30/06/2026
हे खुदा! कोई तो चमत्कार कर दे..
अंबाला के गांव धन्यौडा में इस वक्त जो मंजर है, उसे देखकर पत्थरों का दिल भी फट जाए। साढ़े तीन साल का मासूम 'निरवैर 220 फुट गहरे एक अंधेरे और संकरे बोरवेल में जिंदगी और मौत की आखिरी सांसें गिन रहा है। वो करीब 130 फुट की गहराई पर फंसा है, लेकिन सबसे भयानक और रूह कंपा देने वाली बात यह है कि वह मासूम वहां पानी में डूबा हुआ है। सुबह से उसके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई है... कोई हलचल नहीं।
ममता की सिसकियां और टूटती उम्मीदें...
खेतों में बने उस काल के मुंह (बोरवेल) के बाहर बैठी मां बेसुध हो चुकी है। उसकी पथराई आंखें बस एक बार अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से लगाने के लिए तड़प रही हैं। पिता सदमे में बिस्तर पर पड़ा है और बूढ़ा दादा उस बदनसीब घड़ी को याद करके फूट-फूटकर रो रहा है, जब मंगलवार की सुबह 7 बजे उसकी अपनी नजरों के सामने से ओझल होकर उनका लाडला उस अंधेरे कुएं में समा गया।
सफेद पड़ चुका है वो छोटा सा हाथ...
पिछले 16 घंटों से बिना रुके रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। आसमान से बरसती बारिश ने भी रास्ता रोकने की कोशिश की, लेकिन बचाव दल डटा हुआ है। पर जब बोरवेल के भीतर कैमरा डाला गया, तो जो स्क्रीन पर दिखा उसने सबका कलेजा चीर दिया। कैमरे में मासूम निरवैर का सिर्फ एक छोटा सा हाथ दिखाई दे रहा है... और पानी में डूबे रहने के कारण वो हाथ भी अब पूरी तरह सफेद पड़ चुका है। डॉक्टरों और जानकारों के मुताबिक अब बचने की आस खत्म हो चुकी है, लेकिन मां की ममता अब भी किसी अनहोनी और चमत्कार की उम्मीद में सिसक रही है।
साल 2006 का 'प्रिंस' और 20 साल बाद आज का 'निरवैर'
आज धन्यौडा गांव का हर एक शख्स मौके पर डटा हुआ है। सबकी जुबान पर एक ही दुआ है कि काश! साल 2006 जैसा कोई करिश्मा दोबारा हो जाए। तब ठीक 20 साल पहले पूरा देश कुरुक्षेत्र के 'प्रिंस' के लिए दुआएं मांग रहा था और प्रिंस 50 फुट गहरे बोरवेल से जिंदा बाहर मुस्कुराते हुए निकला था। दृश्य आज भी बिल्कुल वैसा ही है, वही बोरवेल है, वही चीख-पुकार है... लेकिन तब और अब में एक खौफनाक फर्क है। तब गड्ढे में गिरा प्रिंस जूस पी रहा था, बातें कर रहा था, सांसें ले रहा था... लेकिन आज हमारा मासूम 'निरवैर' गहरे ठंडे पानी में खामोश पड़ा है।
पूरा देश इस वक्त सहमा हुआ है। विज्ञान, तकनीक और इंसान की सारी कोशिशें इस वक्त बेबस नजर आ रही हैं। अब सिर्फ और सिर्फ कोई दैवीय चमत्कार ही निरवैर को उसकी मां की गोद में वापस ला सकता है।
हे सच्चे पादशाह, मेहर कर... इस मासूम पर रहम कर! 😭