14/09/2026
भारत में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कैमरे से चालान कटने की शिकायत आम है, लेकिन यही देखकर यह कहना कि **“कैमरे गड्ढे देख ही नहीं सकते”** सही नहीं है। असल में भारत में ऐसी तकनीक मौजूद है जो कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से सड़क के गड्ढों और खराब हिस्सों की पहचान कर सकती है।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर NHAI पहले से **Network Survey Vehicles (NSV)** का इस्तेमाल कर रहा है। इन वाहनों में हाई-रेजोल्यूशन कैमरे, GPS और दूसरी सर्वे तकनीक लगी होती है, जिनकी मदद से सड़क की दरारें, गड्ढे, असमानता और दूसरे दोषों का पता लगाया जाता है। 2025 में NHAI ने 23 राज्यों में 20,933 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों के सर्वे के लिए NSV तैनात करने की जानकारी दी थी।
इतना ही नहीं, मार्च 2026 में NHAI ने करीब **40,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क** पर AI-powered Dashcam Analytics Services लागू करने की योजना बताई। इन कैमरों के जरिए AI/ML मॉडल 30 से ज्यादा तरह की सड़क संबंधी खराबियों और दूसरी समस्याओं की पहचान कर सकते हैं, जिनमें **गड्ढे, सड़क की दरारें, खराब क्रैश बैरियर, खराब स्ट्रीटलाइट और जलभराव** जैसी समस्याएं शामिल हैं।
यानी मजेदार बात यह है कि भारत में तकनीक इतनी आगे बढ़ चुकी है कि कैमरा सिर्फ गाड़ी का नंबर पढ़कर चालान बनाने तक सीमित नहीं है। सरकार सड़क की हालत जांचने के लिए भी कैमरा और AI का इस्तेमाल कर रही है। NHAI के अनुसार AI से मिलने वाले डेटा को केंद्रीय सिस्टम में जोड़ा जा रहा है, ताकि खराब हिस्सों की पहचान करके उनकी मरम्मत की निगरानी की जा सके।
फिर भी लोगों की शिकायत पूरी तरह बेबुनियाद नहीं है। किसी सड़क पर कैमरा लगा होना और उस कैमरे का **चालान के लिए इस्तेमाल होना**, जरूरी नहीं कि उसी कैमरे का काम सड़क के गड्ढे पहचानना भी हो। ट्रैफिक enforcement कैमरे मुख्य रूप से नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान और e-challan के लिए लगाए जाते हैं, जबकि सड़क की स्थिति जांचने के लिए NSV, AI dashcam और दूसरे विशेष सिस्टम इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
इसलिए वायरल लाइन **“भारत अकेला ऐसा देश है जहां कैमरा चालान देखता है, गड्ढे नहीं”** मजेदार व्यंग्य जरूर है, लेकिन तथ्य नहीं। असली सवाल यह है कि जिन तकनीकों से गड्ढों की पहचान हो रही है, उनसे मिली जानकारी के बाद **मरम्मत कितनी जल्दी होती है और सड़क कब तक ठीक होती है।**
तकनीक तभी सफल मानी जाएगी जब वह सिर्फ चालान काटने में नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित सड़क देने में भी असर दिखाए। 🚗📷🛣️