23/09/2020
।। जय आदिवासी युवा शक्ति ( JAYS) ने दिया कुक्षी थाना प्रभारी को ज्ञापन उषा ठाकुर के खिलाप एफ़॰आई॰आर॰ की माँग ।।
जय आदिवासी युवा शक्ति (JAYS) ने कुक्षी में थाना प्रभारी को जयस को देशद्रोही संगठन बोलने वाली मंत्री उषा ठाकुर के खिलाप एफ़॰आई॰आर॰ की माँग की जयस युवाओं थाना प्रभारी को ज्ञापन दिया उषा ठाकुर को मंत्री पद से बर्खास्त करने की माँग की साथ हाई अविलंब गिरफ़्तार की माँग की जिसमें जयस प्रदेश अध्यक्ष अंतिम मुझाल्दा जयस प्रदेश महासचिव गेंदालाल धार जयस जिलाध्यक्ष देवराज मल्होत्रा, शुभम सोलंकी मीडिया प्रभारी, रमेश मंडलोई, अश्विन सोलंकी, मनोज पटेल, बसन्त कन्नौज ब्लॉक अध्यक्ष निसरपुर, गौरव अलावा, सौरभ पटेल, कैलाश मंडलोई, धरमपुरी जयस अध्यक्ष देव मुकाती, मनावर जयस प्रभारी सुनील चौहान, सुनील स्टार, राजू मेहरा पीथमपुर, हरिओम बघेल राजेन्द्र मंडलोई मनावर, बाबा तड़वाल डही, जितेंद्र डावर, जीत मौर्य, मोहन मुजाल्दा भेसलाय, आयुष बामनिया डही, के साथ जयस युवाओं ने ज्ञापन दिया जिसमें पांचवीं अनुसूची, वनाधिकार कानून, पेसा कानून समेत आदिवासियों-गरीबों के अन्य संवैधानिक अधिकारों के लिए कार्य करने वाले जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन को मध्यप्रदेश की संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर द्वारा जयस संगठन को देशद्रोही संगठन बताया जाकर जयस संगठन को नष्ट करने का आह्वान किया जाकर जयस संगठन के आदिवासी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध लोगों को भड़काकर अशांति फैलाकर राष्ट्र की एकता-अखंडता को नष्ट करने, देश के आखिरी पंक्ति में खड़े आदिवासियों के भावनाओं को आहत करने पर उषा ठाकुर के खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 एवं आईपीसी की धारा 124A, 153A, 153B, 504, 505 (1)(B) के तहत एफआईआर दर्ज कर अविलंब गिरफ्तार करने बाबत एवं मध्य प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी संस्कृति-सभ्यता विरोधी संगठनों को घुसने से प्रतिबंधित करने की माँग 21/09/2020 को डोंगरगांव स्थित आंबेडकर विश्वविद्यालय में मध्यप्रदेश की संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने पूरे होश में जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन को देशद्रोही संगठन बताकर जयस संगठन को नष्ट करने, जयस कार्यकर्ताओं के खिलाफ लोगों को भड़काने, सामाजिक अशांति फैलाने एवं संविधान का उल्लंघन कर राष्ट्र की एकता-अखंडता को नष्ट करने एवं देश के आखिरी पंक्ति में खड़े आदिवासियों की भावनाओं को आहत किया गया है। जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन संविधान की पांचवीं अनुसूची, वनाधिकार कानून, पेसा कानून समेत आदिवासियों-गरीबों के अन्य संवैधानिक अधिकारों के लिए कार्य करता है।
उषा ठाकुर का उक्त बयान सोशल मीडिया में खूब वायरल हो चुका है, भोपाल, इंदौर समेत मध्यप्रदेश के अनेक समाचार पत्रों में दिनांक 20/09/2020 के अंक में प्रकाशित भी हुआ है।
उषा ठाकुर के उक्त बयान से देश का समस्त आदिवासी समुदाय आहत है एवं आदिवासियों के प्रति किसी हिंसक घटना, सामाजिक अशांति, वैमनस्व भाव, देश की एकता-अखंडता को खतरा पैदा हो गया है। उषा ठाकुर द्वारा आदिवासियों के प्रति, जयस संगठन के आदिवासी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध दुर्भावना, घृणा, शत्रुता, विद्रोह, अफवाह फैलाकर, दुष्प्रचार करने देश के समस्त आदिवासियों के सुरक्षा एवं शांति को खतरा पैदा हो गया है। उषा ठाकुर का उक्त बयान संवैधानिक प्रावधानों एवं मूल्यों के खिलाफ है, भारतीय लोकतंत्र का मजाक है।
उषा ठाकुर के उक्त असंवैधानिक बयान से देश के संपूर्ण क्षेत्र के आदिवासी लोगों में आक्रोश और रोष व्याप्त है। साथ ही संवेदनशील-आदिम-पिछड़े समुदायों भय और क्षोभ व्याप्त है।
अत: देश में संविधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रावधानों को बनाए रखने तथा शांति-व्यवस्था कायम रखने, देश की एकता-अखंडता को बनाए रखने के लिए आदिवासी बहुल अनुसूचित क्षेत्रों गैर-आदिवासी संगठनों को प्रतिबंधित किया जाए एवं मध्यप्रदेश की संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर के खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 एवं आईपीसी की धारा 124A, 153A, 153B, 504, 505 (1)(B) के तहत एफआईआर दर्ज करने की कृपा करें एवं अविलंब गिरफ्तार की माँग की गयी ।