13/02/2026
मेरे प्रिय ग्रामवासी दुफेड़िया के बुजुर्गों, भाइयों और मेरी माताओं-बहनों मैं आज यहाँ एक नेता के तौर पर नहीं बल्कि आपके परिवार के एक सदस्य के रूप में चुनाव में खड़ा हूँ हम सब जानते हैं कि हमारे गाँव में बजट तो आता है, लेकिन गलियां आज भी वैसी ही हैं चुनाव में बहुत सारे प्रत्याशी खड़े होंगे और होना भी चाहिए सबका Fundamental Right है सबको आजादी है अपनी लड़ाई लड़ने की चुनाव के चक्कर में आपसी भाईचारा खराब मत करिए भाईचारा पहले है चुनाव बाद में मेरा किसी भी प्रत्याशी से किसी भी तरह का कोई मतभेद नहीं है सब मेरे अपने हैं भाई हैं आप अपनी चुनावी लड़ाई लड़िए हम अपनी लड़ाई लड़ेंगे हारना और जीतना तो जिंदगी का एक हिस्सा है परिणाम तो दो ही आएगा हार या जीत का जनता कोई भी फैसला देगी हमें दोनों मंजूर है जनता जिसको चाहे तख्त पे बिठा दे जिसको चाहे फर्श पे बिठा दे जनता के हक में सारा फैसला है ग्रामवासी जो भी मेरे हक में फैसला करेंगे हमें वो स्वीकार है आपको जो भी प्रत्याशी अच्छा लगे आप उसे अपना वोट दो किसी के बहकावे में या किसी के दबाव में आकर आप अपना वोट खराब मत करिए।
ग्रामवासियों मेरा मकसद केवल चुनाव जीतना नहीं बल्कि गाँव की हर सरकारी योजना का लाभ सीधे आपके दरवाजे तक पहुँचाना है साथियों चुनाव तो हर पांच साल में आते हैं और चले जाते हैं बड़े-बड़े वादे होते हैं हाथ जोड़े जाते हैं लेकिन चुनाव खत्म होते ही वे वादे फाइलों में दब जाते हैं आज भी हमारे गाँव की गलियां कीचड़ से भरी हैं आज भी हमारे गरीब भाई को आवास के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं और आज भी हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए शहर की ओर भागना पड़ता है आखिर कब तक?
ग्रामवासियों हमारा गाँव हमारी पहचान है इस बार का चुनाव केवल एक 'प्रधान' चुनने का नहीं बल्कि गाँव की तस्वीर बदलने का है आइए एक ऐसे व्यक्ति को चुनें जो आपके बीच का हो आपकी बात सुनता हो और जिसमें काम करने का जज्बा हो हमें सोचना है — क्या हमारा वोट इतना सस्ता है?
वोट एक अमानत है यह केवल उसी को देना है जो सच्चा हो, ईमानदार हो, और सेवा का जज़्बा रखता हो अगर हमने कुछ पैसों या तात्कालिक लाभ के लिए वोट बेच दिया तो नुकसान गाँव का होगा नुकसान आने वाली पीढ़ियों का होगा।
ग्रामवासियों आज आपके बीच कोई 'नेता' बनकर नहीं बल्कि आपके परिवार का एक 'बेटा' और 'भाई' बनकर खड़ा हूँ मेरा संकल्प स्पष्ट है वोट केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं है यह आपके और आपके बच्चों के भविष्य की चाबी है मुर्गा या चंद रुपयों के लालच में अपना भविष्य मत बेचिएगा एक बार सोचिएगा कि क्या हमें वही पुराना ढर्रा चाहिए या एक नया चमकता हुआ और विकसित गाँव?
ग्रामवासियों मैं आपसे वादा करता हूँ अगर आपने मुझे सेवा का मौका दिया तो अगली बार मुझे वोट मांगने नहीं आना पड़ेगा—मेरा 'काम' खुद आपके घर आकर गवाही देगा आज मैं यहाँ वोट मांगने नहीं आया हूँ आज मैं यहाँ अपने इस गाँव का दर्द साझा करने आया हूँ इसी मिट्टी में खेलकर मैं बड़ा हुआ हूँ इन्हीं गलियों में मेरा बचपन बीता है आज जब मैं अपने बुजुर्गों को टूटी सड़कों पर चलते देखता हूँ या किसी गरीब का हक छीना जाता है तो मेरा दिल रो पड़ता है।
ग्रामवासियों वोट तो आप जिसे चाहें उसे दें लेकिन याद रखिएगा— चंद रुपयों का लालच आपके बच्चों का भविष्य नहीं बदल सकता एक बार अपने बच्चों की आँखों में देखिएगा और फिर फैसला कीजिएगा कि आपको 'ठेकेदार' चाहिए या अपना 'बेटा'।
लोगों का इतना प्यार देखकर ये पता चल रहा है की लोग बदलाव चाहते हैं झूठे वादों से जनता परेशान हो चुकी है अब उन्हें एक अच्छा मुखिया और एक अच्छा सेवक की जरूरत है जो जनता के सुख दुःख में काम आ सके जनता के कंधे से कंधा मिलाकर चले आप लोगों से जो भी वादे कीये हैं वो सारे वादे जरूर पूरा करूंगा नेता नहीं बेटा बनकर आप के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलूंगा दूसरे के बहकावे में मत आएं कुछ लोग तो पैसे से लोगों को खरीद रहे हैं याद रहे जो आज आप को खरीद सकता है वो कल आप को बेच भी सकता है चंद पैसों के लिए आप अपना ईमान, धर्म मत बेचो ये आप नहीं बिक रहें हैं बल्कि आप अपना भविष्य बेच रहें आप अपने बच्चों का भविष्य पैसों से मत बेचो याद रहे आप की छोटी सी गलती आप को और आप के बच्चों का भविष्य खराब कर सकती है आप उन को वोट दो जो आप को आप के गांव को विकास की तरफ ले के जाए ।
ग्रामवासियों जब कोई हक़ बात लेकर खड़ा होता है उसे गिराने वाले बहुत खड़े हो जाते हैं चुनाव में बहुत से लोग विरोध करते हैं साजिश पे साजिश करते हैं लेकिन हिम्मत और लोकप्रिता का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं न कोई दल न किसी बड़े चेहरे का साथ सिर्फ युवाओं का सहारा ले कर मैदान में उतर चुका हूँ मेरे पास है तो सिर्फ और सिर्फ लोगों की दुआ और मोहब्बतें हमेशा की तरह जब कोई हक़ लेकर खड़ा होता है दस्तूर है दुनिया का उसके खिलाफ कई खड़े हो जाते हैं हम अकेले खड़े हुए हैं लेकिन आज हमारे साथ पूरा काफिला है और गिराने वालों से इतना कहूँगा के कैसे रोक पाओगे इस आने वाले इन्किलाब को हमेशा से इतिहास गवाह है हक़ को कभी दबाया नहीं जा सकता है साथियों हमने प्रारम्भ से अंतिम समय तक संघर्ष किया है आगे भी इस पर सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
मेहनत और सच्चाई से कोई भी सपना हकीकत बन सकता है इस बार तो जनता का प्यार और आपका जोश मिलकर पूरे ग्रामसभा में तहलका मचाने वाला है ये जज्बा और जुनून तो हर किसी के लिए मिसाल है पढ़ा-लिखा युवा हो, अमीर-गरीब हिन्दू-मुस्लिम सबका सम्मान करता हो, और सबसे बड़ी बात अगर दिल में हिम्मत और लगन हो तो कोई भी गरीब हो या अमीर चुनाव लड़ सकता है और अपनी आवाज बुलंद कर सकता है ये साबित कर दिया कि सपने और मेहनत के आगे कोई बाधा नहीं टिकती जनता का प्यार और इंतजार इस बात का सबूत है कि हम ने जनता दिलों में जगह बना ली है इस बार तो जोरदार तरीके से मैदान में उतरेंगे |
पुनः एक बार फिर ग्रामसभा दुफेड़िया के सम्मानित मतदाताओं व जनमानस का आभार नौजवान दोस्तों का आपने अपना प्यार और स्नेह दिया आप सभी के बीच हमेशा बना रहूंगा हमने पहले भी कहा कि हमारा रिश्ता चुनावी नहीं है मैं आप सबकी मोहब्बतों का कर्जदार हूं और रहूँगा आप लोगों ने मुझे इतना प्यार और सम्मान दिया सोशल मीडिया पर कॉल करके, मैसेज करके, प्रोत्साहन दिया प्यार जताने का एक-एक नाम लूँगा तो पोस्ट बहुत बड़ा हो जाएगा जिन-जिन लोगों ने मुझे प्यार,स्नेह और सपोर्ट किया उस के लिए मैं आप सभी लोगों का आभारी हूँ और रहूँगा।
मुकद्दर से कह दो अकेला नहीं हूं मैं ,
दुआओं का काफिला मेरे साथ चलता है |
नेता नहीं, सेवक चुनें
आपका भाई, आपका बेटा
नदीम खान
भावी प्रधान पद प्रत्याशी ग्रामसभा-दुफेड़िया