Mamta Saini

Mamta Saini डिजिटल क्रियेटर

इनके साथ Mamta Saini – मुझे लगातार सराहना मिल रही है! मैं लगातार 9 महीनों से टॉप फ़ैन की लिस्ट में बना हुआ हूँ. 🎉
05/03/2026

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31/01/2026

रिश्तों की इमारत विश्वास पर खडी होती ..............

जो पीठ किसी भी पीछे बुराई करते है, दरअसल ऐसे लोग मानसिक विक्षिप्त होते है। अगर किसी से कोई शिकायत है या कोई भी समस्या है...
31/01/2026

जो पीठ किसी भी पीछे बुराई करते है, दरअसल ऐसे लोग मानसिक विक्षिप्त होते है।
अगर किसी से कोई शिकायत है या कोई भी समस्या है तो स्पष्ट रूप से उसे ही बताये !! क्योकि सुधार या बदलाव उसको ही करना है जो गलत है या जिसमे बुरी आदत है ।
कुछ लोगो का पुशतैनी काम ही चुगलीखोरी व बुराई करना होता है ......इसके बिना वो जिंदा नी रह सकते ....

मेरी अगर कोई बात मेरी कोई आदत बुरी है तो मुझे ही कहे क्योकि बदलाव मुझे करना है मेरे रिशतेदारों, मित्रों व पड़ोसियों को नही .....

 #संस्मरण मेरी पहली हवाई यात्रा  #मद्रास_से_पोर्टब्लेयर  #भाग2...एक बजे एयरपोर्ट पर पहुँच गये थे,हमारी फ्लाइट सुबह 6/7 ब...
31/01/2026

#संस्मरण मेरी पहली हवाई यात्रा #मद्रास_से_पोर्टब्लेयर #भाग2
...एक बजे एयरपोर्ट पर पहुँच गये थे,हमारी फ्लाइट सुबह 6/7 बजे थी... मद्रास एयरपोर्ट पर पहुँच कर हमने सुकून की साँस ली क्योंकि मौसम बहुत खराब था क्योकि तेज हवा व मूसलाधार बारिश रूकने का नाम नही ले रही थी खैर हम एयरपोर्ट पर समय से पहले पहुँच चुके थे 😍 हम दो दिन की रेल यात्रा व एक दिन मद्रास भ्रमण से बिलकुल थक चुके थे,ठीक से सोये हुये ये तीसरी रात थी प्रेम को तो आदत थी ऐसे जागने सोने की लेकिन मेरी तो हिम्मत ने जबाब दे रही थी,मेरी हालत देखकर फौजी का दिल पिघल गया और बैग से चादर निकाल कर मेरा सर अपनी गोद में रखकर मुझे लेटने को कहा कि तुम कुछ देर सो जाओ मै जाग रहा हूँ .... अंधे को क्या चाहिये दो नैन !! मै फटाक से लेट गयी और इन्होने मुझे चादर से ढक दिया और मेरे सिर पर हाथ से थपकी देते हुये सुलाने लगे ....ये सब मेरे लिये एकदम अलग सा एहसास था ऐसे कभी कभी माँ या मेरी बुआं मुझे सुलाती थी ,मुझे घर की याद आने लगी और नींद जो आखों में थी फुर्र हो चुकी थी,मैं माँ व अपने घर की याद में मुँह ढ़ककर सोचते सोचते कब सोई मुझे पता ही नही चला ......मुझे जब जगाया तब लगभग पाँच बज चुके थे।

प्रेम मेरे लिये चाय व अपने लिये काॅफी लेकर आये और चाय व काॅफी पीने के साथ साथ आँखों ही आँखो में दो प्रेमियों के जैसे हम पति पत्नी ने एक दूसरे को निहारते हुये चाय काॅफी कब खत्म हुई इसका भी भान नही रहा ....ओह मैं यात्रा की और से हट कर रोमांस लिखने लगी साॅरी 🙏 ....हाँ फिर हम बारी-बारी से फ्रेश होकर तैयार हो गये, मैने शिफाॅन की अपनी मनपसंद गुलाबी साड़ी पहनी जो मेरे मामा जी ने शादी के समय मुझे दी थी,साड़ी ही पहननी थी इसकी भी एक खास वजह थी ,वजह थी प्रेम की मुहँबोली बहन #ज्योतिराव क्योकि ज्योति दीदी व उनके पति #मनमदराव जी हमें लेने एयरपोर्ट आने वाले थे और प्रेम की इच्छा थी कि वह पहले पहल मुझे साड़ी में देखे .....खैर हम भी गाँव की छोरी थे 💃 साड़ी पहन कर तैयार हो गये एकदम ू_डेट 😎😄 जूडें में चमेली का खुशबूदार गजरा आहा! गजरा हमने दिन में ही खरीद लिया था सो हम इस गेटअप में कुछ कुछ साउथ की हीरोइन टाइप तो लग ही रहे थे 😝😜

अब चैक इन वगैरह हो गया और फाइनली हम हवाई जहाज में बैठ गये उस समय सिर्फ #इंडियन_एयरलाइंस की फ्लाइट चलती थी, जहाज के अंदर एंट्री करते ही साड़ी पहने सुंदर सी #एयरहोस्टेस ने नमस्ते 🙏से हमारा अभिवादन किया बदले में हमने भी अपने मासूम चेहरे से इशारों इशारों में उनको जबाब में नमस्ते कहा 🙏 फिर वही पेटी बेल्ट ऐसे बांधों वाला एपिसोड खत्म होते ही,हवाई जहाज उडने का ऐलान हुआ और मै अंदर से डरी हुई और होठों पर मुस्कान फैलाये चुपचाप सब सुन व देख रही थी और हाँ प्रेम ने मुझे खिडकी वाली सीट पर बैठाया था कि मैं ऊपर झाँक कर आसमान देख सकूँ 😜 उड़ान तो ठीक ठाक हो गयी अब ऊपर जाकर बाहर झाँकने पर कुछ देर तो नीचे जमीन दिखी लेकिन चंद मिनटों मे ही जहाज बादलों के बीच पहुंच चुका था और बादल रूई के फाहों के जैसे लग रहे थे (जैसे टीवी में नारद जी बादलों में उडते देखे थे एकदम स्वर्ग जैसा सीन लग रहा था )अब थोडी ही देर में एक सुंदर एयरहोस्टेस एक ट्रे में बहुत सारी #टाॅफियां लिये मुस्कुराती हुई आई।

( मुझे पहले से बता दिया था कि वो आयेगी और दो चार ही टाॅफी लेना मुट्ठी मत भर लेना 😜दरअसल अभी तक हमको गाँव की ग्वार जो समझा जा रहा था खैर ये एक तरह का अपमान ही था सो हम टाॅफी के साथ इसको भी खा गये 😄)

लेकिन दस पन्द्रह मिनट बाद जो हुआ वो असहनीय था, साला कान जुकाम की तरह ठस से बंद हो गये और दर्द करने लगे 😢 हमने फौजी को बताया,फौजी ने #एयरहोस्टेस को बुलाया और वो नाज़नीन हमको काॅटन बाॅल देकर बोली मैम इसे कान🙉 में ठूँस लो,इससे राहत मिलेगी।

खैर अपने साथ अनुभवी आदमी था आखिर उन्होंने अपने तजुर्बों से हमको कृतार्थ किया,और बोले तुम मुँह, नाक,आँख सब बंद करके कान से हवा मतलब साँस बाहर छोडो तो एयर प्रेशर खत्म हो जायेगा और दर्द भी कम होगा ,हमने दो तीन बार के अभ्यास में कान से साँस छोड दी और फिर रूई ठूस ली ..... चलो कुछ तो आराम मिला।

अब एयरहोस्टेस चाय नाश्ता लेकर हाजिर हो गयी,हम शुद्ध शाकाहारी मानुष अपना चाय ,समोसा ,सैंडविच खाया और चुपचाप बैठ गये पतिदेव ने क्या खाया हमको मालूम नही 😄 इस सब कार्य में उडान का एक घंटा हो चुका था और एक घंटा और बचा था क्योंकि #मद्रास_टू_पोर्टब्लेयर का सफर तकरीबन दो घंटे का था। अब हमने फौजी के कंधे पर सिर रखकर सो गये थे या सोने का नाटक किया ठीक से याद नही लेकिन हम आँख बंद करके हवा हवाई में थे,और साथ साथ यह भी आदेश दिया कि हमको लैंड होने से पहले जगा दीजियेगा, 😎 फिर आदेशानुसार फौजीबाबा ने हमको जगा दिया,हम ऊपर से झाँक झाँक कर देखते कही पेड कही टापू कही पानी ही पानी दिख रहा था और थोड़ा नीचे आते आते नारियल व सुपारी के घने व बडे बडे पेड़ दिखने लगे थे ।

एक जरूरी बात जो अनुभव की वह यह कि दिल व दिमाग को टेक ऑफ से अधिक झटके लैंड होने में लगते है, खैर मन ही मन राम राम जपते जपते सही सलामत हम ्कर्ष_एयरबेस पर की जमीन पर थे तब पोर्ट ब्लेयर का एयरपोर्ट नेवी बेस पर ही चलता था।

और फिर सब औपचारिकता पूरी करके जैसे ही हम बाहर निकले तो सामने ही ज्योति दीदी व उनके पति ने फूलों का 💐गुलदस्ता देकर #कालापानी की सरजमीं पर हमारा स्वागत किया और हम चल पडे घर की अपने गन्तव्य की और...

#यात्रापूर्ण

चित्र साभार गूगल

31/01/2026

 #संस्मरण मेरी पहली हवाई यात्रा  #मद्रास_से_पोर्टब्लेयर  #भाग13 नवंबर 1995 की सुबह हम मद्रास (अब का चेन्नई) रेलवे स्टेशन...
31/01/2026

#संस्मरण मेरी पहली हवाई यात्रा #मद्रास_से_पोर्टब्लेयर #भाग1

3 नवंबर 1995 की सुबह हम मद्रास (अब का चेन्नई) रेलवे स्टेशन पर पहुँचे ,तत्पश्चात हम रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में फ्रेश हुये और थोड़ा सा साज ऋंगार किया भई हम पहली पहली बार पति के साथ जो आये थे तो थोडा सा सजना धजना तो बनता था ।

फिर हमने वही स्टेशन पर नाश्ता किया अहा !!!! चना व उड़द दाल के बड़े खायें (वैसे बडे मैने आजतक नही खायें बहुत ही लजीज थे) 😍

उसके बाद हमें प्रेम के शिपमेंट एक जूनियर पाड़ियन के घर जाना था क्योकि वह भी तब छुट्टी पर अपने घर आया हुआ था,तो उसे मालूम था कि प्रेम सर शादी के बाद पहली बार भाभी जी लेकर आ रहे है और हमारी फ्लाइट 4 नवंबर को सुबह है तो हमारे पास 3 नवंबर का पूरा दिन खाली था तो इन्होंने पहले ही प्लान बना रखा था कि उसके घर लंच करेगे फिर हम सब मरीना बीच पर घूमने जायेगे क्योकि उसका घर मरीना बीच से चंद कदम की दूरी पर ही था ( तीन साल की अंडमान सर्विस के दौरान आते जाते प्रेम उन्ही के घर रुकते थे)

हाँ तो हम स्टेशन से जैसे ही निकले वहाँ हिंदी का एक भी शब्द कही न लिखा था न ही कोई बोलता था बस टैक्सी पर सब तमिल या अंग्रेजी में ही लिखा हुआ था हमने टैक्सी ली सामान रखा और हम पाड़ियन भैया के घर पहुच गये पाड़ियन की मम्मी व बहन ने सबसे पहले चावल की एक खास नमकीन व पानी से हमारा स्वागत किया गया और हमारी यात्रा के बारे में और खास कर मेरे बारे में पूछा कि कैसा लग रहा है पहली बार घर से इतनी दूर साउथ इंडिया में आकर.....😊

( प्रेम ने मुझे पहले ही सब समझा दिया था कि वहाँ के बारे मे)

फिर हमनें दोपहर के भोजन में इडली व डोसे के दो तीन तरह की चटनी सांभर खाया। (आह वैसी इडली और डोसे मुझे आज तक कही नही मिले क्योकिं वह मिक्सर मे नही पीसते थे वह पत्थर की ओखली टाइप मे पीसते थे ) वैसे भी मैने पहली बार साऊथ इंडियन खाना खाया था😋🌯 और एक खास बात वहाँ सब फर्श पर ही चटाई दरी वगैरह बैठने को प्राथमिकता देते थे ये मेरे लिये एकदम अलग व नया अनुभव था....क्योकि हम उत्तर भारतीय तो खाट(चारपाई) के अभ्यस्त होते है।

फिर शाम को हम चारों मै प्रेम व पाड़ियन भैया व उनकी छोटी बहन #मरीना बीच पर घूमने गये समुद्र को इतने करीब से देखना मेरा पहला पहला अनुभव था साँय साँय करती लहरें तट पर टकराती और लौट जाती रेत व पानी पर चलना और मैने बहुत सारी #सीपियाँ भी चुनी थी और समुद्र की लहरें मुझे इतना आकर्षित कर रही थी कि मन करता उनमें घुस जाऊँ 😍 उस समय सब अनुभव मेरे लिये किसी परिकथा से कम न था क्योकिं फिल्मों व टीवी पर दिखने वाला विशाल समुद्र मेरे सामने था और मै खुद को एक दूसरी ही दुनिया में महसूस कर रही थी ... हम किनारे किनारे चलते गये कयी किलोमीटर चलकर पैरों ने जबाब दे दिया और इस पर पति देव ने मेरा मजाक भी बनाया गाँव की छोरी होकर इतना चल कर थक गयी😢 भई इतना बडा मरीना बीच और ऊपर से घुटने घुटने रेत में चलकर किसी के भी पैर दुखेगे 😢... बात करते खैर तब हम नये थे कुछ अधिक बोल भी नही सकते थे 😜

भुट्टे ,चने व मूँगफली खायें और फिर घर आ गये आकर स्नान वगैरह करके हमने फिर साउथ इंडियन खाने का आनंद लिया गरम गरम चावल सांभर पापड़ चटनी रसम अचार इत्यादि ।

और फिर 10 बजते ही जोर दार गर्जना के साथ धुँआधार बारिश होनी शुरू हो गयी और बारिश इतनी थी कि कुछ ही घंटे की बारिश में ही जल थल सब एक हो गया और मरीना बीच के किनारे वाली सड़क खुद समुद्र बन गयी थी..... ......अब सब चिंतित कैसे एयरपोर्ट जाया जायेगा सब तरफ पानी ही पानी खैर जैसे तैसे करके पाड़ियन भैया एक टैक्सी लेकर आये और हम वहां से एयरपोर्ट के लिये निकल गये क्योकि हमारी अंडमान की फ्लाइट सुबह 6 बजे थी तो हमें 2/3 घंटे पहले तो पहुंचना ही था सो हम 1 बजे ही एयरपोर्ट पर पहुँच गये.....फिर

क्रमशः

#फोटोसाभारगूगल मरीना बीच

इनके साथ Mamta Saini – मुझे लगातार सराहना मिल रही है! मैं लगातार 8 महीनों से टॉप फ़ैन की लिस्ट में बना हुआ हूँ. 🎉
31/01/2026

इनके साथ Mamta Saini – मुझे लगातार सराहना मिल रही है! मैं लगातार 8 महीनों से टॉप फ़ैन की लिस्ट में बना हुआ हूँ. 🎉

01/01/2026

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