19/08/2026
पत्रकारिता या पक्षपात? स्कूलों की सच्चाई दिखाने की जिम्मेदारी किसकी?
एक पत्रकार ने स्कूलों में जाकर की जा रही कथित छापेमारी और अनुमति को लेकर सवाल उठाए हैं। सवाल उठना जरूरी है, लेकिन इसके साथ एक बड़ा सवाल पत्रकारिता की भूमिका पर भी खड़ा होता है।
अगर स्कूलों की वास्तविक स्थिति जानना और जनता तक ground reality पहुँचाना जरूरी है, तो पत्रकारों को भी उचित अनुमति लेकर स्कूलों में जाकर वहां की सच्चाई दिखानी चाहिए। केवल किसी राजनीतिक दल या संगठन की ground reporting पर सवाल उठाने के बजाय खुद ground पर जाकर तथ्य सामने रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
जनता को किसी एक पक्ष की कहानी नहीं, बल्कि पूरी और निष्पक्ष तस्वीर चाहिए। स्कूलों की हालत खराब है तो उसे दिखाइए, व्यवस्था अच्छी है तो वह भी दिखाइए—लेकिन रिपोर्टिंग तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए।
सवाल किसी एक व्यक्ति से नहीं, पूरी पत्रकारिता से है—क्या हम सचमुच ground reality दिखाने के लिए तैयार हैं?
World Express News — सच की तेज़ रफ्तार।