30/08/2026
नाम: क्रांतिसूर्य तांत्या भील (लोकप्रिय नाम: तांत्या मामा)
उपाधि: 'इंडियन रॉबिन हुड' (गरीबों के मसीहा)
जन्म: लगभग 1842, ग्राम बड़दा/पंधाना (खंडवा, मध्य प्रदेश)
युद्ध रणनीति: गुरिल्ला (छापामार) युद्ध कला में महारत, विंध्याचल व सतपुड़ा के जंगलों को बनाया अपना आधार।
प्रमुख योगदान: अंग्रेजों की शोषणकारी नीतियों और साहूकारों के अत्याचारों के खिलाफ आदिवासियों व गरीबों का नेतृत्व किया।
गिरफ्तारी व शहादत: धोखे से गिरफ्तारी के बाद 4 दिसंबर 1889 को जबलपुर जेल में फांसी दी गई।
समाधि स्थल: पातालपानी (इंदौर के पास), जहाँ आज भी ट्रेनें उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए रुकती हैं।
प्रमुख सम्मान:
इंदौर का भंवरकुआं चौराहा ➔ क्रांतिसूर्य तांत्या भील चौराहा
MR-10 बस स्टैंड ➔ क्रांतिसूर्य तांत्या भील बस स्टैंड
पातालपानी स्टेशन ➔ टंट्या मामा रेलवे स्टेशन
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 'टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना' व राज्य स्तरीय पुरस्कार का संचालन।
Rahul Badole
#ट्राइबल