू ने भारी उद्योग, कोयला, रेलवे, बिजली, इंजीनियरिंग सेक्टर में भारी निवेश कर कई उपक्रम स्थापित किया.
जवाहरलाल नेहरू के नाम 42 PSU बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है. इन 12 सालों में साहबजी के नाम पर "ZERO" PSU बनाने का रिकॉर्ड है.
➡️ पंडित जवाहरलाल नेहरू का मूल्यांकन उनके कार्यों, दृष्टि और राष्ट्र-निर्माण की नींव से होता है।
➡️ आज़ादी के बाद भारत को गरीबी, भुखमरी, आर्थिक कमजोरी और विभाजन की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था।
➡️ अंग्रेज़ी शासन देश के हिस्से में संसाधनों की कमी और पिछड़ी अर्थव्यवस्था छोड़ गया था।
➡️ वैश्विक मंच पर भारत को एक नए स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित करनी थी।
➡️ ऐसी कठिन परिस्थितियों में नेहरू ने IIT, AIIMS, बड़े बांध, सार्वजनिक उपक्रम, वैज्ञानिक संस्थान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की नींव रखी।
➡️ नेहरू ने वैज्ञानिक सोच, संवैधानिक मूल्यों और आधुनिक भारत के निर्माण पर ज़ोर दिया।
➡️ उनकी कल्पना का भारत भाईचारे, मोहब्बत, समानता और सामाजिक सौहार्द पर आधारित था।
➡️ धर्म आधारित राजनीति और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण उनकी सोच का हिस्सा नहीं थे।
➡️ नेहरू ने ऐसी तरक्की की बुनियाद रखी जिसमें नफ़रत और विभाजनकारी राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं था।
➡️ किसी भी नेता की तुलना केवल कार्यकाल की अवधि से नहीं, बल्कि उसके योगदान और विरासत से की जानी चाहिए।
➡️ मीडिया की चाटुकारिता या प्रचार से कोई व्यक्ति नेहरू जैसी ऐतिहासिक विरासत का दावा नहीं कर सकता।
➡️ राष्ट्र-निर्माण, संस्थानों का निर्माण, लोकतंत्र की मजबूती और सामाजिक सौहार्द ही किसी नेता की असली पहचान होते हैं।
जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सरकार चलाकर दिन बढ़ाना नही, राष्ट्र निर्माण करना होगा. वो तो आपसे हो नही पा रहा है.