21/05/2026
विख्यात चिकित्सक पद्मश्री डॉ. एस. आर. मेहता का 95 वर्ष की आयु में निधन होने से चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। 21 मई 2026 को उनके निधन के साथ देश ने एक युगद्रष्टा चिकित्सक, प्रेरणास्रोत शिक्षक और संवेदनशील मानवतावादी व्यक्तित्व को खो दिया। लगभग सात दशकों तक फैले अपने गौरवशाली चिकित्सा जीवन में उन्होंने उत्कृष्ट रोग-निदान क्षमता, मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण उपचार पद्धति तथा चिकित्सा सेवा के प्रति अद्वितीय समर्पण के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान स्थापित की।
डॉ. मेहता देश की अनेक प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थाओं एवं राष्ट्रीय मंचों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उन्होंने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स, राजस्थान मेडिकल काउंसिल तथा Indian Council of Medical Research (ICMR) की गवर्निंग बॉडी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त वे AIIMS की विभिन्न सलाहकार समितियों और स्वास्थ्य नीति निर्माण से जुड़ी राष्ट्रीय विशेषज्ञ समितियों के सदस्य भी रहे।
उन्होंने एस.एम.एस. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य तथा सवाई मानसिंह अस्पताल के अधीक्षक एवं विभागाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा प्रदान की। उनके दूरदर्शी नेतृत्व, अनुशासनप्रिय कार्यशैली और शिक्षण के प्रति समर्पण ने संस्थानों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। जयपुर के महिला चिकित्सालय, जे.के. लोन अस्पताल तथा बागड़ रिसर्च सेंटर जैसे संस्थानों के विकास में भी उनकी प्रेरक भूमिका रही।
डॉ. मेहता अपनी विलक्षण चिकित्सकीय दक्षता, विनम्र व्यक्तित्व और उच्च नैतिक मूल्यों के लिए सदैव याद किए जाएंगे। उन्होंने न केवल हजारों रोगियों को नया जीवन दिया, बल्कि विद्यार्थियों, सहकर्मियों और समाज के प्रति अपने स्नेह, मार्गदर्शन और सेवा-भाव से भी अमिट छाप छोड़ी। चिकित्सा एवं शोध के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, डॉ. बी. सी. रॉय राष्ट्रीय पुरस्कार, राजस्थान श्री सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।