14/08/2026
हम दोनों ने भी इस दुनिया का एक दस्तूर देखा है,
जो सच बोले उसके हिस्से अक्सर कसूर देखा है।
जो हर किसी की हाँ में हाँ मिलाकर चलते हैं,
उन्हीं के पीछे हमने जमाना मजबूर देखा है।
हमने तो रिश्ते निभाए हैं बिना किसी मतलब के,
फिर भी कुछ अपनों को हमसे दूर देखा है।
शायद इसीलिए आज एक बात समझ आई है,
इस दिखावे की दुनिया में सच्चाई अक्सर तन्हाई में पाई है। ❤️🥰🙏🏻