Re-Discover India Indore

Re-Discover India Indore Rediscover India News with highly rich content which is investigated, analytical, educative and informative. www.rediscoverindianews.com

08/08/2026
महापौर पुष्यमित्र भार्गव तुम निर्दोष हो, शहर तुम्हें बा - इज्जत बरी करता है। लेकिन अफसोस इस बात का है कि शहर के असली आरो...
06/08/2026

महापौर पुष्यमित्र भार्गव तुम निर्दोष हो, शहर तुम्हें बा - इज्जत बरी करता है। लेकिन अफसोस इस बात का है कि शहर के असली आरोपी खुले आम सत्ता की मलाई और सरकार का सुख भोग रहे है?

@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

पहली बार महापौर बने पुष्यमित्र भार्गव के 4 साल के कार्यकाल को भारी-भरकम उम्रदराज और अकर्मण्य हो चुकी राजनीतिक और भ्रष्ट प्रशासनिक व्यवस्था को साथ रखकर देखना न्यायोचित होगा।

क्योंकि इस शहर की कमान न केवल यहां के महत्वाकांक्षी नेताओं और रसूखदार धनाढ्य व्यवसायियों के हाथों में है बल्कि भोपाल में बैठे सत्ताशीर्ष और उनके प्रशासनिक सिपहसलारों की गिद्ध नजरें भी इस शहर की कमान हथियाने पर लगी है।

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव का यह पहला कार्यकाल है। यदि उनके चार साल के सफर का आकलन शहर की पूरी राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में किया जाए—जिसमें 85 पार्षद, दो दशकों से जमे 6 विधायक, 8 सालों से प्रतिनिधित्व कर रहे सांसद, दो कद्दावर कैबिनेट मंत्री जिसमें एक नगरीय विकास मंत्री तो दूसरा जल संसाधन मंत्री और इंदौर शहर के प्रभारी स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित उनके द्वारा पदस्थ नौकरशाही शामिल है— इन सभी दिग्गजों की जनता के प्रति जवाबदेही और शहर के विकास के प्रति जागरूकता की कसौटी पर परखे तो सिर्फ निराशा ही शहर के खाते में आती हैं।

यदि इस पूरे तंत्र की जवाबदेही की कसौटी पर पहली बार चुनकर आए महापौर पुष्यमित्र भार्गव के 4 साल के कार्यकाल की….सफलता-असफलता को तौला जाए, तो शहर के ज्वलंत मुद्दों के प्रति उनकी ईमानदारी, अटूट मेहनत और जनता से जुड़ाव उन्हें बेहद सराहनीय और प्रशंसा का पात्र बनाता है।

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
#भाजपा #भाजपासरकार

ऐसे नेता भी व्यक्तिगत स्वार्थ और निजी हित के लिए पार्टी के प्रति वफादार नहीं होते हैं!! पार्टी के प्रति कृतज्ञ बनो, इतना...
05/08/2026

ऐसे नेता भी व्यक्तिगत स्वार्थ और निजी हित के लिए पार्टी के प्रति वफादार नहीं होते हैं!! पार्टी के प्रति कृतज्ञ बनो, इतना भी कृतघ्न मत बनो।

@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

नेता जी 6 बार भाजपा से विधायक रहे! 2003 से 2026 तक राज्य मंत्री से लेकर गृह मंत्री पद तक सत्ता के चरम सुख, सम्मान और वैभव का आनंद लिया।

पार्टी और सरकार ने मान-सम्मान और शुभ-लाभ के अनगिनत अवसर दिए, जिसकी बदौलत लक्ष्मी जी की अपार अनुकम्पा बरसी…। आगामी सात पुस्तो के लिए ऐशो आराम से जिंदगी बिताने की व्यवस्था हो चुकी हैं।

67 साल की उम्र में एक बार पार्टी ने विधायकी का टिकट क्या काट दिया आज वही नेता पार्टी के प्रति कृतज्ञ होने के बजाय कृतघ्नता की सारी हदें पार कर रहे हैं! इसे ही कहते हैं अहसान फरामोशी की पराकाष्ठा! और घोर कृतघ्नता का जीता-जागता उदाहरण है।

यदि ऐसा ही चलता रहा तो नई ऊर्जावान, युवा और बुद्धिजीवी कर्मठ कार्यकर्ताओं को तो कभी मौका ही नहीं मिलेगा?

रही बात कार्यकर्ताओं की वो तो अपने निजी स्वार्थ और व्यक्तिगत संबंधों की खातिर हमेशा नेता और मंत्री के प्रति निष्ठावान होते है। उनके लिए नेता पहले पार्टी बाद में विचारधारा सर्वोपरि रहती हैं।

कद्दावर, धनाढ्य और बाहुबली नेताओं के कार्यकर्ता जहाँ नेता वहां वो की विचारधारा से चलते है।

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
#दतिया #भाजपासरकार #भाजपा

दैनिक भास्कर व्यवसायिक मीडिया की इस तरह की पत्रकारिता को क्या कहेंगे? रियल एस्टेट इंडस्ट्री को डराने, धमकाने और दवाब बना...
03/08/2026

दैनिक भास्कर व्यवसायिक मीडिया की इस तरह की पत्रकारिता को क्या कहेंगे? रियल एस्टेट इंडस्ट्री को डराने, धमकाने और दवाब बनाने की पत्रकारिता? या सफेद पोश ब्लैकमेलिंग पत्रकारिता?

@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

दैनिक भास्कर का स्टिंग ऑपरेशन या व्यवसायी की साख गिराने की शर्मनाक कोशिश?

तथाकथित राष्ट्रीय मीडिया के नाम से जाना जाने वाला दैनिक भास्कर अखबार ने शहर के दशकों पुराने प्रतिष्ठित, रेरा द्वारा मान्यता प्राप्त रियल एस्टेट बिल्डर की वैध और रेरा द्वारा मान्यता प्राप्त टाउनशिप में प्लॉट खरीदने के लिए, अखबार के पत्रकार को फर्जी ग्राहक बनाकर प्लॉट खरीदने की बात कंपनी की सेल्स एक्जीक्यूटिव से करवाकर उस बातचीत को भास्कर इंवेस्टिगेशन का नाम देकर सोमवार 3 अगस्त को फ्रंट पेज की पहली खबर बनाकर प्रकाशित कर दिया?

खबर में इस बात को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया कि टाउनशिप के पास प्लॉट बिक्री के सभी कानूनी अधिकार और रेरा अप्रूवल मौजूद हैं।

जब तक कोई कानूनी वित्तीय अनियमितता या टाउनशिप की वैधता और कानूनी मान्यता को लेकर किसी ग्राहक की कोई शिकायत न हो, किसी सरकारी विभाग से कोई रोक या मंजूरी न हो तो निवेशकों के प्लॉट वैध और रेरा द्वारा मान्यता प्राप्त टाउनशिप में खरीदना और बेचना कब से अपराध की श्रेणी में आ गया है? या किसी मीडिया संस्थान की सनसनी खेज खबर बनाने की पत्रकारिता की श्रेणी में??

व्यवसाय की सामान्य बातचीत या प्लॉट को रिसेल करने की बातचीत को पत्रकार द्वारा फर्जी ग्राहक बनकर रियल एस्टेट संस्थान को बदनाम करने के उद्देश्य से प्रकाशित करना सीधे सीधे ब्लैकमेलिंग है।

संस्थान के मालिक द्वारा मोबाईल न उठाना या sms का जवाब न देना कोई यह लिखकर प्रकाशित कर देना कि वो डायरियों और पर्चियों पर हुए सौदों से जुड़े सवालों से बचते रहे! यह सीधे सीधे ब्लैकमेलिंग और मानहानि के लिए प्रकाशित किया गया।

जवाब देने से बचते रहे यह लिखने का आधार क्या है? यह तो तथाकथित पत्रकार या संपादक महोदय ही बता सकते हैं।

बिना किसी ठोस वित्तीय अनियमितता या दस्तावेजी गड़बड़ी के, सिर्फ एक सेल्स एग्जीक्यूटिव से दैनिक भास्कर के पत्रकार ने फर्जी ग्राहक बनकर की गई बातचीत को मुख्य आधार बनाकर मनगढ़ंत खबर बनाकर उसे फ्रंट पेज की पहली खबर बनाने के पीछे दैनिक भास्कर प्रबंधन की नीयत और व्यवसायिक दृष्टिकोण साफ परिलक्षित होता हैं।

पिछले कई वर्षों से तथाकथित राष्ट्रीय मीडिया स्टिंग ऑपरेशन के नाम पर सिर्फ प्रबंधकों और संस्थान के व्यवसायिक लाभ के लिए फर्जी मनगढंत और बनावटी खबर अपने पत्रकारों और संपादकों के माध्यम से तैयार कर, उसे स्टिंग ऑपरेशन या इंवेस्टिगेशन का नाम देकर फ्रंट पेज पर प्रकाशित करते आ रहे है। इज्जतदार और शाख वाले संस्थानों को मजबूर करते हैं लाखों करोड़ो के अनैतिक लाभ के लिए!! शर्मनाक है ऐसी पत्रकारिता।

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

कौन कहता है कि कानून और सजा के न्यायिक प्रावधान और मौजूदा न्यायालयीन प्रणाली से कोई अपराधी अपराध करने से डरता है?@री डिस...
02/08/2026

कौन कहता है कि कानून और सजा के न्यायिक प्रावधान और मौजूदा न्यायालयीन प्रणाली से कोई अपराधी अपराध करने से डरता है?

@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

यदि सरकार कहती है कि हमने पेपर लीक के लिए सख्त कानून बनाया है, 10 साल की सजा और 10 करोड़ जुर्माना। तो क्या इससे पेपर लीक होना खत्म हो जाएगा? क्या सरकार इस बात की ग्यारंटी दे सकती है देश के छात्रों और उनके अभिभावकों को?

देश में किस अपराध के लिए कानून और सजा का प्रावधान नहीं है, क्या ऐसा अपराध देश के 140 करोड़ लोगों में से कोई बता सकता हैं?

और सबसे महत्वपूर्ण बात कठोर से कठोर सजा के कानून बनाने के बावजूद ऐसा कौन सा अपराध है जो भारत में पूरी तरह से ख़त्म हो गया है या उसमें कमी आ गई है? यदि किसी देशवासी को पता हो तो बताएं?

होना तो यह चाहिए कि सरकार के खौफ़ और कार्यवाही से डरना और काँपना चाहिए सरकार और समाज में विचरण कर रहे अपराधियों और अपराधिक मानसिकता के लोगों को फिर चाहे वो सफ़ेदपोश हो या आदतन अपराधी।

है सरकार में यह हिम्मत की वो कह सके कि सरकार का मुखिया ग्यारंटी देता है कि अपराध और अपराधी मुक्त सिस्टम बनाएंगे। इतना खौफ होगा सरकार का अपराधियों पर?

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
#कानून

01/08/2026

Doom is Here for a

Get ready to rule the streets with the all-new TVS Raider Doctor Doom Edition.

What are you waiting for?
Get. Set. Raid.

Unleash the Wickedness at DUGAR TVS:
📍Geeta Bhawan: 6A, Ratlam Kothi Main Rd, Geeta Bhawan Square, Indore

📍Airport Road: 6, Airport Rd, Near Vidyadham Temple, Vyankatesh Nagar, Indore

पेपर लीक माफिया किसके लिए पेपर लीक करता हैं? पेपर लीक माफिया को करोड़ो रूपए कौन दे सकता हैं? सिर्फ और सिर्फ़ कोचिंग इंडस...
30/07/2026

पेपर लीक माफिया किसके लिए पेपर लीक करता हैं? पेपर लीक माफिया को करोड़ो रूपए कौन दे सकता हैं? सिर्फ और सिर्फ़ कोचिंग इंडस्ट्री और कोचिंग माफिया!!

देश का शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और लोकसभा का स्पीकर कोटा की एलेन कोचिंग इंस्टीट्यूट में क्यों गए थे? फर्जी रिजल्ट और डमी स्कूलों का आरोपी, कोचिंग माफिया का स्वयं को डॉन कहने वाले राजेश माहेश्वरी के साथ संवैधानिक पदों पर बैठे मंत्री और लोकसभा स्पीकर क्या कर रहे थे??

एलेन कोचिंग के मालिक माहेश्वरी बंधु कितने नेताओं, सरकार और सरकार से जुड़े संगठनों को कितना चंदा देते है? इस कोचिंग माफिया संस्थान के रिजल्ट और डमी स्कूलों की जांच यदि करवाई जाए तो कई चौंकने वाले खुलासे सामने आ जाएंगे।

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

जंतर-मंतर के प्रदर्शन को पूरे देश के 45 करोड़ Gen – Z छात्रों और युवाओं की सोच, व्यवहार या चेहरा समझना देश की सबसे बड़ी ...
30/07/2026

जंतर-मंतर के प्रदर्शन को पूरे देश के 45 करोड़ Gen – Z छात्रों और युवाओं की सोच, व्यवहार या चेहरा समझना देश की सबसे बड़ी भूल है।

@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले इकट्ठे हुए छात्रों और युवाओं के एक खास समूह को जिन्हें उम्र के वर्गीकरण के आधार पर Gen – Z कहा जाता हैं। उनके आचार, विचार और व्यवहार से आप देश के 45 करोड़ छात्रों और युवा Gen – Z को देखने या समझने का एक तरफा नजरिया, सोच या धारणा नहीं बना सकते हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आचार, विचार और व्यवहार को देश के 45 करोड़ युवाओं का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।

यदि कुछ बुद्धिजीवी, मीडिया और सरकार जंतर-मंतर के प्रदर्शन को आधार बनाकर देश के 45 करोड़ Gen – Z वर्ग के छात्रों और युवाओं को लेकर कोई सामूहिक नजरिया पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं तो यह उनकी सबसे बड़ी भूल होगी।

भारत का युवा वर्ग अत्यंत विविध टैलेंटेड है, और किसी एक प्रदर्शन से उसकी समग्र सोच को परिभाषित नहीं किया जा सकता।

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

एलेन कोचिंग इंस्टीट्यूट के कोचिंग माफिया डॉन राजेश माहेश्वरी और माहेश्वरी बंधुओं के साथ देश का शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प...
27/07/2026

एलेन कोचिंग इंस्टीट्यूट के कोचिंग माफिया डॉन राजेश माहेश्वरी और माहेश्वरी बंधुओं के साथ देश का शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कोटा में उनके साथ क्या कर रहा था?

6 सितंबर 2022 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कोटा के कोचिंग माफिया डॉन राजेश माहेश्वरी की एलेन कोचिंग इंस्टीट्यूट में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के साथ मुख्य अतिथि के तौर पर गए थे !!

क्या संवैधानिक पद पर रहते हुए केंद्रीय मंत्री और लोकसभा के स्पीकर को लाखों रुपए की फीस वसूलने वाले शिक्षा के बाजारीकरण और डमी स्कूलों के आरोपी कोचिंग संस्थानों में जाकर मंच पर जाना देश सेवा या संवैधानिक कर्तव्य के तहत् आता है?

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

क्या यह सच है?प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 12 साल के कार्यकाल में कभी भी काबिल शिक्षा मंत्री देश को नहीं दिया जो शिक्षा के ...
27/07/2026

क्या यह सच है?

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 12 साल के कार्यकाल में कभी भी काबिल शिक्षा मंत्री देश को नहीं दिया जो शिक्षा के क्षेत्र मे क्रांतिकारी परिवर्तन ला सके?

@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

पिछले 12 सालों में मोदी सरकार देश में प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर कभी भी गंभीर नहीं रही है। मोदी सरकार का पढ़ाई से ज्यादा फोकस स्किल और स्टार्टअप ही रहा हैं!!

सन् 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने टी वी सिरियल की मात्र 12 वी पढ़ी अभिनेत्री स्मृति ईरानी को देश की उच्च शिक्षा मंत्री बनाया था!! बस इतना ही काफी है प्रधानमंत्री मोदी की शिक्षा को लेकर गंभीरता समझने के लिए।

प्रधानमंत्री मोदी रील बनाने वाले और यू ट्यूबरो को ज्यादा महत्त्व देते है, उनके सम्मेलनों में शिरकत करते है।

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

Address

344-E, Scheme Number-94, Ring Road, Near Bangali Square
Indore
452001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Re-Discover India Indore posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Re-Discover India Indore:

Shortcuts

Share