31/08/2026
राहुल गांधी पर एफआईआर तानाशाही का प्रमाण, संविधान की धज्जियां उड़ा रही सरकार: एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल
खड़गे के मंच के 'शुद्धिकरण' पर चुप रहने वाली पुलिस ने सवाल उठाने पर दर्ज किया राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मुकदमा: एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल
कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट ने राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर वापस न होने पर हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर चरणबद्ध प्रदर्शन की दी चेतावनी
हिसार में अंबेडकर प्रतिमा पर धरना ;एडवोकेट बजरंग इंदल ने एसपी हिसार को शिकायत देकर “शुद्धीकरण” मामले में एफआईआर की माँग
हिसार, 31 अगस्त BP Public News 095188 34710
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट हरियाणा ने सोमवार को हिसार में हुंकार भरी। वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने लघुसचिवालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन कर केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के बाद लीगल डिपार्टमेंट के प्रतिनिधियों ने हिसार के पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत और डीसी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच करने और कानून के समान अनुप्रयोग की मांग की।प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट के स्टेट चेयरमैन एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल,जिलाध्यक्ष एडवोकेट रतन सिंह पानूँ और स्टेट मीडिया कॉर्डिनेटर एडवोकेट बजरंग इंदल ने कहा कि देश के शीर्ष नेताओं में शुमार मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद स्थल को 'शुद्ध' करने का संदेश देना केवल एक राजनीतिक घटना नहीं है। यह 21वीं सदी में भी दलित व वंचित वर्ग के प्रति छुआछूत और संकीर्ण मानसिकता का नंगा नाच है।एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने सवाल उठाते हुए कहा की जब राहुल गांधी ने इस अमानवीय और असंवैधानिक कृत्य के खिलाफ आवाज उठाई तो उन पर ही झूठी धाराओं में हल्द्वानी में एफआईआर दर्ज कर दी गई। संविधान का अनुच्छेद 14 समानता,अनुच्छेद 15 जाति आदि के भेदभाव को रोकता है वहीं अनुच्छेद 17 छुआछूत निषेध करता है। यदि 'शुद्धिकरण' करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय सवाल उठाने वाले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर मुकदमा दर्ज होता है तो यह देश की न्याय प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है।कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट के स्टेट चेयरमैन एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने दोटूक शब्दों में कहा कि मोदी सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज को नहीं दबा सकती। एडवोकेट खोवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज यह राजनीतिक और द्वेषपूर्ण एफआईआर तुरंत वापस नहीं ली गई तो कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट चुप नहीं बैठेगा। संगठन पूरे हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर वकीलों और आम जनता के साथ मिलकर शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से चरणबद्ध प्रदर्शन करेगा। हम सड़क से लेकर अदालत तक इस लड़ाई को लड़ेंगे।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष एडवोकेट रतन पानूँ,मुकेश सैनी,सुभाष बिश्नोई,शीला राठी,विक्रम मित्तल,पवन तुंदवाल ,श्वेता शर्मा,राजकुमारी,विनोद कसवाँ ,सत्यवान जांगड़ा ,चाननमल होदख़ासिया जीआर नागर,हिमांशु आर्य खोवाल,विनोद गुरी,रघुबीर सिंह,अनिल भोरिया,गौरव टुटेजा बजरंग इंदल,,मीना तिजारिया,शबनम ,साक्षी घड़वाल,अल्का सिंहमार ,अरविंद सिहाग,जगदीश बिश्नोई व अन्य मौजूद रहे ।
कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट के स्टेट मीडिया कॉर्डिनेटर एडवोकेट बजरंग इंदल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे के रैली स्थल को शुद्ध करके छुआछूत और जातिवादी को बढ़ावा देने वालों के ख़िलाफ़ एसपी हिसार को लिखित शिकायत दी है ।एडवोकेट इंदल ने अपनी शिकायत में कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश के वरिष्ठ नेताओं में शुमार है और अनुसूचित जाति वर्ग से ताल्लुक़ रखते हैं।इंदल भी अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं और खड़गे मामले में “शुद्धीकरण” की घटना से पूरे दलित समाज के साथ उनकी भी व्यक्तिगत भावनाएँ आहत हुई हैं । इस लिए एससीएसटी एक्ट के तहत हुए अपराध में इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाए । वही एसपी हिसार द्वारा घटना की ज्यूडिक्शन पर एडवोकेट इंदल ने कहा की राहुल गांधी ने भी दिल्ली में खड़गे के मामले में सार्वजनिक न्याय को लेकर आवाज उठाई थी लेकिन राहुल पर हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज कर दिया गया ।इसलिए खड़गे मामले में भी शुद्धीकरण के आरोपियों पर हिसार में मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।