Priya

Priya Hindi story, Love story, Suhagrat story, Antarvasna story

07/01/2026

भाई ने बहन की रगड रगड कर चीखे निकाल दी || Hindi Stories || Romantic Kahaniya || Suvichar Kahaniya || Emotional Audio story || Full hindi Audio Story Priya bhabhi //


















𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟮 उसकी तरफ देखते हुए ही मोहित और राहुल भी नंगे होने लगे.उन्होंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और नंगे होकर अपने सामान हा...
05/01/2026

𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟮 उसकी तरफ देखते हुए ही मोहित और राहुल भी नंगे होने लगे.
उन्होंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और नंगे होकर अपने सामान हाथ से हिलाते हुए मेरी बहन को दिखाने लगे.
मैं तो मोहित और राहुल के सामान देख कर ही हैरान हो गया था कि इतने बड़े बड़े हैं … ये दोनों तो आज मेरी बहन की गुफा बना ही देंगे.
राहुल का करीब 7 इंच का था और मोहित का 6.5 इंच का था.
उन दोनों के काफी मोटे भी थे.
राहुल ने आगे बढ़ कर मेरी बहन को बेड पर धक्का देकर लिटा दिया और अपना मेरी बहन के मुँह में दे दिया.
उसने रूही को गालियां देना शुरू कर दीं ‘
मोहित भी पीछे नहीं रहा, वह रूही की चाटने लगा.
रूही को इस हालत में देख कर मुझे उस पर दया आ रही थी.
पर रूही इसका पूरा मजा ले रही थी.
रूही ने राहुल के सामान को अपने मुँह में पूरा गले तक ले लिया था.
उधर मोहित भी अपनी जीभ रूही की गुफा के अन्दर तक डाल कर चाट रहा था.
कुछ ही समय बाद राहुल झड़ गया और उसने अपने सामान का माल रूही के मुँह में ही डाल दिया.
रूही भी कुछ समय बाद झड़ गई और उसकी गुफा से सफेद पानी टपकने लगा था.
आधा घंटा तक चूसने चुसाने का काम चलता रहा था.
वे तीनों झड़ कर मस्ती करने लगे थे और सिगरेट सुलगा कर हंसी मजाक कर रहे थे.
मेरी बहन भी सिगरेट पीने लगी थी और वह मोहित के सामान को चूस रही थी.
फिर मोहित ने मेरी बहन को लिटा दिया और उसकी हिप के नीचे एक तकिया सैट कर दिया.
वह रूही की टांगों को खोल कर गुफा में उंगली चलाने लगा जिससे रूही ने अपनी दोनों टांगें हवा में उठा कर फैला दीं.
उसकी पूरी तरह से खुल कर मोहित के सामने आ गई.
मोहित ने अपना मेरी बहन की कोमल सी गुफा पर सैट कर दिया और एक जबरदस्त झटका दे दिया.
इस झटके से उसका पूरा मेरी बहन की गुफा को चीरता हुआ उसकी नाभि से जा टकराया.
इस प्रहार से मेरी बहन की हल्की सी ‘आह …’ निकल गई.
मैं समझ गया कि मेरी बहन पहले से ही ठुकाई करवा चुकी है इसीलिए रूही को इतने बड़े लेते समय बिल्कुल भी दर्द महसूस नहीं हुआ.

मोहित के बड़े सामान ने मेरी बहन की ठुकाई करना शुरू कर दी थी.
वह मेरी बहन को बड़ी तेज़ी के साथ और बेरहमी से झटके देने लगा था.
उसके तेज तेज झटकों के कारण मेरी बहन के संतरे ऊपर नीचे होने लगे थे.
मेरी बहन रूही के मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगी थीं
मोहित इसी पोजीशन में मेरी बहन करीब 20 मिनट तक करता रहा और उसने अपना सारा माल मेरी बहन की गुफा में ही छोड़ दिया.
मेरी बहन पेलने के बाद वह अपने कपड़े पहन कर बाहर चला गया.
उसका फोन ठुकाई के बीच दो बार बज चुका था.
अब राहुल अपने को हिलाते हुए आया और मेरी बहन की पोजीशन को चेंज करने लगा.
उसने मेरी बहन की दोनों टांगों को अपने कंधों पर रख लीं और गुफा पर सैट कर दिया.
फिर एक ही झटके में राहुल ने अपना मेरी बहन रूही की गुफा में उतार दिया.
मेरी बहन के मुँह से इस बार कोई भी आवाज नहीं निकली, बस उसके चेहरे पर छोटी सी स्माइल थी, जिससे साफ पता चल रहा था कि रूही को राहुल के सामान से कुछ खास फर्क नहीं पड़ा था.

राहुल भी मेरी बहन को इस पोजीशन में करीब दस मिनट तक करता रहा और झड़ गया.
तभी मोहित दरवाजा खोल कर अन्दर आ गया.
वह अपने साथ सुमित को ले आया.
सुमित मेरा ही पड़ोसी था.
उसे आया देख कर मेरी बहन और भी खुश हो गई.
वह बोली- अरे वाह सुमित भैया, मैं आपका ही इंतजार कर रही थी.
यह सुनकर मैं और ज्यादा चौंका कि मेरी बहन तो एकदम मस्त हो चुकी है.

कुछ ही पलों में सुमित भी नंगा हो गया और वह अपने सामान को रूही के मुँह में डाल कर चुसवाने लगा.
थोड़ी देर चूसने के बाद मेरी बहन रूही बेड पर अपनी टांगें फैला कर लेट गई जिससे उसकी खुल गई और उसे ठुकने के लिए तैयार देख कर मोहित भी दुबारा से नंगा हो गया.
उसने अपना मेरी प्यारी बहन की गुफा में डाल दिया.
पर मेरी बहन तो न जाने कितने ले चुकी थी.
उसको तो अब मोहित के बड़े से भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा था.
रूही ने मोहित का गुफा में लिया और वापस से सुमित का चूसने लगी.

कुछ ही देर में मेरी बहन ने सुमित का भी खड़ा कर दिया था.
उसका किसी अफ्रीकन से कम नहीं दिख रहा था.
यदि नापने की बात कहूँ तो सुमित का करीब आठ इंच का रहा होगा और मोटा भी काफ़ी था.
ऐसा लगता था कि सुमित की मम्मी ने किसी अफ्रीकन से ठुकवा कर सुमित को पैदा किया होगा.
कुछ देर बाद मोहित ने अपना रूही की गुफा से निकाला और वह अलग हो गया.
राहुल और मोहित दोनों साइड में बैठ कर सिगरेट फूंकने लगे.
सुमित ने रूही को कुतिया बना दिया और उसने अपना मेरी बहन की गुफा की फांक में सैट कर दिया.
फिर उसने एक झटका दिया जिससे मेरी बहन के मुँह से कराहने की आवाज निकल आई.
मैंने रूही की गुफा की तरफ देखा तो उसमें सुमित का आधा से ज्यादा अन्दर घुस चुका था.
इतने में सुमित ने मेरी बहन की कमर पकड़ कर एक और झटका दे दिया.
इस बार उसका पूरा मूसल ब्रांड रूही की गुफा में समा गया.
अब रूही को हल्का दर्द होने लगा था.
सुमित ने मेरी बहन की गुफा को करना चालू कर दिया.
वह बहुत गंदी गंदी गालियां देते हुए मेरी बहन को कर रहा था- आह मोहल्ले के सभी लड़कों से ठुकवा चुकी है तू … आह आज मेरे सामान के भी मजे ले ले … आह ढीली हो गई तेरी लेकिन मेरी लौकी को तो तेरी गुफा में पेलने में बड़ा मजा आ रहा है!
मेरी बहन भी हंस हंस कर अपने पड़ोसी का अपनी गुफा में चबाए जा रही थी.

सुमित ने करीब आधा घंटा तक मेरी बहन की गुफा को अलग अलग पोजीशन में किया और उसने अपना सारा रस रूही की गुफा में ही छोड़ दिया.
उन तीनों लड़कों ने रात को करीब दस बजे तक किया और चले गए.

करीब आधा घंटा के बाद मैं अपने घर में आ गया.
रूही ने मुझे देख कर पूछा- अरे भैया, आप वापिस कैसे आ गए?
मैंने उसको पूरी बात बताई.
पर मुझे सब पता था कि आज रूही की जबरदस्त ठुकाई हुई है.
मैं खाना खाकर सो गया.
बाद में मुझे रूही के बारे में पता चला कि रूही काफी समय से ठुक रही है.

गली के हर एक लड़के ने मेरी बहन को ठोका है इसलिए उसकी अब गुफा बन चुकी है.

धन्यवाद
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𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟭 दोस्तो, मेरा नाम अनुज है. मैं 22 साल का हूँ और कॉलेज में पढ़ता हूँ.मैं हरियाणा के एक छोटे से शहर का रहने वाला हूँ...
05/01/2026

𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟭 दोस्तो, मेरा नाम अनुज है. मैं 22 साल का हूँ और कॉलेज में पढ़ता हूँ.
मैं हरियाणा के एक छोटे से शहर का रहने वाला हूँ.
मेरे घर में मेरी मम्मी, मैं और मेरी छोटी बहन रूही है.
मेरे पिता जी का देहांत हो चुका है इसलिए मैं सुबह सुबह एक दुकान पर कुछ काम करता हूँ जिससे मेरा कुछ खर्चा निकल आए.
रूही 18 साल की है और 12वीं में पढ़ती है.

मेरी कमसिन बहन रूही एक मस्त मस्त माल है. उसका बदन थोड़ा भरा हुआ है. उसके दूध और हिप थोड़ी उभरी हुई है जिसे देख कर कोई भी लड़का मेरी बहन को पटाने और करने का सोचेगा.

यह स्टोरी मेरी बहन रूही की ही है जिसको मैंने मेरे ही घर में मोहल्ले के लड़कों से ठुकती हुई देखा जो मेरे ही दोस्त हैं।
आपको यह सच्ची कहानी सुन कर मज़ा आएगा।
जैसा कि मैंने बताया कि मैं सुबह सुबह पहले दुकान पर जाता हूं और बाद में कॉलेज.
शाम को भी कभी कभी काम पड़ने पर दुकान जाता पड़ता है.
नहीं तो राहुल और मोहित जो कि मेरे ही मोहल्ले के दोस्त हैं, उनके साथ क्रिकेट खेलने जाता हूं.
रूही शाम को अपनी कोचिंग क्लास के लिए जाती है.
राहुल और मोहित हर रोज ही क्रिकेट खेलने जाते हैं और जाते समय मेरे को भी खेलने के लिए बुलाने के लिए अक्सर मेरे घर में आते हैं.
वे लोग जब भी मेरे घर आते, रूही को ही देखते रहते.
शुरू शुरू में तो मैंने नजरअंदाज कर दिया था.

पर वे लोग मेरे घर न होने पर भी मेरे घर किसी न किसी कारण आने लगे थे.
मैंने इसको भी सिर्फ एक सामान्य रूप से देखा.
मेरी मम्मी भी जॉब करती हैं, जिसके कारण वे भी घर में कम ही रहती हैं और देर शाम को ही काम से लौट पाती हैं.
एक दिन अचानक ही शाम को मेरी मौसी के लड़के का फोन आया और उसने मौसी की तबीयत अचानक से खराब होने का बात बताई.
मैं और मम्मी अगले ही दिन मौसी के घर जाने का सोचने लगे.
मेरी मौसी का घर थोड़ा दूर है जिसके कारण हमें रात को भी वहीं रहना था.
मैं और मां अपना जरूरी काम खत्म करके शाम को मौसी के पास जाने के लिए तैयार हो गए और टाइम पर ही बस स्टैंड आ गए.
पर उसी टाइम मुझे मेरी दुकान मालिक का फोन आया और वह कुछ जरूरी काम बताने लगे, जिस कारण से मैंने मम्मी को अकेले ही मौसी के पास जाने की कह दी और खुद दुकान में आ गया.
काम खत्म करके मैं घर आया.
उस वक्त घर का मेन गेट खुला था.
मैं अन्दर आ गया.
अन्दर आते ही मुझे रूही के कमरे से किसी लड़के की आवाज सुनाई दी.
यह राहुल की आवाज थी.
वह रूही से बोल रहा था- आज रात तो खूब मजे करेंगे.
यह सुनते ही मैं घर से बाहर आ गया और बिना आवाज किए घर के पीछे आ गया कि राहुल मेरी बहन के साथ किस मजे की बात कह रहा है, यह मुझे देखना चाहिए.
मैं घर के पिछवाड़े में बनी बाउंड्री वाल के पास आया और पीछे की तरफ बने बेडरूम की खिड़की के पास आ गया.
मैंने खिड़की से अन्दर देखने की कोशिश की.
बेडरूम की खिड़की थोड़ी खुली हुई थी जिस कारण से मुझे अन्दर का सब साफ साफ दिखने लगा था.
जैसे ही मैंने अन्दर देखा, मेरे पैरों के नीचे से जमीन निकल गई.
राहुल मेरी बहन रूही को किस कर रहा था और कह रहा था- आज तो पूरी रात हमारी है.
मेरी बहन भी उसके साथ चुंबन का मजा ले रही थी.
वे दोनों ठुकाई के पहले की पोजीशन में थे. यह देख कर मुझे बड़ा गुस्सा आया कि मेरी बहन राहुल के साथ करने के लिए उससे सैट हो गई है.

फिर मेरे मन में आया कि मेरी बहन भी जवान हो गई है और उसके भी कुछ अरमान हो सकते हैं तो मुझे उन दोनों को उनके मन की करने देना चाहिए.
जैसे ही मेरी यह सोच बनी तो मेरे अन्दर की एक छिपी हुई वासना ने भी मुँह मारा और मैं अपनी बहन की देखने के लिए लालायित हो उठा.
अब मैं चुपचाप उन दोनों को करते हुए देखने का मन बना चुका था.
कुछ देर की चूमाचाटी के बाद राहुल ने मेरी बहन के टॉप को उतार दिया.
मेरी बहन रूही ने टॉप के नीचे ब्रा नहीं पहनी थी.
मैं समझ गया कि यह सब पहले से ही प्लान था.
जैसे ही रूही का टॉप हटा तो उसके दोनों संतरे हवा में नंगे होकर फुदकने लगे.
मेरी छोटी बहन के दूध बहुत बड़े थे और एकदम सख्त थे.
उन्हें देख कर मेरे में भी फुरकन होने लगी थी.
तभी राहुल ने एक हाथ से मेरी बहन रूही के एक संतरो को पकड़ कर दबाया और वह दूसरे को मुँह से चूसने लगा.
साथ ही राहुल ने अपने दूसरे हाथ को रूही की टांगों के बीच में डाल दिया.
वह मेरी बहन की गुफा को उसके लोअर के ऊपर से ही सहलाने लगा.
तभी अचानक से बेडरूम का दरवाजा खुला और मोहित अन्दर आ गया.
मोहित को अन्दर आया देख कर मैं हैरान हो गया … पर रूही और राहुल दोनों पर कोई असर नहीं पड़ा बल्कि वे दोनों तो मोहित को देख कर खुश होने लगे थे.
मैं अपनी बहन रूही की तरफ देखने लगा और सोचने लगा कि मेरी बहन को तो मैं अब तक बच्ची समझता था पर यह तो एक साथ दो लड़कों से ठुकने लायक हो चुकी है.
रूही बड़ी खुश दिखाई दे रही थी.
राहुल ने मोहित से कहा- अबे इतनी देर कहां रह गया था, रूही ने तो पहले ही बता दिया था कि इसका भाई और मम्मी आज घर पर नहीं हैं. तब भी तू लेट हो गया?
मोहित बोला- हां यार, थोड़ा अर्जेंट काम आ गया था इसलिए देर हो गई.
अब मोहित भी मेरी बहन रूही की ठुकाई में शामिल हो गया.
वह मेरी बहन रूही के एक दूध को सहलाते हुए बोला- आज तेरी जी भर कर करेंगे …
मेरी बहन यह सुनते ही खुश हो गई कि उसे पेलने वाले किस तरह से उसकी करने की कह रहे हैं.
जबाव में रूही ने कहा- मैं तो कब से तैयार बैठी थी, तुम्हीं ने आने में देर लगा दी.
फिर मोहित अचानक से उठा और उसने रूही के लोअर को पकड़ कर खींच दिया.
रूही ने अपनी हिप उठा दी तो उसका लोअर उतर गया.
लोअर उतरते ही मैंने देखा कि मेरी बहन ने पैंटी भी नहीं पहनी थी. इस कारण से वह पूरी नंगी हो गई थी.
उसकी देख कर मेरा भी खड़ा हो गया.
रूही की एकदम कचौड़ी सी फ़ूली हुई थी और एकदम चिकनी थी.
वह अपनी गुफा पर हाथ फेरती हुई उन दोनों को देख कर अपनी जीभ को होंठों पर फिराने लगी.

कहानी जारी रहेगी 𝗟𝗶𝗸𝗲, 𝗦𝗵𝗮𝗿𝗲, 𝗙𝗼𝗹𝗹𝗼𝘄✅

अगले भाग के लिए 𝗟𝗶𝗸𝗲 करे 𝗼𝗿 𝗖𝗼𝗺𝗺𝗲𝗻𝘁 मे 𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟮 लिखें

𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟮 क्योंकि वक्त कम था, इसलिए मैंने बिना वक्त गंवाए उसकी शर्ट उतार दी और गुलाबी ब्रा के ऊपर से ही मैं उसके  चूसने लगा...
05/01/2026

𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟮 क्योंकि वक्त कम था, इसलिए मैंने बिना वक्त गंवाए उसकी शर्ट उतार दी और गुलाबी ब्रा के ऊपर से ही मैं उसके चूसने लगा.
वह अब तक पूरी उत्तेजित हो चुकी थी और तभी उसका हाथ भी मेरे सामान पर चला गया।
हम दोनों एक दूसरे को देख कर हंस दिए।
मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और उसने मेरे!
मेरा एक हाथ उसकी हिप पर तो दूसरा उसके संतरो पर था.
उसका एक हाथ मेरा सहला रहा था और हम किस्स में मग्न थे।
मैंने उसे टेबल के सहारे झुका दिया और मैंने कहा- मैं तुम्हारे हिप पर मारना चाहता हूं.
तो उसने भी अपनी हिप मेरे पर रगड़ दी।
मैंने जोर जोर से 6 से 7 बार उसकी हिप पर मारा और वह हल्के से चीखने लगी.
अब उसकी हिप लाल हो चुकी थी और मैं खुद पर काबू नहीं कर पा रहा था।
मैंने उसे धक्का दिया और बेड पर गिरा दिया और उसकी टांगों को फैला दिया।
मैं उसके चेहरे तक गया और उसे किस्स किया.
मैंने उसके एक निप्पल को दांतों से काटा.
और तब उसने कहा- यार … ये सब अब और नहीं … अब बस मेरी चाटो!
मैं तब तक उसकी गुफा तक पहुंच चुका था और उसकी गुफा को काटने और चाटने लगा जैसे ये मेरा पहली बार हो।
वह सिसकारियां भरने लगी और मेरे सर को हाथ से पकड़ कर अपनी गुफा पर रगड़ने लगी।
मैंने काफी देर तक उसकी चाट चाट कर उसका पानी निकल दिया.
अब उसने मुझे झटके से दूर करके लेटा दिया और मेरा हाथ में लेकर मुझे देखकर मुस्कुराने लगी.
पहले वह खुद अपने गालों पर मेरा मारने लगी और फिर एक बार ही में मेरा उसने पूरा का पूरा मुंह में ले लिया।
वो कितना शानदार था … मैं बता नहीं सकता!
वह मेरा टोपा चूस रही थी और मेरे हाथ उसके सर को पकड़ कर मेरा उसके मुंह के अंदर बाहर कर रहे थे.
उसने चूस चूस कर मेरा पूरा गीला कर दिया और फटाफट आकर मेरे ऊपर चढ़ गई.
और तब उसने मुझे कहा- मेरे पीरियड्स चल रहे हैं. और हमारे पास प्रोटेक्शन नहीं है इसलिए एक ही चारा है कि तुम मेरी …
मैं समझ गया.
और मैंने लड़कियों की हिप मारने के विडियोज देखे थे और मैं भी किसी लड़की की टाइट हिप मारना चाहता था.
तो मैंने अपने पर थूक लगाया और उसने मेरा अपने हाथ में ले लिया.
मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी हिप चौड़ी की और मेरा उसने अपनी हिप के छेद पर टिकाया और मुझे अंदर धकेलने को कहा.
मैंने दबाव डाला तो उसकी हिप में जाने लगा।
वह भी ऊपर से मेरे पर बैठने लगी.
जैसे ही टोपा अंदर गया, वह जोर से चीख उठी.
मैंने उसे खुद से सटा लिया, एक हाथ उसकी हिप पर तो दूसरा उसकी कमर पर रखा और उसे किस्स करता रहा और जोर से झटका दिया।
उसकी टांगें कांपने लगी मगर मैंने उसके होठों को अपने होठों से पहले ही बंद कर दिया था तो उसकी चीख नहीं निकल पाई.
हमने थोड़ी देर बाद पोजीशन बदली और अब मैं डॉगी स्टाइल में उसकी पेल रहा था.
करीब 10 मिनट बाद मेरा उसकी हिप में ही झड़ गया था।

हम ने एक राउंड और किया. इस बार 15 मिनट तक चला होगा.
इस बार मैंने उसे बाथरूम में ले जाकर किया था.
और शावर के नीचे का वो सीन आज भी मुझे याद आता है तो मैं खुद को मारने से रोक नहीं पाता हूं.
फिर दूसरी बार मैंने अपना माल उसके संतरो पर गिराया था.
और उसके बाद हमने फिर एक रोमांटिक बाथ लिया.
तब तक उसके घरवालों के आने टाइम हो चुका था.
इसलिए मैंने आखिरी बार उसे किस किया और फिर अपना चुसवाया.
इतना सब करके मैं निकल गया.

धन्यवाद
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𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟭 दोस्तो,यह मेरी पहली स्टोरी है जो आपके लिए प्रस्तुत है. कहानी करीब साल भर पहले की है जब मैं अपने कॉलेज में 2nd yea...
05/01/2026

𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟭 दोस्तो,
यह मेरी पहली स्टोरी है जो आपके लिए प्रस्तुत है.
कहानी करीब साल भर पहले की है जब मैं अपने कॉलेज में 2nd year में था और कॉलेज ना जाकर ज्यादातर अपने घर पर ही पड़ा रहता था।
मैं सिंगल था और मैंने कभी किया नहीं था तो मुझे ठुकाई की तलब लगी रहती थी.
मगर कोई लड़की अपनी देने को तैयार नहीं थी.
तो मैं वीडियो और अपने हाथ से ही गुजारा कर रहा था।
एक दिन मैं कॉलेज से घर आया तो देखा दरवाजे पर एक लड़की खड़ी है।
जब मैंने उसे देखा तो मेरी पहली नजर ही उसकी हिप पर गई.
मुझे शुरू से ही बड़ी हिप वाली लड़की पसंद आती हैं.
तो उसकी मस्त और टाइट सलवार में बंद हिप देख कर मेरा खड़ा हो गया.
और इतने में मम्मी आ गई और उसके हाथ में कुछ सामान दिया.
सामान लेकर वह मुड़कर जाने लगी.
तभी हमारी आंखें मिल गई और हम दोनों हल्के से मुस्कुरा दिए।
सच में इतने प्यारे होंठ देखकर वही किस्स करने का मन करने लगा।
फिर वह अपने घर चली गई.
तब मैंने मम्मी से पूछा- यह कौन थी?
तो मम्मी ने कहा- ये बंटी की छोटी बहन है; गांव से आई है महीने भर के लिए … कॉलेज के एग्जाम हैं, इसलिए!
मैं अब ऊपर अपने कमरे में तो आ गया था मगर मेरे मन में बस उसे पेलने का ख्याल आ रहा था.
मैंने कैसे भी उसकी करना चाहता था।
एक दिन मैं बंटी के पास गया.
तो देखा कि वह लड़की नहाकर बाहर धूप में अपने बाल सुखा रही थी.
और वह इतनी मस्त लग रही थी कि क्या कहूं!
मैं और बंटी बातें कर रहे थे मगर वह लड़की मुझे और मैं उस लड़की को … हम दोनों बार बार एक दूजे को देख रहे थे.
तो मुझे पता चल गया कि वह भी मुझसे ठुकना चाहती है।
मैंने मौका देखकर एक कॉपी और पेन उठाया, एक कागज लेकर उस पर अपना फोन नंबर लिखा और बाहर आते वक्त नम्बर वाला कागज उसके पास गिरा दिया।
उसने भी झट से वो उठा लिया।
अब मैं अपने घर आ चुका था मगर उसका कोई कॉल नहीं आया.
तो मुझे लगा कि शायद हम पकड़े गए।
मगर उसी समय उसका कॉल आ गया।
उसने फोन उठते ही कहा- आज घर पर सिर्फ बंटी भैया है और कोई नहीं. वे भी 1 घंटे के लिए बाहर जा रहे हैं. मिल सकते हो तो मिल लो।
लड़की की गुफा में गर्मी मुझसे भी ज्यादा थी क्योंकि उसने मुझे पहली ही बार में घर बुला लिया।
अब मैं बंटी के जाने का इंतजार करने लगा.
और जैसे ही बंटी गया, मैं भी बहाना बनाकर घर से बाहर निकल गया और उसके घर के गेट पर जा पहुंचा।
उसने गेट खोला और मुझे अंदर खींच लिया.
काले रंग की टी शर्ट और टाइट काले पायजामे में वह हद से ज्यादा मस्त लग रही थी.
उसने मुझे सोफे पर बैठाया और खुद दूर जाने लगी.
तो मैंने खींच कर उसे अपनी गोद में बैठा लिया।
मेरा उसकी जांघों के बीच से उसकी गुफा ढूंढ रहा था।
यह बात वह भी समझ गई और बिना किस नखरे के बैठी रही.
मेरा एक हाथ उसकी कमर पर और दूसरा हाथ उसके संतरो पर था.
मैंने अपने हाथ से उसका चेहरा मेरी तरफ किया और अपने होंठ उसके होठों पर रख दिए।
यह किस्स बेहतरीन था क्योंकि अभी अभी नहाकर आई लड़की जिसके बाल हल्के गीले थे, वह मेरी गोद बैठी थी, उसकी बड़ी हिप को मेरा छू रहा था/
मेरा एक हाथ कभी उसके गाल तो कभी उसके मीडियम साइज के संतरो पर था।
हम किस्स कर रहे थे और मैं बीच बीच में अपने हाथ से उसके दबा रहा था।
मैंने उसे उठाया और मैं भी खड़ा हो गया और किस्स करने लगा.

कहानी जारी रहेगी
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𝗟𝗮𝘀𝘁 𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟯 दिव्या की चीख निकलने को हुई, पर उसके मुँह में नितिन का  होने की वजह से उसकी आवाज बाहर नहीं आई.वह छटपटाने लगी...
05/01/2026

𝗟𝗮𝘀𝘁 𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟯 दिव्या की चीख निकलने को हुई, पर उसके मुँह में नितिन का होने की वजह से उसकी आवाज बाहर नहीं आई.
वह छटपटाने लगी.
मैंने एक जोर का झटका और दे मारा जिससे मेरा पूरा दिव्या की हिप में चला गया.
अब दिव्या बिलबिलाने लगी.
मैंने उसको पकड़े रखा और हिलने ही न दिया.
कुछ देर ऐसे ही मैं दिव्या को पकड़ कर उसकी हिप में डाल कर रुक गया और हाथ नीचे ले जाकर उसकी सहलाने लगा.
सहलाने से उसे राहत मिली और थोड़ी ही देर में वह शांत हो गई.
अब उसने अपने हाथों से नितिन का पकड़ कर अपने मुँह से बाहर निकाला और बोली- राज आराम से डालो, मेरी हिप में बहुत दर्द हो रहा है.
मैंने कहा- तुम बस नितिन का चूसो, इधर का दर्द भूल जाओ … अभी कुछ देर में तुमको मजा आने लगेगा.
दिव्या ने कहा- नहीं यार … मैं नहीं चूस पाऊंगी. हिप में चलता है तो मेरी आवाज भी नहीं निकल पाती है. उसी वक्त नितिन ने पूरा मेरे मुँह में घुसा दिया था. अब तुम धीरे धीरे झटके मारो, जब मेरा मन होगा … मैं नितिन का चूस लूंगी लेकिन अभी नहीं!

मैंने ‘ठीक है’ कहा और दिव्या की हिप में धीरे धीरे झटके मारने शुरू कर दिए.
इससे दिव्या की कामुक आवाज निकलने लगी और उसको मजा भी आने लगा.
कुछ ही पलों बाद दिव्या बोलने लगी- थोड़ा जोर से झटके मारो … मजा आ रहा है राज … मारो मेरी !
मैंने तेज शॉट का एक नमूना करके दिखाया और उससे पूछा- और तेज झटके मारूं?
दिव्या बोली- नहीं, अभी पहले मेरी हिप खुल जाने दो … उसके बाद जितना मन करे तेज झटके मार लेना. अभी मेरी में आराम से डालो … फिर धीरे धीरे अपनी स्पीड बढ़ाना.
मैंने झटके मारने शुरू कर दिए.
दिव्या- आह राज मारो.

धीरे धीरे मैंने अपने झटके बढ़ा दिए और अब मैं जोर जोर से दिव्या की हिप में झटके मारने लगा.
इससे दिव्या चीखने लगी- मारो और तेज मारो राज फाड़ दो आज मेरी … आह मारो राज !

मैं जबरदस्त कर रहा था.
तभी दिव्या ने कहा- रुको राज, अब अपना मेरी गुफा में डालो.
मैंने बोला- अब तुम खुद ही मेरे पर आकर बैठ जाओ.
इस पर दिव्या राजी हो गई और मुझको नीचे लिटा कर वह मेरे पर बैठ गई.

मेरा पूरा उसकी गुफा में चला गया.
वह बस मादक सिसकारियां लेती हुई मेरे पूरे को अपनी में निगल गई और मेरे पर उछलने लगी.
कुछ देर बाद दिव्या बोली- नितिन, तुम भी मेरी हिप में अपना डाल दो, मुझको आज दो दो से ठुकवाना है.
नितिन ने भी अपना दिव्या की हिप में डाल दिया.
उसके से दिव्या ज्यादा नहीं चिल्लायी.
पहले हम दोनों धीरे धीरे दिव्या को पेल रहे थे पर कुछ देर बाद दिव्या बोलने लगी- अब मुझको जोर से पेलो .
अब हम दोनों ने अपनी स्पीड बढ़ा दी.
मैं दिव्या की गुफा में नीचे से झटके मार रहा था और ऊपर से नितिन दिव्या की फाड़ रहा था.
दिव्या मजे ले रही थी और मजे में चिल्ला रही थी- नितिन फाड़ो मेरी … बहुत मजा आ रहा है आज … आह दो दो एक साथ लेकर मजा आ गया … … मेरे छेदों को आज दोनों मिल कर फाड़ दो … मेरी गुफा और हिप का गुफा बना दो तुम दोनों … मुझको अपनी बना कर करो !

शुरू करने के कुछ देर बाद नितिन ने अपना पानी दिव्या की हिप में ही छोड़ दिया और साइड में लेट गया.
मैंने पूछा- क्या हुआ नितिन?
उसने कहा- मेरा काम हो गया.
इस पर दिव्या बोली- राज तुम पेलो मुझको … इनका तो जल्दी ही हो जाता है.
अब मैंने दिव्या को सीधी करके लेटा दिया और उसके दोनों पैर खोल कर उसकी गुफा में घुसा दिया.
वह आह करके खा गई और मैं दिव्या को करने लगा.
दिव्या भी मजे ले कर ठुकवा रही थी और नितिन को बोल रही थी- देखो ऐसे पेलते है गुफा को … तुम जल्दी ही थक जाते हो. पेलो राज … मारो मेरी … फाड़ दो आज इसको … आह बहुत दिनों से इसने नहीं लिया है … राज मारो झटके … और जोर से मारो

नितिन बोला- बस करो दिव्या … कितना ठुकोगी ?
दिव्या बोली- तुम चुप रहो नितिन, ठुकने दो मुझको … बहुत दिनों बाद ऐसा मिला है … आह पेलो राज पेल दो मुझे आह राज मारो मेरी गुफा को फाड़ दो अपने से … मेरी बहुत दिनों बाद किसी ने किया है … मुझको आह!
करीब पन्द्रह मिनट के बाद मैंने अपना दिव्या की गुफा से निकाल लिया और हिलाने लगा.
दिव्या बोली- क्या हुआ राज?
मैंने कहा- दिव्या, मेरा निकलने वाला है!
दिव्या ने मुझको धक्का दिया.
उसने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे ऊपर आ कर पकड़ कर अपनी गुफा में डाल लिया.
वह मेरे पर उछलने लगी.
मैंने उसको हटाने की कोशिश की तो उसने मेरे हाथ पकड़ लिया और अपनी गुफा को मेरे पर जोर जोर से पटकने लगी- यस राज निकालो मेरी गुफा में अपना पानी निकालो अपना पानी मेरी गुफा में
वह जोर जोर से उछलने लगी.
मैं अपने आपको ज्यादा देर तक नहीं रोक पाया और मैंने अपने सामान का सारा माल दिव्या की गुफा में ही निकाल दिया.
अब दिव्या भी शांत हो गई और कुछ देर तक वह मेरे पर ही बैठी रही.
जब वह मेरे से उठी तो उसकी गुफा में से मेरा माल निकल रहा था.
उस दिन और रात में मैंने और नितिन ने दिव्या को बहुत बार पेला .
कभी मैं पेलता तो कभी नितिन.
जब नितिन मुझको स्टेशन छोड़ने आ रहा था तो उसने दिव्या से पूछा- राज को छोड़ने के लिए जाओगी?
इस पर दिव्या ने कहा- नहीं नितिन, तुम ही छोड़ आओ, मेरे से नहीं चला जा रहा है.
नितिन मुझको स्टेशन छोड़ गया और मैं वापिस आ गया.

धन्यवाद
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𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟮 इस पर दिव्या मेरे सामान को हाथ से पकड़ कर हिलाने लगी.मेरा  खड़ा होने लगा.दिव्या बोली- हां बड़ा हो रहा है.तभी दिव्...
04/01/2026

𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟮 इस पर दिव्या मेरे सामान को हाथ से पकड़ कर हिलाने लगी.
मेरा खड़ा होने लगा.
दिव्या बोली- हां बड़ा हो रहा है.
तभी दिव्या ने एकदम से मेरा अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी.
जब वह चूस रही थी तो क्या मजा आ रहा था … पूरे को अन्दर तक लेकर चूस रही थी और मैं अपनी आंखें बंद करके मुख मालिश का मजा ले रहा था.
वह पूरे जोर से मेरे सामान का मजा ले रही थी.थोड़ी ही देर में मेरा अपने फुल साइज में आ गया.
मेरे कड़क देख कर दिव्या बोली- वॉओ राज … तुम्हारा तो बिल्कुल वैसा ही है … जैसा तुमने इसका फोटो भेजा था. मैं तो सोच रही थी कि वह फोटो फेक है लेकिन वह फोटो तो हमारे ही सामान के हैं. मैं उन फोटो को रोज देखती थी और नितिन से बोलती थी कि मुझको इसी से अपनी मरवानी है.
मैं- आज तुमको मिल गया है ये … अब तुम इससे अपनी गुफा मरवाओ या इसको अपनी हिप में डाल लो.
दिव्या- हां दोनों में डालूंगी. पहले नितिन को आ जाने दो. तब तक मैं तुम्हारे से सिर्फ खेलूंगी.
मैं- ओके जब तक तुम्हारा मन करे, तब तक मेरे से खेल लो.
फिर मैं बोला- जब तुम मेरे से खेल ही रही हो, तो तेल लगा कर मेरे सामान की मालिश ही कर दो ताकि यह तुम्हारी में आराम से जा सके.
इस पर दिव्या राजी हो गई और तेल से मेरे सामान की मालिश करने लगी.
थोड़ी देर में नितिन भी आ गया.
दिव्या गेट खोलने जाने लगी.
मैंने पूछा- तौलिया लपेट लूँ?
तो इस पर दिव्या बोली- नहीं अभी ऐसे ही रहने दो, मैं आकर तुम्हारी और मालिश करूंगी.
यह कहती हुई वह चली गई.
नितिन कमरे में आया और मेरे सामान को देख कर बोला- ओह भाई क्या है ये … तेरा तो बहुत बड़ा है. ये तो दिव्या की फाड़ देगा. एक काम करना तू दिव्या की हिप में मत करना!
मैं- ओके नितिन.
इतने में दिव्या बोली- क्या ओके … मैं पागल हूँ जो इतनी देर से मालिश कर रही हूँ. इसी लिए ही तो मालिश कर रही थी ताकि मैं आराम से इसको अपनी में ले सकूं!
नितिन- नहीं दिव्या, इसका बहुत बड़ा है.
दिव्या- लेना मुझको है या तुमको? मैं अपने आप अपनी हिप में ले लूंगी, तुम टेंशन मत लो … तुम बस ये बताओ कि मार्केट से क्या लाए हो?
नितिन- दो बोतल और कुछ चकने में.
दिव्या- तो पैग बनाओ जल्दी से … और पिलाओ मुझे!
वह मेरे पर तेल डाल कर फिर मालिश करने में लग गई.
नितिन ने पैग बनाए और हम तीनों ने अपना अपना पैग पिया.
मैंने कहा- प्लीज नितिन जल्दी से मेरा एक पैग और बनाओ!
दिव्या बोली- इतनी जल्दी क्या है राज. आराम से पियो न!
मैंने कहा- ठीक है, पर मेरा एक और बना दो.
नितिन ने मेरा पैग बनाया और मैंने झट से उसको पी लिया.
मैंने दिव्या की तरफ देखा, वह अपना पैग धीरे धीरे पी रही थी.
तब मैंने उसके एक हाथ को पकड़ कर अपने पर रख दिया.
दिव्या समझ गई और मेरे सामान को हिलाने लगी.
मेरा पहले से ही बहुत बैचेन हो रहा था.
दिव्या मेरा हिलाने लगी और मैं दिव्या की ब्रा में हाथ डाल कर उसके दबाने लगा.
अब दिव्या गर्म होने लगी.
यह देख कर नितिन ने भी अपना पैग खत्म कर डिया और अपने कपड़े उतार दिए.
वह दिव्या के कपड़े उतारने लगा.
दिव्या के कपड़े जैसे ही उतरे, मेरी आंखों में अलग ही चमक आ गई थी और मेरे में एक अलग ही जोश भर गया था.
उसके बहुत मस्त लग रहे थे और उसके निप्पल गुलाबी थे.
मेरी नजर उसकी गुफा पर गई तो उसकी बिल्कुल चिकनी थी.
चिकनी देख कर मेरा मन दिव्या की चाटने के लिए उतावला हो उठा था.

मैंने दिव्या से कहा- मैं तुम्हारी चाटना चाहता हूँ.
इस पर नितिन बोला- नहीं पहले में चाटूंगा, फिर तुमको जो करना है कर लेना!
नितिन लेट गया और दिव्या को अपने मुँह पर बैठा कर उसकी चाटने लगा.
मैंने खड़े होकर दिव्या के मुँह में दे दिया और उसके बाल पकड़ कर झटके मारने लगा.
कुछ देर बाद दिव्या घोड़ी बन कर नितिन का चूसने लगी और उस स्थिति में दिव्या की हिप मेरे सामने थी.
मैंने दिव्या की हिप पर जैसे ही अपना लगाया.
तो दिव्या बोली- रुको पहले अपने पर अच्छे से तेल लगा लो, नहीं तो मेरी फट जाएगी.
मैंने अपने पर तेल लगा लिया और दिव्या की हिप पर भी तेल लगा दिया.
मैं उसकी हिप में उंगली करने लगा ताकि दिव्या की हिप खुल जाए और मेरा आसानी से अन्दर चला जाए.
कुछ देर ऐसा करने के बाद मैंने दिव्या से पूछा- अब तुम्हारी हिप में अपना डाल दूँ?
दिव्या ने तो हां बोल दिया मगर नितिन बोलने लगा- राज आराम से डालना, तुम्हारा बहुत मोटा है.
मैंने कहा- ओके, तुम दिव्या के बाल पकड़ कर इसको अपना चुसाओ.
नितिन ने दिव्या के बाल पकड़े और अपना पूरा उसके मुँह में अन्दर तक घुसा दिया.
तभी मैंने अपना दिव्या की हिप पर रखा और एक झटका दे मारा.
वह आगे को हो गई और फिसल गया.
मैंने दिव्या को कमर से पकड़ा और इस बार जोर का झटका मारा जिससे मेरा आधा दिव्या की हिप की चीरता हुआ अन्दर चला गया.

कहानी जारी रहेगी
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𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟭 हाय दोस्तो,मेरा नाम राहुल राज है और मैं ग्रेटर नोएडा का रहने वाला हूँ. यह  स्टोरी दिसंबर महीने की है.मेरी पिछली क...
04/01/2026

𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟭 हाय दोस्तो,
मेरा नाम राहुल राज है और मैं ग्रेटर नोएडा का रहने वाला हूँ. यह स्टोरी दिसंबर महीने की है.
मेरी पिछली कहानी को पढ़ कर मेरे पास एक मेल आया कि हम आपसे मिलना चाहते हैं.
दरअसल वे दोनों एक कपल थे और मेरे साथ करना चाहते थे.
मैं राजी हो गया.
उस कपल ने मुझको नोएडा से कोटा राजस्थान बुलाया था.
जब मैं वहां पहुंचा तो वे दोनों मुझको लेने के लिए स्टेशन आए थे.
इधर मैं आपको उनके बारे में बता देता हूँ.
लड़के का नाम नितिन और उसकी पत्नी का नाम दिव्या था.
वे देखने में दोनों बहुत स्मार्ट और पैसे वाले लग रहे थे.
जब वे मुझको स्टेशन पर लेने के लिए आए, तब मेरी नज़र दिव्या पर पड़ी.
मैं उसको देखता ही रह गया यार … क्या मस्त माल थी … एकदम बोल्ड लग रही थी.
उसके उठे हुए संतरे और निकली हुई हिप गजब ढा रही थी.

सब कुछ बड़ा गदराया हुआ था.
उसको देख कर ऐसा मन कर रहा था कि इसको यहीं पटक कर कर दूँ.
खैर हम तीनों गाड़ी में बैठ कर उनके घर पहुंच गए.
घर पर वह दोनों ही रहते थे और बहुत ही अच्छा घर था.
नितिन बोलने लगा- तो कैसा लगा आपको हमारा घर!
मैंने कहा- घर तो बहुत अच्छा है.
इस पर दिव्या बोली- और घर में रहने वाले भी बहुत अच्छे हैं.
उसकी बात पर हम तीनों हंसने लगे.
दिव्या- राहुल तुम फ्रेश हो जाओ, तब तक मैं तुम्हारे लिए कुछ नाश्ता बना देती हूँ.
इस पर नितिन बोला- ये इतनी दूर तुम्हारे खाने के लिए नहीं आया है. ये तुमको खाने के लिए आया है!
दिव्या बोलने लगी- मैं क्या कहीं भागी जा रही हूँ. मुझको तो आराम से खा लेंगे … क्यों राहुल … पहले मुझको खाओगे या नाश्ता बना दूँ?
मैंने कहा- भाभी पहले आप नाश्ता बना दो, उसके बाद खाना पीना तो लगा ही रहेगा.
नितिन- ये बात सही बोली भाई तुमने … चलो तुम फ्रेश हो जाओ. तब तक मैं हमारे लिए मार्केट से कुछ ले आता हूँ.
दिव्या- हां नितिन जाओ और जल्दी वापिस आना!
नितिन आंख मारते हुए बोला- ओके बेबी … तुमको बहुत जल्दी है न … मैं जल्दी ही वापिस आ जाऊंगा!
दिव्या इतरा कर बोली- हां अगर जल्दी वापिस नहीं आए न … तो प्रोग्राम शुरू हो जाएगा, फिर तुम आना या ना ही आना, मेरे को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला.
इस बात पर वे दोनों वापस हंसने लगे. सच में बड़े ही मस्त स्वभाव वाले थे वे दोनों.
नितिन मुझसे कहा- क्या तुम मेरे बिना ही शुरू कर दोगे?
इस पर मैंने जवाब दिया- वह तो टाइम बताएगा.
नितिन मार्केट चला गया और मैं फ्रेश होने के लिए चला गया.
दिव्या किचन में चली गई.
बीस मिनट बाद मैं नहा कर निकला तो दिव्या किचन में ही थी.
मैंने तेल मांगा तो बोलने लगी- अभी से क्या जरूरत है ऑयल की?
तो मैंने कहा- सर में लगाने के लिए चाहिए … तुम्हें लगाने के लिए नहीं!
इस पर वह हंसने लगी.
दिव्या- एक मिनट रुको, मैं अभी आई!
मैं- ओके.
दिव्या ने कमरे की दराज में से तेल निकाल कर दिया और बोलने लगी- और कुछ चाहिए तो बता दो!
मैंने कहा- चाहिए तो बहुत कुछ है, पहले तुम फ्री हो जाओ … तब ले लूंगा.
इस पर वह हंसने लगी और बोली- हां हां ले लेना यार, जितना मन करे उतना रगड़ लेना … आज पूरे दिन और पूरी रात तुम्हारे साथ ही हूँ मैं!
मैं उसकी तरफ देख कर वासना भर नजरों से देख कर मुस्कान दे दी.
वह भी कामुक नजरों से मुझे देखती हुई बोली- मैं अभी आती हूँ. तुम तब तक यहीं बेड पर बैठ जाओ.
और वह अपनी हिप मटकाती हुई चली गई.
कुछ देर बाद वह पूछने लगी- नाश्ता अभी करोगे या बाद में?
मैंने बोल दिया- बाद में करूंगा पहले नितिन को आ जाने दो.
इस पर दिव्या बोली- ठीक है.
अब वह मेरे पास आ गई. हम दोनों बेड पर ही थे.
मैं लेटा हुआ था और वह बैठी हुई थी.
मैं सिर्फ तौलिया में ही लेटा था और ऊपर बनियान पहनी हुई थी.
वह मेरे करीब होकर बैठ गई और बोलने लगी- आने में कोई प्राब्लम तो नहीं हुई?
मैंने कहा- नहीं, बस थोड़ा सा थक गया हूं.
दिव्या बोली- जब तक नितिन आते हैं, मैं तुम्हारी थकावट उतार देती हूँ.
फिर दिव्या ने मेरा तौलिया अलग कर दिया और मेरे सामान को देख कर बोली- ये तो बहुत छोटा है, इससे क्या होगा?
मैंने कहा- अभी सो रहा है, इसको जगाओ … तभी तो तुमको इसका साइज पता लगेगा!

कहानी जारी रहेगी
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𝗟𝗮𝘀𝘁 𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟮 मेरे जोर जोर से चूसने के कारण उनके होंठों से खून निकलने लगा. मैं उस खून को चाटने लगा.आशा आंटी भी मेरा साथ दे...
04/01/2026

𝗟𝗮𝘀𝘁 𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟮 मेरे जोर जोर से चूसने के कारण उनके होंठों से खून निकलने लगा. मैं उस खून को चाटने लगा.
आशा आंटी भी मेरा साथ दे रही थीं.
उन्हें दर्द हो रहा था, पर वे इस ठुकाई के पहले की मस्ती को इन्जॉय कर रही थीं.
मैंने उन्हें बालों से पकड़ कर खड़ा किया और किसी विलेन की तरह उनकी साड़ी उतारने लगा.
इसी के साथ मैंने आशा आंटी का ब्लाउज फाड़ कर निकाल दिया और उनके पेटीकोट का नाड़ा तोड़कर उसे भी उतार दिया.
उन्होंने अन्दर ब्रा पैन्टी नहीं पहनी थी.
मैंने फिर उन्हें तमाचा मारा और कहा- , इतनी भी क्या जल्दी थी तुझे ठुकने की कि पैन्टी और ब्रा भी पहनना भूल गयी!
अब आशा आंटी की आंखों में आंसू आने लगे थे.
उनके मोटे संतरे और सफाचट गुफा देखकर मेरा मन डोल गया.
मैंने उनके आंसू देखना नजरअंदाज किया और उनके मसलने शुरू कर दिए.
वे ‘आह आह माँ की आवाज करती रहीं.
मैंने अब वह पिघली हुई चाकलेट उनकी संतरो पर डाली तो वे चाकलेट की गर्माहट व चिकनाहट से मचलने लगी थीं.
मैंने आंटी के चूसने शुरू कर दिए.
चॉकलेट के साथ उनके दूध चूसने का मजा कुछ ज्यादा ही आ रहा था. फिर मैंने उठ कर अपने सारे कपड़े उतार दिए.
मेरा आशा आंटी के सामने था.
वे सामान को बड़े अनुराग से देख रही थीं.
मैंने आशा आंटी का मुँह को खोला और अपना अन्दर घुसेड़ दिया.
आशा आंटी सामान को चूसने लगीं.
मैंने आगे पीछे करके आशा आंटी का मुँह पेलना शुरू कर दिया.
आशा आंटी के मुँह से ‘घू … घू … घू’ की आवाज आ रही थी.
मेरा आशा आंटी के गले के अंत तक जा रहा था.
करीब दस मिनट तक उनके मुँह को करने के बाद मैं आंटी के मुँह में ही झड़ गया.
मेरा सारा रस आशा आंटी के मुँह से होते हुए उनके पेट में चला गया.
मैंने अपना गीला बाहर निकाल लिया.
बाहर निकालते ही आशा आंटी ने लंबी सांस ली और वे खाँसने लगीं.
फिर उन्होंने कहा- मेरी बेटी तुम्हारे साथ कैसे करती है … तुमने तो इतने में ही मेरी जान निकाल दी!
मैंने कहा- आशा मेरी जान, अभी तो यह शुरुआत है. अभी तो तेरी गुफा भी करनी है. जब अन्दर घुसेड़ूँगा, तब देखना तुझे क्या मजा आता है!
थोड़ी देर लेटे रहने के बाद मैंने आशा आंटी को पोजीशन में आने को कहा.
वे हो गईं.
मैंने अब अपने सामान और आशा की गुफा पर चॉकलेट लगा दी और उनकी चाटने लगा.
आंटी मेरा चूसने लगीं.
थोड़ी ही देर में मेरा फिर से खड़ा हो गया और आशा आंटी की गुफा ने पानी छोड़ दिया.
मैंने आशा आंटी को कुतिया बनने को बोला और मैं उनके पीछे आ गया.
शायद उनके पति का बड़ा नहीं था क्योंकि उनकी गुफा अभी भी टाईट लग रही थी.
मैंने प्रोटेक्शन लगाया और आशा आंटी की गुफा में पेल दिया.
आशा आंटी की चीख निकल गयी.
मैं उनकी तरफ ध्यान न देते हुए तेज तेज धक्के लगाने लगा और कहने लगा- आह चिल्ला … और चिल्ला ताकि तुझे भी पता चले कि तेरी बेटी किस मर्द से ठुकती है …
आशा आंटी भी ‘आह आह …’ करती हुई चिल्ला रही थीं और कह रही थीं- पेल मुझे तेरी माँ हूँ … बस तू ये समझ कर कर मुझे … फाड़ दे आज उस छेद को … जहां से तेरी गर्लफ्रेंड निकली है … पेल मुझे आह आह … माँ मर गई … रखैल बना दिया आज तुमने तो … आह.

आंटी की गालियां मुझे और उकसा रही थीं.
मैंने अब आशा आंटी की हिप पर तमाचे जड़ने शुरू कर दिए थे.
आशा आंटी मार से और पागल हो गयी थीं.
हर झटके के साथ तमाचा खाने से उन्हें दर्द और मजा एक साथ आ रहा था.
इस बीच आंटी दो बार झड़ चुकी थीं.
करीब 30 मिनट की टपाटप के बाद मैं भी झड़ गया और निढाल होकर बेड पर लेट गया.
आंटी भी थक गयी थीं, उन्होंने मेरे सीने पर सर रख दिया और हम दोनों को नींद आ गई.
हम दोनों नंगे ही सो गए.
करीब 4 घंटे बाद हम जागे, फिर हम दोनों बाथरूम में जाकर नहाए.
मैंने उन्हें शावर के नीचे फिर से एक बार किया.
इस बार मैंने आंटी की मोटी हिप भी पेल डाली.
उसके बाद करीब दो महीने तक मैंने आशा आंटी को हफ्ते में 4 बार किया .
कई बार तो बिना प्रोटेक्शन के ही किया , जिससे दो महीने बाद आशा आंटी गर्भवती हो गईं.
किस्मत से उसी के दस दिन पहले उनके पति ने आंटी को किया था.
उन्होंने अपने पति को यह बात बताई, तो वे खुश हुए कि इस उम्र में भी वह अपनी बीवी को प्रेग्नेंट कर सकते हैं.

उन दोनों ने पहले तो बच्चा गिराने की सोची.
पर फिर अंकिता से बात करके उन्होंने उस बच्चे को जन्म दे दिया.
आशा आंटी ने मेरे और उनके प्यार की निशानी को 9 महीने बाद जन्म दिया.
वह बेबी एक खूबसूरत बेटी थी.
उसके बाद मेरा और अंकिता का ब्रेकअप हो गया.
पर आशा आंटी और मेरा प्यार अब भी जिन्दा है.
अब मैं 24 साल का हूँ और आशा आंटी मुझसे दुगनी बड़ी उम्र की हैं. पर अभी भी हम दोनों कई बार करते हैं.

धन्यवाद
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