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13/01/2026
13/01/2026

INLD वरिष्ठ नेता उमेद लोहान ने आज प्रेस वार्ता में कांग्रेस पार्टी नेताओं के बीच आपसी फूट को लेकर खोले कई राज ?

11/01/2026

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11/01/2026

हिसार जिला कांग्रेस इकाई के नेताओं, विधायको एवं सांसद व अन्य पार्टी नेताओं ने हिसार के में बाजार गांधी बूथ पर मनरेगा का नाम बदलने को लेकर धरना प्रदर्शन किया l

11/01/2026
हकृवि के विभिन्न पीएचडी कोर्सों में दाखिले की प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न- कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने किया परी...
10/01/2026

हकृवि के विभिन्न पीएचडी कोर्सों में दाखिले की प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न
- कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण
हिसार: 10 जनवरी
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में शनिवार को विभिन्न पीएचडी कोर्सिज के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्वक व व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मुख्य परिसर में बने परीक्षा केंद्र पर पुख्ता प्रबंध किए थे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने परीक्षा केंद्र का दौरा किया और परीक्षार्थियों की सुविधा तथा परीक्षा के सुचारू संंचालन के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने बताया कि आज जिन पीएचडी कोर्सिज के लिए प्रवेश परीक्षा हुई, उनमें विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय में एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स, एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन एजुकेशन, एग्रीकल्चर मेटीयोरोलॉजी, एग्रोनॉमी, फ्रूट सांइस, फलोरिकल्चरल एंड लैंडस्केपिंग, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, नेमोटोलॉजी, इंटोमोलॉजी, सिल्वीकल्चर एंड एग्रोफोरस्ट्री, प्लांट पेथोलॉजी, सीड साइंस एंड टैक्नोलॉजी, सॉयल साइंस, वेजिटेबल साइंस, एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट, बिजनेस मैनेजमेंट व रूरल मैनेजमेंट (गुरूग्राम), कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में सॉयल एंड वाटर कंजरवेशन इंजीनियरिंग, फार्म मशीनरी एवं पावर इंजीनियरिंग व रिनुएबल एनर्जी इंजीनियरिंग, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय में एपिरेल एंड टेक्सटाइल साइंस, एक्सटेंशन एजुकेशन एंड कम्युुनिकेशन मैनेजमेंट, फूड्स एंड न्यूट्रीशन, ह्यूमन डेवेलपमेंट एंड फैमिली स्ट्डीज व रिसोर्स मैनेजमेंट एंड कंज्यूमर साइंस, मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय में केमिस्ट्री, बायोकेमस्ट्री, इनवायरमेंटल साइंस, माइक्रोबायोलॉजी, फिजिक्स, प्लांट फिजियोलॉजी, सोशियोलॉजी, स्टेटिक्स, जुलोजी, व फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय में एक्वाकल्चर, एक्वाटिक एनिमल हेल्थ मैनेजमेंट, एक्वाटिक एनवॉयरमेंट मैनेजमेंट, फिश प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी, फिशरीज इकोनॉमिक्स, फिशरीज एक्सटेंशन, व फिशरीज रिसोर्स मैनेजमेंट तथा बायोटेक्नोलॉजी महाविद्यालय में एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी, मोलिक्युलर बायोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी व बायोइन्फर्मेंटिक्स विषय शामिल हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने बताया कि प्रवेश परीक्षा के लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के परिसर में परीक्षा केंद्र बनाया था। इस प्रवेश परीक्षा के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विशेष निरीक्षण दलों का गठन किया गया था।
कुल 79 प्रतिशत विद्यार्थियों ने दी परीक्षा
कुलसचिव एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. पवन कुमार ने बताया कि उपरोक्त पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए कुल 542 विद्यार्थियों ने आवेदन भरें, जिनमें 431 ने परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान प्रत्येक परीक्षार्थी की फोटोग्राफी भी की गई। उन्होंने उम्मीदवारों व उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे उपरोक्त पीएचडी कार्यक्रमों में दाखिला संबंधित नवीनतम जानकारियों के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट hau.ac.in and admissions.hau.ac.in पर नियमित रूप से चेक करते रहे।
फोटो कैप्शन: हकृवि के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज परीक्षा केंद्र का निरीक्षण करते हुए व परीक्षा में बैठे परीक्षार्थी।

[09/01, 5:59 pm] +91 98138 39049: पुस्तकालय केवल पुस्तकों का भंडार नहीं बल्कि ज्ञान और सामाजिक विकास का माध्यम: प्रो. का...
10/01/2026

[09/01, 5:59 pm] +91 98138 39049: पुस्तकालय केवल पुस्तकों का भंडार नहीं बल्कि ज्ञान और सामाजिक विकास का माध्यम: प्रो. काम्बोज
-हकृवि में दो दिवसीय ए.एस.एल.आई.पी. कॉन्क्लेव संपन्न
हिसार 9 जनवरी
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के नेहरू पुस्तकालय द्वारा एसोसिएशन ऑफ सीनियर लाइब्रेरी एंड इनफार्मेशन प्रोफेशनल्स के सहयोग से ‘कोलब्रेटिव इंटेलिजेंस: बिल्डिंग स्मार्टर लाइब्रेरीज़ टुगेदर’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय ए.एस.एल.आई.पी. कॉन्क्लेव-2025 संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। कॉन्क्लेव में ए.एस.एल.आई.पी. के अध्यक्ष डॉ. आरपी कुमार व सचिव डॉ. राज कुमार उपस्थित रहे।
प्रो. काम्बोज ने अपने सम्बोधन में कहा कि डिजिटल एवं ज्ञान आधारित युग में पुस्तकालयों की भूमिका निरंतर विस्तृत एवं परिवर्तनशील होती जा रही है। पुस्तकालय केवल पुस्तकों का भंडार नहीं बल्कि ज्ञान, नवाचार और सामाजिक विकास का माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय शिक्षा, अनुसंधान, मनोरंजन और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। पुस्तकालय ज्ञान का प्रसार और संरक्षण करने, संस्कृति और संस्कारों का विकास करने, समाज का बौद्धिक विकास करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में भी पुस्तकालय बहुत उपयोगी सिद्ध हो रहें हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तकें शिक्षा का आधार और व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम हैं। ये हमें विविध विषयों की जानकारी, बेहतर संचार कौशल, एकाग्रता और तनाव मुक्ती प्रदान करती हैं।
कुलपति ने बताया कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को अपने अध्ययन, शोध और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकालय एक उपयुक्त स्थल है। पुस्तकालय व्यक्ति के नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय प्राचीन और आधुनिक पुस्तकों, पांडुलिपियों और दस्तावेजों को सुरक्षित रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। लाइब्रेरी तेजी से स्मार्ट, सहयोगी और प्रौद्योगिकी संचालित ज्ञान पारिस्थितिकी तंत्र में विकसित हो रही हैं। कृषि विज्ञान और इसके संबंध विषयों के क्षेत्र में लाइब्रेरी एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वे कृषि के बौद्धिक क्षेत्र के रूप में कार्य करती हैं जहां अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार गतिविधियों को समृद्ध करने के लिए ज्ञान बोया, उगाया और काटा जाता है। उन्होंने बताया कि नवाचार को आधार देने वाली जड़ों और निरंतर वैज्ञानिक प्रगति को पोषित करने वाले चैनलों के रूप में कार्य करते हुए लाइब्रेरी कृषि विज्ञान, बागवानी, पशु चिकित्सा, विज्ञान, मत्स्य पालन, डेयरी विज्ञान, खाद्य, प्रौद्योगिकी और कृषि इंजीनियरिंग सहित विषयों के एक व्यापक स्पेक्ट्रम का समर्थन करते हैं। कॉन्क्लेव में डॉ वेंकट राव पोकरी, श्रीमती राज टिहरी डॉ परमिंदर कौर सैनी, जहांगीर ख़ान, डॉ दीप्ति मदान, डॉ राजीव पटेरिया, डॉ सीमा परमार, त्रिदीब चट्टोपाध्याय व सरदार जंग बहादुर सिंह पन्नू को अवार्ड देकर सम्मानित किया गया।
डॉ. आरपी कुमार ने कॉन्क्लेव की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों का डाटाबेस बनाया जाएं जो आवश्यकता पडऩे पर अपनी सेवाएं दे सकें। डॉ. अनिल कुमार सिवाच ने कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित किए विभिन्न तकनीकी सत्रों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कॉन्क्लेव -2025 की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। पूर्व लाइब्रेरियन डॉ. बलवान सिंह ने सभी का स्वागत किया जबकि हकृवि के पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. राजीव के पटेरिया ने कार्यक्रम में सभी का धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। गौरतलब है कि कॉन्क्लेव में देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं संस्थानों के लगभग 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के विशेषज्ञ, विद्यार्थी, शोधार्थी, आईटी एवं उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल रहे। मंच का संचालन डॉ. कनिका रानी ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव सहित विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशक, अधिकारी, वैज्ञानिक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए
2-3. मुख्यातिथि कॉन्क्लेव में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को अवार्ड देकर सम्मानित करते हुए
[10/01, 12:12 pm] +91 98138 39049: हकृवि के विभिन्न पीएचडी कोर्सों में दाखिले की प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न
- कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण
हिसार: 10 जनवरी
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में शनिवार को विभिन्न पीएचडी कोर्सिज के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्वक व व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मुख्य परिसर में बने परीक्षा केंद्र पर पुख्ता प्रबंध किए थे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने परीक्षा केंद्र का दौरा किया और परीक्षार्थियों की सुविधा तथा परीक्षा के सुचारू संंचालन के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने बताया कि आज जिन पीएचडी कोर्सिज के लिए प्रवेश परीक्षा हुई, उनमें विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय में एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स, एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन एजुकेशन, एग्रीकल्चर मेटीयोरोलॉजी, एग्रोनॉमी, फ्रूट सांइस, फलोरिकल्चरल एंड लैंडस्केपिंग, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, नेमोटोलॉजी, इंटोमोलॉजी, सिल्वीकल्चर एंड एग्रोफोरस्ट्री, प्लांट पेथोलॉजी, सीड साइंस एंड टैक्नोलॉजी, सॉयल साइंस, वेजिटेबल साइंस, एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट, बिजनेस मैनेजमेंट व रूरल मैनेजमेंट (गुरूग्राम), कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में सॉयल एंड वाटर कंजरवेशन इंजीनियरिंग, फार्म मशीनरी एवं पावर इंजीनियरिंग व रिनुएबल एनर्जी इंजीनियरिंग, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय में एपिरेल एंड टेक्सटाइल साइंस, एक्सटेंशन एजुकेशन एंड कम्युुनिकेशन मैनेजमेंट, फूड्स एंड न्यूट्रीशन, ह्यूमन डेवेलपमेंट एंड फैमिली स्ट्डीज व रिसोर्स मैनेजमेंट एंड कंज्यूमर साइंस, मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय में केमिस्ट्री, बायोकेमस्ट्री, इनवायरमेंटल साइंस, माइक्रोबायोलॉजी, फिजिक्स, प्लांट फिजियोलॉजी, सोशियोलॉजी, स्टेटिक्स, जुलोजी, व फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय में एक्वाकल्चर, एक्वाटिक एनिमल हेल्थ मैनेजमेंट, एक्वाटिक एनवॉयरमेंट मैनेजमेंट, फिश प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी, फिशरीज इकोनॉमिक्स, फिशरीज एक्सटेंशन, व फिशरीज रिसोर्स मैनेजमेंट तथा बायोटेक्नोलॉजी महाविद्यालय में एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी, मोलिक्युलर बायोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी व बायोइन्फर्मेंटिक्स विषय शामिल हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने बताया कि प्रवेश परीक्षा के लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के परिसर में परीक्षा केंद्र बनाया था। इस प्रवेश परीक्षा के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विशेष निरीक्षण दलों का गठन किया गया था।
कुल 79 प्रतिशत विद्यार्थियों ने दी परीक्षा
कुलसचिव एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. पवन कुमार ने बताया कि उपरोक्त पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए कुल 542 विद्यार्थियों ने आवेदन भरें, जिनमें 431 ने परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान प्रत्येक परीक्षार्थी की फोटोग्राफी भी की गई। उन्होंने उम्मीदवारों व उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे उपरोक्त पीएचडी कार्यक्रमों में दाखिला संबंधित नवीनतम जानकारियों के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट hau.ac.in and admissions.hau.ac.in पर नियमित रूप से चेक करते रहे।
फोटो कैप्शन: हकृवि के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज परीक्षा केंद्र का निरीक्षण करते हुए व परीक्षा में बैठे परीक्षार्थी।

सरकार की उदासीनता और भ्रष्टाचार से जन स्वास्थ्य खतरे में: एडवोकेट बजरंग इंदलहिसार में इंदौर जैसे हादसे की आशंका; इंदल ने...
10/01/2026

सरकार की उदासीनता और भ्रष्टाचार से जन स्वास्थ्य खतरे में: एडवोकेट बजरंग इंदल
हिसार में इंदौर जैसे हादसे की आशंका; इंदल ने की विशेष पैकेज,नई पाइपलाइनों और ट्रीटमेंट प्लांट की मांग l
हिसार, 10 जनवरी 2026
नलवा विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी एडवोकेट बजरंग इंदल ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हिसार जिले सहित पूरे हरियाणा में जर्जर पेयजल पाइपलाइनों के कारण घरों में सीवर का दूषित पानी पहुंच रहा है जिससे जन स्वास्थ्य गंभीर खतरे में है।एडवोकेट इंदल ने बताया कि पानी की गुणवत्ता का टीडीएस स्तर 500 के सामान्य मानक को पार कर कई क्षेत्रों में 1500 तक जा पहुंचा है जो भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों के अनुसार जानलेवा है। इंदल ने कहा की हिसार शहर की एक तिहाई से अधिक कॉलोनियों में 30 से 40 साल पुरानी पाइपलाइनें हैं जिनमें लीकेज के चलते सीवरेज का पानी मिल रहा है। पानीपत, भिवानी, फतेहाबाद, सिरसा, सोनीपत, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, रोहतक, महेंद्रगढ़ और जींद सहित अधिकांश जिलों में भी यही स्थिति है। दूषित जल के कारण लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं और जलजनित रोग तेजी से फैल रहे हैं। विधायकों के घरों तक में दूषित पानी पहुंचने की खबरें हैं। एडवोकेट इंदल ने हाल ही में इंदौर (मध्य प्रदेश) में सीवर का पानी पेयजल लाइन में मिलने से हुई दर्जनों मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर में यह हादसा जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। यह स्पष्ट करता है कि देश में स्वच्छ पीने के पानी की कमी नहीं बल्कि सरकारों की उदासीनता, भ्रष्टाचार और इच्छाशक्ति की कमी है।एडवोकेट बजरंग इंदल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकता" वाले बयान का उल्लेख करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों की आलोचना की और कहा कि वे अपने ही देश के लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने में नाकाम हैं और केवल राजनीतिक उद्देश्य के लिए जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं। मीठे पानी के खराब प्रबंधन के कारण बाढ़, जलभराव और भूजल प्रदूषण की समस्या भी बढ़ रही है।
: इंदल की मांग:
एडवोकेट बजरंग इंदल ने केंद्र और की हरियाणा की नायाब सैनी सरकार से तत्काल मांग की है कि हिसार जिले सहित पूरे हरियाणा के लिए विशेष पैकेज घोषित किया जाए,पुरानी जर्जर पाइपलाइनों को तुरंत बदला जाए,नए ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएं,पेयजल की नियमित टेस्टिंग और सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेताया कि मीडिया की यह रिपोर्ट जमीनी सच्चाई बयां कर रही है और यह समय है कि राजनीतिक दल और सरकारें भ्रष्टाचार पर लगाम लगाकर जनता के मूलभूत अधिकार ‘स्वच्छ पेयजल’ को सुनिश्चित करें। लापरवाही जारी रहने पर भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं l

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