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08/03/2026

इंडिया की जनसंख्या 150 करोड़, न्यूजीलैंड की जनसंख्या- 50 लाख। न्यूजीलैंड की जनसंख्या बिहार के मधुबनी जिला इतना यानि 300 गुणा कम, इंडिया 300 गुणा अधिक मैच जीते तो तुलना समानता आधारित!

डीडी न्यूज और आकाशवाणी के वरिष्ठ पत्रकार की भांजी मोनिका श्रीवास्तव को यूपीएससी सिविल सर्विसेज में 16वीं रैंक, बिहार के ...
06/03/2026

डीडी न्यूज और आकाशवाणी के वरिष्ठ पत्रकार की भांजी मोनिका श्रीवास्तव को यूपीएससी सिविल सर्विसेज में 16वीं रैंक, बिहार के लिए गौरव की बात...

पटना (बिहार); 06-03-2026...

संघ लोक सेवा आयोग(यूपीएससी) द्वारा जारी सिविल सर्विसेज 2025 के फाइनल परिणाम में पूरे भारत में 16वीं रैंक प्राप्त कर मोनिका श्रीवास्तव ने सफलता प्राप्त की है। दूरदर्शन और आकाशवाणी के वरिष्ठ पत्रकार कमल किशोर की भांजी मोनिका ने सामान्य श्रेणी में टॉप रैंक हासिल कर बिहार का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवांवित किया है।

बिहार के औरंगाबाद जिले के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की पूर्ववर्ती छात्रा मोनिका श्रीवास्तव की इस सफलता पर विद्यालय परिवार समेत सम्पूर्ण औरंगाबाद जिला में प्रसन्नता का माहौल है। शिशु मंदिर विद्यालय परिवार अपने पूर्ववर्ती छात्रा की इस सफलता से गौरवान्वित है। औरंगाबाद के रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार कमल किशोर ने अपनी भांजी की इस सफलता पर सोशल मीडिया पर इसे अपने परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया है। पत्रकार कमल किशोर डीडी न्यूज और आकाशवाणी समाचार के लिए औरंगाबाद से जिला सम्वाददाता हैं और पिछले 37 वर्षों से अपने संपादन में नवबिहार टाइम्स समाचार पत्र प्रकाशित कर रहे हैं। मोनिका के दूसरे मामा श्रीराम अंबष्ट भी वरिष्ठ पत्रकार हैं और सोनवर्षा वाणी नामक समाचार पत्र का संपादन कर रहे हैं।

मोनिका श्रीवास्तव ने आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इससे पहले वे बिहार प्रशासनिक सेवा के लिए भी चयनित हो चुकी है। वर्तमान में वे यूपीएससी सिविल सर्विसेज अंतर्गत भारतीय रेलवे सेवा में
प्रशिक्षु ऑफिसर हैं।

विद्यालय प्रबंधकारणी समिति के सह सचिव के नाते मैं मोनिका को उनकी शानदार सफलता पर ढेर सारी बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं। हमारे अभिभावकद्वय श्री कमल किशोर जी एवं अम्बष्ट जी, प्रधान संपादक क्रमशः नवबिहार टाइम्स एवं सोनवर्षा वाणी की अपनी भगिनी है मोनिका श्रीवास्तव। मोनिका आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इससे पहले वह बिहार प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित हुई थी। वर्तमान समय में UPSC सिविल सर्विसेज से चयनित होकर भारतीय रेलवे सेवा मैं प्रशिक्षु ऑफिसर हैं।

औरंगाबाद जिले के सत्येंद्र नगर निवासी ई. ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव तथा भारती श्रीवास्तव की पुत्री मोनिका के इस सफलता को सरस्वती शिशु मंदिर औरंगाबाद के विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सचिव ओम प्रकाश सिंह ने अपने जिला के लिए प्रेरणादायक बताया है।

सुभाष सिंह यादव की रिपोर्ट।

बिहार के मधुबनी मेडिकल कॉलेज का एक अजीबोगरीब और विवादित सर्कुलर इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है. कॉलेज प्रशासन ने एक...
03/03/2026

बिहार के मधुबनी मेडिकल कॉलेज का एक अजीबोगरीब और विवादित सर्कुलर इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है. कॉलेज प्रशासन ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर छात्र-छात्राओं के साथ खड़े होने पर न केवल पाबंदी लगाई है, बल्कि उल्लंघन करने पर सीधे निकाह करा देने की चेतावनी दी है. इस तुगलकी फरमान के सामने आने के बाद संस्थान के छात्र-छात्राओं में हड़कंप मचा हुआ है.

मिली जानकारी के अनुसार, मधुबनी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के हस्ताक्षर और मुहर के साथ जारी इस पत्र में रमजान के महीने का हवाला दिया गया है. सर्कुलर में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि रमजान के पाक महीने के दौरान कोई भी लड़का और लड़की (कपल) एक साथ खड़े नहीं होंगे. अगर कोई छात्र-छात्रा एक साथ खड़े पाए जाते हैं, तो कॉलेज प्रशासन तुरंत उनका निकाह (विवाह) करा देगा.

01/03/2026

जयनगर बाबा नगरी शिलानाथ धाम में श्री सीताराम नाम जप अष्टयाम का आयोजन हुआ।

वरिष्ठ पत्रकार सुरेश कुमार गुप्ता को मासिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल 'बिहार हलचल' में मिली नई जिम्मेवारी...मधुबनी(बिहार);2...
24/02/2026

वरिष्ठ पत्रकार सुरेश कुमार गुप्ता को मासिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल 'बिहार हलचल' में मिली नई जिम्मेवारी...

मधुबनी(बिहार);23-02-2026...

मधुबनी जिला के वरिष्ठ पत्रकार सुरेश कुमार गुप्ता को हिन्दी मासिक पत्रिका 'बिहार हलचल' और चर्चित न्यूज पोर्टल 'बिहार हलचल न्यूज' में महत्त्वपूर्ण जिम्मेवारी मिली है। उन्हें इस पत्रिका और न्यूज पोर्टल में मधुबनी जिला का ब्यूरो चीफ बनाया गया है। अन्तर्राष्ट्रीय पत्रकार सुरेश कुमार गुप्ता इस पत्रिका और न्यूज पोर्टल में मधुबनी जिला के साथ-साथ सीतामढ़ी जिला में समन्वय की भी जिम्मेवारी संभालेंगे। बिहार हलचल के संस्थापक-सह-प्रधान संपादक रामदुलार यादव ने आज इन्हें यह जिम्मेवारी सौंपी है।

बिहार हलचल पत्रिका बिहार की राजधानी पटना से प्रकाशित होने वाली हिन्दी मासिक पत्रिका है। वहीं इसका न्यूज पोर्टल(www.biharhalchalnews.com) बिहार राज्य के चर्चित न्यूज पोर्टल में से है। यह पत्रिका भारत सरकार के आरएनआई से निबंधित और स्वीकृत है। यह पिछ्ले 10 वर्षों से प्रकाशित हो रही है। इसके संस्थापक-सह-प्रधान संपादक रामदुलार यादव स्वयं भी मधुबनी जिला के जयनगर अनुमंडल अन्तर्गत लदनियाँ प्रखंड के लक्ष्मीनियाँ पंचायत के भगवतीपुर गाँव के रहने वाले हैं।

नई जिम्मेवारी मिलने पर वरिष्ठ पत्रकार सुरेश कुमार गुप्ता को मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल, दरभंगा, सिरहा, जनकपुर और भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ से जुड़े पत्रकारों ने बधाई दी है।

सुभाष सिंह यादव की रिपोर्ट।

दीपशिखा सिंह बनी बिहार सरकार समाज कल्याण विभाग की मनो-सामाजिक परामर्शी , योगदान देकर कार्यभार ग्रहण किया। बधाई हो दीपशिख...
17/02/2026

दीपशिखा सिंह बनी बिहार सरकार समाज कल्याण विभाग की मनो-सामाजिक परामर्शी , योगदान देकर कार्यभार ग्रहण किया। बधाई हो दीपशिखा।

फाइलेरिया किसी को भी हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग 10 फरवरी से 27 फरवरी 2026 के बीच आपके घर आकर फाइलेरिया रोधी दवाओं को नि...
16/02/2026

फाइलेरिया किसी को भी हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग 10 फरवरी से 27 फरवरी 2026 के बीच आपके घर आकर फाइलेरिया रोधी दवाओं को नि:शुल्क खिलाएंगे। परिवार सहित दवाओं का सेवन अवश्य करें।
(स्वास्थ्य विभाग(बिहार सरकार) द्वारा जनहित में जारी)

सीमा पर बैठा जयनगर, उद्योग से अब तक दूर क्यों? कब बनेगा जयनगर बॉर्डर इंडस्ट्रियल हब?बॉर्डर सिटी से इंडस्ट्रियल सिटी तक क...
16/02/2026

सीमा पर बैठा जयनगर, उद्योग से अब तक दूर क्यों? कब बनेगा जयनगर बॉर्डर इंडस्ट्रियल हब?बॉर्डर सिटी से इंडस्ट्रियल सिटी तक का सफर - समाजसेवी मोती लाल यादव का ग्राउंड लेवल रिपोर्ट

1. जयनगर भारत–नेपाल सीमा पर स्थित एक रणनीतिक नगर है, जो रेल मार्ग से सीधे जनकपुर से जुड़ा है। अंतरराष्ट्रीय संपर्क, कृषि संसाधन, श्रम शक्ति और भौगोलिक स्थिति के बावजूद जयनगर को अपेक्षित औद्योगिक एवं अवसंरचनात्मक विकास प्राप्त नहीं हुआ है।

2️⃣ रणनीतिक महत्व
• अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित प्रमुख प्रवेश बिंदु
• नेपाल से सीधा रेल संपर्क
• उत्तर बिहार के कृषि क्षेत्र का केंद्र
• कम लागत वाली भूमि एवं श्रम उपलब्धता
इन विशेषताओं के आधार पर जयनगर को “सीमा आर्थिक गलियारा” (Border Economic Corridor) के रूप में विकसित किया जा सकता है।

3️⃣ वर्तमान स्थिति का विश्लेषण
(A) औद्योगिक आधार का अभाव
• कोई अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्र नहीं
• संगठित एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर का अभाव
• मध्यम एवं बड़े निवेश का अभाव
(B) सीमा व्यापार की अपूर्ण संरचना
• कंटेनर डिपो नहीं
• आधुनिक वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स का अभाव
• निर्यात प्रोत्साहन तंत्र सीमित
(C) रेलवे अवसंरचना का सीमित उपयोग
• अंतरराष्ट्रीय रेल संपर्क होने के बावजूद
• समर्पित माल टर्मिनल नहीं
• लॉजिस्टिक पार्क का अभाव

(D) सामाजिक-आर्थिक प्रभाव
• युवाओं का पलायन
• स्थानीय आय सृजन सीमित
• अनौपचारिक व्यापार पर निर्भरता

4️⃣ संभावनाएँ (Opportunities)
✔ एग्रो-प्रोसेसिंग उद्योग (चावल, मक्का, सरसों, मखाना)
✔ कोल्ड चेन नेटवर्क
✔ सीमा-आधारित लॉजिस्टिक हब
✔ निर्यात-उन्मुख MSME इकाइयाँ
✔ वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्ट नगर
नेपाल के मधेश क्षेत्र में भारतीय उत्पादों की उच्च मांग जयनगर के लिए स्थायी बाजार सुनिश्चित कर सकती है।

5️⃣ विकास हेतु संरचित रोडमैप
🔹 चरण 1 (तात्कालिक – 1 से 2 वर्ष)
• “जयनगर औद्योगिक क्षेत्र” की अधिसूचना
• भूमि चिन्हांकन एवं आधारभूत संरचना विकास
• MSME क्लस्टर योजना लागू
🔹 चरण 2 (मध्यम अवधि – 3 से 5 वर्ष)
• एग्रो प्रोसेसिंग पार्क
• 5000+ मीट्रिक टन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज
• सीमा व्यापार सुविधा केंद्र
🔹 चरण 3 (दीर्घकाल – 5 से 10 वर्ष)
• एकीकृत लॉजिस्टिक पार्क
• निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र (EPZ)
• पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल

1️⃣ आर्थिक लाभ (Economic Benefits)
✔ 1.1 स्थानीय GDP में वृद्धि
औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होने से मधुबनी ज़िले की आय में प्रत्यक्ष वृद्धि होगी।
स्थानीय उत्पादन → स्थानीय प्रसंस्करण → निर्यात → राजस्व वृद्धि।
✔ 1.2 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार
• प्रत्यक्ष रोजगार: फैक्ट्री, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स
• अप्रत्यक्ष रोजगार: ट्रांसपोर्ट, होटल, दुकान, सेवा क्षेत्र
हजारों युवाओं को स्थानीय स्तर पर अवसर मिलेगा।

✔ 1.3 राज्य राजस्व में वृद्धि
• GST संग्रह बढ़ेगा
• व्यापारिक लाइसेंस और निर्यात शुल्क से आय
• भूमि पंजीकरण और औद्योगिक कर
2️⃣ सीमा व्यापार लाभ (Border Trade Advantages)
✔ 2.1 नेपाल बाजार तक सीधी पहुँच
जनकपुर और मधेश क्षेत्र में भारतीय उत्पादों की स्थायी मांग है।

✔ 2.2 निर्यात लागत में कमी
सीमा निकट होने से
• ट्रांसपोर्ट लागत कम
• समय की बचत
• उत्पाद प्रतिस्पर्धी बनेंगे
✔ 2.3 अनौपचारिक व्यापार पर नियंत्रण
संगठित लॉजिस्टिक ढाँचा बनने से
• राजस्व पारदर्शिता बढ़ेगी
• अवैध व्यापार कम होगा

3️⃣ कृषि क्षेत्र को लाभ
✔ 3.1 किसानों को बेहतर मूल्य
एग्रो-प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होने से
• किसानों को सीधे बाजार मिलेगा
• बिचौलियों की भूमिका घटेगी
✔ 3.2 फसल संरक्षण
कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग से
• फसल खराब होने की समस्या कम
• वर्षभर बिक्री की सुविधा
✔ 3.3 मूल्य संवर्धन
कच्चा धान → पैकेज्ड चावल
कच्चा मक्का → प्रोसेस्ड उत्पाद
इससे आय कई गुना बढ़ सकती है।

4️⃣ सामाजिक लाभ
✔ 4.1 पलायन में कमी
स्थानीय उद्योग → स्थानीय रोजगार → परिवारों का स्थायित्व।
✔ 4.2 शिक्षा और कौशल विकास
औद्योगिक विकास से
• ITI
• स्किल सेंटर
• तकनीकी संस्थान खुल सकते हैं।
✔ 4.3 महिला सशक्तिकरण
• पैकेजिंग
• फूड प्रोसेसिंग
• लघु उद्योग
इनमें महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।

5️⃣ रणनीतिक एवं राष्ट्रीय लाभ
✔ 5.1 सीमा क्षेत्र की मजबूती
आर्थिक गतिविधि बढ़ने से सीमा क्षेत्र अधिक सुरक्षित और सक्रिय रहेगा।
✔ 5.2 भारत–नेपाल संबंधों में मजबूती
व्यापारिक संपर्क बढ़ने से द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग मजबूत होगा।
✔ 5.3 क्षेत्रीय संतुलित विकास
बिहार में औद्योगिक विकास मुख्यतः दक्षिणी हिस्सों में केंद्रित है।
जयनगर को विकसित कर उत्तर बिहार में संतुलन लाया जा सकता है।

6️⃣ रेलवे आधारित अतिरिक्त लाभ
• माल टर्मिनल बनने से रेलवे राजस्व बढ़ेगा
• कंटेनर ट्रैफिक विकसित होगा
• भविष्य में पूर्ण अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल बनने की संभावना
7️⃣ निवेश आकर्षण (Investment Magnet Effect)
एक बार आधारभूत उद्योग स्थापित होने पर:
• निजी निवेश स्वतः आकर्षित होगा
• रियल एस्टेट विकास
• बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का विस्तार

8️⃣ दीर्घकालिक दृष्टि
यदि योजनाबद्ध तरीके से विकास किया जाए तो
जयनगर अगले 10–15 वर्षों में:
• “बॉर्डर इंडस्ट्रियल हब”
• “एग्रो एक्सपोर्ट जोन”
• “लॉजिस्टिक कॉरिडोर”
के रूप में स्थापित हो सकता है।

‘वेलेंटाइन’ क्या होता है, कोई राज्यवर्धन शर्मा से सीखे; लगभग 14 वर्षों तक कोमा में पड़ी पत्नी की मृत्यु होने तक करते रहे ...
14/02/2026

‘वेलेंटाइन’ क्या होता है, कोई राज्यवर्धन शर्मा से सीखे; लगभग 14 वर्षों तक कोमा में पड़ी पत्नी की मृत्यु होने तक करते रहे अनवरत सेवा...

1980 बैच रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी हैं श्री शर्मा।

मेरे हाथों ही लिखी थी सेवा इसलिए भगवान ने बनायी जोड़ी: राज्यवर्धन।

पटना। 14 फरवरी को प्रत्येक वर्ष ‘वेलेंटाइन-डे’ मनाया जाता है। नई पीढ़ी के युवाओं में इस दिवस का एक खास आकर्षण और महत्त्व होता है। वेलेंटाइन के मौके पर प्यार का इजहार करने के अलग-अलग तरीके हैं। वेलेंटाइन का मतलब होता है निष्कपट प्यार! यूँ तो इस दिवस को साल में एक दिन यानी 14 फरवरी को ही मनाते हैं पर बिहार में एक ऐसे रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी हैं जिनकी कोमा में पड़ी पत्नी के लिए, उनके द्वारा पत्नी की मृत्यु होने तक अहर्निश की गई सेवा वेलेंटाइन-डे मनाने के पीछे का असली मकसद बताती है। तेरह वर्षों से कोमा में पड़ी पत्नी जयश्री शर्मा के लिए उनके द्वारा पत्नी की जा रही सेवा उनके लिए सालों वेलेंटाइन-डे के समान तो है ही, नई पीढ़ी के युवाओं और युवा दंपत्तियों के लिए एक प्रेरणा और उदाहरण भी है। ये अधिकारी हैं 1980 बैच के बिहार कैडर के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी राज्यवर्धन शर्मा। पुलिस विभाग में रहते हुए राज्यवर्धन शर्मा को एक कड़क पर इमानदार छवि वाला अधिकारी माना जाता रहा पर इस अधिकरी के सीने में कितना दर्द छिपा है यह कोई नहीं जानता। यहां तक कि आज तक उन्होंने अपना व्यक्तिगत दर्द और व्यक्तिगत परेशानियों को भी किसी से शेयर नहीं किया।

पटना में ही पदस्थापना के दौरान वर्ष 2007 में राज्यवर्धन शर्मा की धर्मपत्नी जयश्री शर्मा को पारालाइसिस अटैक हुआ जिसके कुछ दिन बाद ब्रेन हेमरेज के कारण वह कोमा में चली गईं। ब्रेन हेमरेज के कारण जयश्री शर्मा बोलने, सोचने और चलने से लाचार हो गईं। उस वक्त राज्यवर्धन शर्मा का एकमात्र पुत्र व पुत्री अमरिका में पढ़ाई कर रहे थे। बच्चों की पढ़ाई डिस्टर्ब नहीं हो इस कारण राज्यवर्धन शर्मा ने तब बच्चों को इसकी कोई जानकारी दिए बिना इस विश्वास के साथ पत्नी की सेवा में जुटे रहे कि आज न कल उनकी पत्नी ठीक हो जाएगी। कई जिलों के एसपी, पटना के जोनल आईजी सहित कई प्रमुख पदों पर रहते हुए राज्यवर्धन शर्मा 30 सितम्बर 2011 को एडीजी, सीआईडी के पद से रिटायर्ड हुए। सरकार ने ने उनके सेवाकाल में उनकी ईमानदारी, योग्यता और काम के प्रति पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए 8 नवम्बर 2011 को उन्हें बिहार लोक सेवा आयोग(बीपीएससी) जैसे महत्त्वपूर्ण आयोग का सदस्य बनाया, जिस पद पर सरकारी काम के बोझ के बावजूद पत्नी सेवा राज्यवर्धन शर्मा की दिनचर्या बनी रहीं जो क्रम मृत्यु होने तक जारी रही।

सरकारी सेवा काल में सुबह उठकर बिछावन पर ही कोमा में पड़ी अपनी पत्नी को नित्यकर्म से फारिग करवाना, उनका मुँह-हाथ धोकर भोजन नली में लगे पाइप के सहारे पेट तक तरल पदार्थ पहुंचाने के बाद ही राज्यवर्धन शर्मा कार्यालय के लिए निकलते रहे। दोपहर लंच टाइम और शाम में वापस आवास आने के बाद उनका अधिकांश समय पत्नी की सेवा में ही बीतता रहा। पत्नी को कोमा स्थिति में रहते हुए राज्यवर्धन शर्मा ने अमरिका में लेक्चरर अपने पुत्र और वहीं चिकित्सक अपनी बेटी की शादी पटना से की; पर दुर्भाग्य की कोमा में पड़ी उनकी पत्नी न तो अपनी बहू के बारे में कुछ जान सकीं और न ही दामाद के बारे में और ना ही उनका चेहरा देख सकीं।

सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी राज्यवर्धन शर्मा की पत्नी जयश्री का 2020 में निधन हो चुका है, पर एक पति के रुप में राज्यवर्धन शर्मा मृत्यु तिथि तक भी अपने दायित्वों और पतिधर्म का पालन करते रहे। राज्यवर्धन शर्मा जब घर में नहीं होते थे तो उनकी बूढ़ी मां और एक युवक जो मेडिकल टेक्नीशियन भी है, राज्यवर्धन शर्मा की पत्नी की सेवा और उनकी देख-रेख करती थी। लगभग 14 वर्षों तक बिछावन पर जिन्दा लाश बनकर रही उनकी पत्नी जयश्री शर्मा और राज्यवर्धन शर्मा बिहार ही नहीं पूरे देश और विश्व की युवा पीढ़ी के साथ साथ वैसे दंपत्तियों के लिए एक मिशाल हैं, जो सही मायने में ‘वेलेंटाइन’ का अर्थ समझना चाहते हैं।

चौदह वर्षों तक कोमा में पड़ी एक नेक दिल इंसान की पत्नी अगर कोमा के बावजूद जीवित रही तो उसका कारण है पति द्वारा की गई अनवरत सेवा और पत्नी के प्रति उनका अपार स्नेह और प्यार और समर्पण। पत्नी की गंभीर बीमारी और बेटा-पतोहू व बेटी-दामाद के विदेश में रहने के कारण किस तरह पत्नी की सेवा करते वे अपना दिन काटते रहे, इस प्रश्न पर राज्यवर्धन शर्मा कहते हैं कि ‘पत्नी की हालत देख दु:ख तो बहुत होता था पर अपना गम और दर्द यह सोचकर भूल जाता था कि शायद भगवान ने जयश्री की सेवा करने के लिए हमारी जोड़ी बनायी थी।’

रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी कहते हैं कि ‘जब पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहार बाजपेयी, पूर्व रक्षा मंत्री स्व. जॉर्ज फर्नांडीस की बीमारी के बारे में सोचता था तो काफी कुछ दर्द भूल जाता था।’ उन्होंने कहा कि ‘कोई भी व्यक्ति जीवन में इस तरह का तकलीफ नहीं चाहता। पर ऊपर वाले की मर्जी के आगे किसी की नहीं चलती।’ इस वेलेंटाइन-डे के अवसर पर ऐसे अधिकारी के जज्बे को पत्रकार और पत्रकारिता जगत का सलाम और भगवान से यह प्रार्थना कि लोग उनकी सेवा भावना से सीखे और प्रेरणा लें कि प्रेम क्या होता है और अपनों के प्रति समर्पण किसे कहते हैं।

साभार:- खबर मंथन(विनायक विजेता)(पोस्ट लेखक वरिष्ठ पत्रकार अब दिवंगत हैं।)

14/02/2026

जयनगर नगर पंचायत को नगर परिषद बनाने को लेकर नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारी उदासीन क्यों, निष्क्रिय क्यों? परिषद के लिए प्रस्ताव क्यों नहीं भेजा जाता है? किसका ग्रहण लगा हुआ है?

14/02/2026

Jay shree shayam

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