06/09/2026
मोहम्मद शामी ने ठान कि शाला मुझको चाहिए ही चाहिए चाहे जो हो जाए खुद को मेहनत में खपा दूंगा पूरी तरह बदल जाऊंगा जमी अस्मा एक कर दूंगा कितनी रुकावटें क्यों न आ जाए पर शाला मानूँगा तो नहीं आलोचकों को फिर जलाऊंगा फिर एक बार मैदान में आऊंगा नीली जर्सी पहन कर फिर भारत को अपनी मेहनत से जज्बे से गर्व करवाऊंगा में झुकेगा नहीं शाला