31/05/2026
जबलपुर में अनुकंपा नियुक्ति और पैसों के लेन-देन को लेकर सामने आए विवाद में अब रघु तिवारी का पक्ष भी सामने आया है। रघु तिवारी का कहना है कि उनके खिलाफ की गई शिकायत पूरी तरह गलत है और उनके द्वारा ली गई राशि किसी नौकरी के नाम पर नहीं, बल्कि कोर्ट केस और अधिवक्ता की फीस से संबंधित थी।
रघु तिवारी के अनुसार संबंधित मामला न्यायालय में लंबित था और केस की फीस पहले से तय की गई थी। उनका दावा है कि लगभग 50 हजार रुपये अधिवक्ता फीस के रूप में दिए गए थे, जबकि शिकायत में इसे नौकरी के नाम पर ली गई राशि बताया गया है। वहीं दूसरी ओर पीड़ित पक्ष के आरोप और कथित कॉल रिकॉर्डिंग भी कई सवाल खड़े कर रही है।
इस वीडियो में हम आपको सुना रहे हैं कथित कॉल रिकॉर्डिंग के कुछ हिस्से और साथ ही रघु तिवारी का पक्ष, ताकि दर्शक दोनों पक्षों को सुनकर अपनी राय बना सकें।
⚠️ Disclaimer:
इस वीडियो में प्रस्तुत जानकारी संबंधित पक्षों के दावों, शिकायतों, दस्तावेजों और प्राप्त ऑडियो सामग्री पर आधारित है। कथित कॉल रिकॉर्डिंग की स्वतंत्र पुष्टि हमारा चैनल नहीं करता। मामला जांचाधीन है और अंतिम निष्कर्ष सक्षम जांच एजेंसियों एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगा। इस वीडियो का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था की छवि धूमिल करना नहीं, बल्कि दोनों पक्षों का पक्ष समाचार के रूप में प्रस्तुत करना है।