20/05/2026
पिछले कुछ सालों से हवन कुण्डी वाली बर्बादी गांव देहातो ने उगाई कर के भंडारा करवाना, जिनको कुछ काम नही है लीडर बन जाते है गांव गांव उगाई करते हैं, अगर इतनी उगाई कर के गांव में ग़रीब तबके की बेटीयों की शादी करवा दे तो कितना अच्छा होता, इन्ही रुपये से गावो में सबके जनहित में कार्य करवाया जाए तो सही होता,
पूरा स्कैम समझो एक ब्रांड वाले घी से डील होती है यह सब करता है बनिया, हवन की आड़ में नकली घी एक्सपायर घी का इस्तेमाल करते हैं लाखो रुपये का घी हवन का सामान, पानी के टैंकर, हलवाई टेंट और गीता प्रेस गोरखपुर से कुछ गाड़ियो में किताब बिकने आती है सोच सकते हो इनके हाथ कहाँ तक फैले हुई हैं।
लोग मुजे धर्म विरोधी कहते हैं अरे अक्ल के अंधों जितना दान और धर्म में बर्बादी करते हो बच्चो को ठीक स्कूल में पढ़ाओ और आगे बढ़ो ये धर्म के ठेकदारों के चक्कर में क्यों पड़ रहे हो।