09/07/2026
पहली ही बारिश ने खोली नगर निगम के दावों की पोल, घरों और सड़कों पर भरा पानी
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद हरिद्वार जिले में सभी स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र बंद
; जनप्रतिनिधियों के खिलाफ स्थानीय लोगों में भारी रोष
रुड़की में देर रात से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी है। पहली ही तेज बारिश ने नगर निगम द्वारा मानसून से पहले किए गए जल निकासी और नालों की सफाई के तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी। शहर के मुख्य मार्गों से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक जलमग्न हो चुकी हैं। हालात इतने बदतर हैं कि कई निचले इलाकों में बारिश का पानी लोगों के घरों के भीतर तक घुस गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
घरों में घुसा पानी, सामान हुआ खराब
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। कई कॉलोनियों में लोगों के घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान भीगकर खराब हो गया है। सड़कों पर कई फीट पानी जमा होने के कारण पैदल चलना तो दूर, वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह वाहन पानी के बीच फंसे नजर आए, जिससे लंबा जाम भी देखने को मिला।
प्रशासन ने एहतियातन बंद किए स्कूल
मौसम विभाग द्वारा जिले में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी (अलर्ट) जारी की गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार हरिद्वार जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को आज बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
नेताओं और सिस्टम पर फूटा जनता का गुस्सा
"हर साल बरसात से पहले बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में पूरा सिस्टम फेल हो जाता है। जनप्रतिनिधि सिर्फ चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं, उसके बाद जनता को अपनी समस्याओं से जूझने के लिए अकेला छोड़ दिया जाता है।"
— स्थानीय निवासी
नगर निगम की लचर व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था न होने का खामियाजा हर साल जनता को भुगतना पड़ता है। फिलहाल, बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर जारी है और जलभराव के चलते शहर की रफ्तार थमी हुई है।