13/05/2020
👉🏻हाल ही में, पालघर में दो साधुओं एवम् उनके ड्राइवर की हत्या, फिर इस लिंचिंग के बाद मेवात में महंत रामदास पर हमला हुआ।साथ ही, बुलंदशहर में भी उन्हीं दिनों में दो सोते साधुओं की हत्या कर दी गई थी.
इन सब घिनौने कृत्यों के घाव अभी भरे ही नहीं थे कि फिर यह वृंदावन की घटना हिंदुओं के अन्तर मन पर फिर से घात कर गई।
मामला जानिए__
मथुरा वृंदावन के इमलीताला मंदिर के मुख्य पुजारी वैष्णव संत श्री तमाल कृष्ण दास पर कुछ गुंडों ने निर्दयता और बेरहमी से हमला किया। दो गुंडों के बारे में कहा जा रहा है कि वो बांग्लादेशी थे, बाकी बाहरी लोग। सारे गुंडे फरार हैं पुलिस थाने पर शिकायत करने पर पता चल रहा है कि मथुरा पुलिस इस मामले को रफा-दफा करना चाहती है। उनका कहना है कि यह साधु और हमलावरों का आपसी मामला है।
कहा यह भी जा रहा है कि वृन्दावन थाना क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी सदर ने कहा कि जिस साधु के साथ मारपीट हुई, वो इस मठ के पूर्व अध्यक्ष हैं। वर्तमान में इस मठ के अध्यक्ष बीपी साधु हैं, जो फिलहाल बाहर गए हुए हैं। पुलिस ने बताया कि बीपी साधु के अनुयायियों और शिष्यों ने ही तमाल दास के साथ मारपीट की थी।
ऐसी तस्वीरें इसलिए किसी भी संवेदनशील व्यक्ति के हृदय पर चोट करती है क्योंकि पीड़ित एक साधु है जो किसी का कुछ नहीं बिगाड़ता। आखिर कैसे निम्न कोटि के गुंडे होंगे जो साधुओं पर हमला बोलते हैं? एक बुजुर्ग पुजारी किसी व्यक्ति को किस तरह का नुकसान पहुँचा सकता है कि उन्हें इस तरह से पीटा गया? (आप तस्वीरों में देख सकते हैं)
मीडिया भी इस संकट काल में भारत-पाकिस्तान, हिंदू मुस्लिम और राजनीति के बीच के चक्कर में ऐसे जरूरतमंद मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही है।
PC-
page- ‘Vrindavan Homeless Cows Seva And Care’
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