20/08/2026
यह तस्वीर फतेहाबाद के पी.एम. श्री जीजीएसएसएस (P.M. SHRI GGSSS Fatehabad) स्कूल के मुख्य गेट की है। गेट पर साफ-सुथरा नाम लिखा है, दीवारों पर प्रेरणादायक संदेश हैं—“Believe in Yourself”, “कर्मण्येवाधिकारस्ते”, “करो योग रहो निरोग”, “A book is your open…” जैसे नारे। लेकिन ठीक उसी गेट के सामने सड़क पर कचरे का विशाल ढेर जमा है—प्लास्टिक की थैलियाँ, गंदगी, फटे कपड़े और कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा है।
क्या हो रहा है?
कई दिनों से सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। नतीजा यह है कि नगरपालिका या संबंधित विभाग कचरा नहीं उठा पा रहा। लेकिन समस्या सिर्फ हड़ताल की नहीं है। लोग अपनी जिम्मेदारी भूलकर सीधा स्कूल के गेट के सामने कचरा फेंक रहे हैं। शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले स्थान को कूड़ेदान बना दिया गया है।
# # # यह दृश्य क्यों ज्यादा चिंताजनक है?
- स्कूल बच्चों के भविष्य और संस्कार बनाने की जगह है। गेट के सामने इतना गंदा माहौल बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए अपमानजनक है।
- हड़ताल एक प्रशासनिक/श्रम मुद्दा है, लेकिन नागरिक चेतना की कमी इससे अलग और गंभीर समस्या है। अगर सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं, तो भी कचरा घर के पास या निर्धारित जगह पर रखना चाहिए, न कि किसी सार्वजनिक संस्था, खासकर स्कूल के सामने।
- दीवारों पर लिखे आदर्श वाक्य और सामने पड़ा कचरा—यह विरोधाभास समाज की दोहरी मानसिकता को उजागर करता है। हम बोलते कुछ हैं, करते कुछ और।
विस्तार से सोचें तो…
यह सिर्फ फतेहाबाद की एक तस्वीर नहीं है। कई शहरों में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान ऐसे दृश्य आम हो जाते हैं। लोग शिकायत करते हैं कि “सफाई नहीं हो रही”, लेकिन खुद कचरा सही जगह नहीं डालते। स्कूल, अस्पताल, मंदिर, पार्क—जहाँ भी थोड़ी सी जगह मिल जाए, कूड़ा फेंक दिया जाता है।
सभ्यता सिर्फ साफ कपड़े पहनने या अच्छे शब्दों में बात करने का नाम नहीं है। सभ्यता का असली मतलब है—सार्वजनिक स्थानों का सम्मान, दूसरों की सुविधा का ख्याल, और अपनी जिम्मेदारी निभाना। जब हम शिक्षा के मंदिर के गेट के सामने कचरा फेंकते हैं, तो हम न सिर्फ गंदगी फैला रहे होते हैं, बल्कि बच्चों को गलत संदेश भी दे रहे होते हैं।
क्या किया जा सकता है?
1. प्रशासन को तुरंत हड़ताल का समाधान निकालना चाहिए और वैकल्पिक सफाई व्यवस्था करनी चाहिए।
2. स्थानीय लोगों को जागरूक करना चाहिए कि स्कूल के सामने कचरा डालना गलत है।
3. स्कूल प्रबंधन और अभिभावक संघ मिलकर स्थानीय प्रशासन पर दबाव बना सकते हैं।
4. लंबे समय में नागरिक चेतना बढ़ानी होगी—कचरा घर में रखें, निर्धारित जगह पर डालें, और सार्वजनिक स्थानों को गंदा न करें।
यह तस्वीर सिर्फ गंदगी नहीं दिखाती। यह दिखाती है कि जब सिस्टम फेल होता है तो नागरिक जिम्मेदारी भी कहाँ चली जाती है। शिक्षा के मंदिर का गेट गंदा होना किसी भी समाज के लिए शर्म की बात है।