29/05/2026
"शाहजहाँ ने अगर सस्ते डिज़ाइनर चुने होते, तो ताजमहल दुनिया का अजूबा नहीं बनता। कीमत सिर्फ़ तस्वीर की नहीं होती, उसे हकीकत बनाने वाली कल्पना, सोच, अनुभव और समय की होती है, जो किसी भी रचना को ख़ास बनाते हैं।"