14/05/2021
पापियों को पनाह देते ये अनगिनत बंगले..जहाँ से लोगो को लगते हैं मौत के कांटे,आप भी जानिए इन बंगलो को..
(विवेक तिवारी।)यह बंगला लोगो के लिए शूल बन गया है ,यह बंगला लोगों को कांटे चुभा रहा है, यह बंगला आप को दर्द दे रहा हैं ,इस बंगले वाले को थोड़ी भी शर्म नहीं है, इस बंगले वाले को लोगों के दर्द को देखकर थोड़ी सी भी माथे में शिकन नहीं होती यह बंगला अब लोगों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है, हर बार इस बंगले पर सवाल उठते हैं लेकिन ये बंगला वाला अपने ऊपर इन सवालों को कभी हावी नही होने देता , वह भूल जाता है कि जो सवाल उठ रहे हैं वह उस से ताल्लुक ही नहीं रखते लेकिन जनता जनार्दन आप जान जाइए यह जितने भी सवाल उठ रहे हैं आपके मन में उन तमाम सवालों का जवाब उस बंगले में ही मौजूद है। कोरोना काल में भी यह बंगला और इस बंगले में रहने वाले लोगों ने अपने चेहरे को चमकाने के लिए बहुत कोशिश की लेकिन अपने चेहरे चमकाने की कोशिश में इन्होंने दूसरों के चेहरे मुरझा के रख दिये है किसी मां का बेटा चला गया किसी पत्नी का पति चला गया लोग अनाथ हो गए लेकिन इस बंगले में कभी उदासी नजर नही आई इस बंगले की पनाह में मौतों का सौदा हुआ और अभी भी उन मौत के सौदागरों को बचाने के लिए पूरी कोशिश जारी है एक शब्द इन मौतों पर उस बंगले पर नही गूंजे , ऐसे अनगिनत बंगले हैं लेकिन कभी-कभी मनहूसियत वाले बंगलो की बात सभी करते हैं यह मनहूसियत बंगले की गलती नहीं होती है यह मनहूसियत उस बंगले वाले व्यक्ति की होती है जो उस बंगले में सकारात्मक ऊर्जा का संचार नहीं कर पाता है नकारात्मक उर्जा के बीच घिरा रहता है और फिर वही नकारात्मक ऊर्जा बंगले से निकलकर समाज को भी बर्बाद करने में तुली होती है मैं यहां पर संदर्भ न भी लिखूं तो लोग तो समझदार हो रहे हैं जो मेरे समस्त दर्द को समझ भी जाएंगे अगर आप जबलपुर के हैं तो आप भी उस बंगले वालों को जानते ही होंगे भोपाल में हैं तो वहां पर भी बंगले वाले हैं ,दिल्ली भी बंगला बन रहा है बस उसका नाम दूसरा है उनको भी जानते होंगे वह आपके लिए कोरोना काल में क्या कर सके, मैं यह भी नहीं कहता कि सारे बंगले वाले बुरे हैं लेकिन ऐसे बंगले वाले भी हैं जिन्हें हम बुरे की श्रेणी में रखे नहीं सकते हैं वह हैवान हो चुके हैं उनके बंगलों में हैवान लोगों को पनाह दी जाती है यह सिलसिला इतिहास के पन्नों में भी दर्ज है भारत का इतिहास भी महलों में पनाह पाता रहा है उन महलों में भी इसी तरह से पाप पनपते थे जो आधुनिक युग में इन बंगलों में पनपने लगे हैं जबलपुर में भी हम देखते हैं तो अखबारों की सुर्खियों में बंगले की कहानी निकल कर आ गई किसी ने लिखा कि नर पिशाच को पहले भी बचाया गया था तब उसने अपने आका को प्रसन्न करने के लिए बंगला दे दिया जाहिर सी बात है उस बंगले की कृपा उस पर अभी भी होगी कुछ लोग यह बोले कि अब एक और बंगला हो गया, जहां पर भी पनाह दी जा रही है ऐसे पापियों को और ये पापी 1 जिले से निकलकर अब चारों तरफ फैलते जा रहे हैं नीचे जो मैंने एक गाना (कांटा लगा हाय लगा ) आप गाना सुनेंगे तो उसको आप समझ जाएंगे यह गाना आपके मनोरंजन के लिए हो सकता है इस गाने में तो एक दर्द है उन सब को महसूस होगा जो इस बंगले के जरिए पनाह पाने वाला नर पिसाच उन्हें मिला है और उसने लाशों के ढेर लगा दिए, मेरा मकसद यहां यही है कि सब बंगले ऐसे हैं, लेकिन कुछ ऐसे ही है लिहाजा खुद को तैयार कर लीजिए इन बंगले वालों से बचाने के लिए क्योंकि यह बंगले वाले पापियों को पनाह देना नहीं छोड़ेंगे,क्योकि ये भी पाप के भागीदार है..