12/08/2026
घड़ी का आविष्कार 15वीं सदी में पीटर हेनलेन ने नहीं बल्कि सन 996 में पोप सिल्वेस्टर द्वितीय ने किया था —यह पहली गलती है। समय मापने के लिए सूर्यघड़ी, जलघड़ी और अन्य साधन हजारों साल पहले से मौजूद थे।
और दूसरी बात, “रात के 12 बजे” का मतलब यह नहीं कि उस समय किसी के हाथ में आधुनिक घड़ी थी। कृष्ण जन्म की परंपरा में “मध्यरात्रि” का उल्लेख है, जिसे बाद में आधुनिक समय-पद्धति में लगभग 12 बजे के रूप में समझाया जाता है।
सवाल पूछिए, बिल्कुल पूछिए—लेकिन सवाल की नींव ही गलत हो तो उसे तर्क नहीं, भ्रम कहते हैं।