Jk News Updates

Jk News Updates Mystic JK is register by RNI in favour of Shani Dev Sewa Samiti Jourian , Trust Register by Govt. Of Jammu and Kashmir

Mystic Jammu And Kashmir provides latest News from Indian and specially from J&K and our main motive to highlight the Duggar and other culture.The owner of the paper is Shani Dev Sewa samiti Jourian

प्रेस विज्ञप्ति कार्तिक पूर्णिमा की रात्रि को बछड़ा (बैल) दान करने पर शिव लोक की प्राप्ति होती है :– महंत रोहित शास्त्री...
03/11/2025

प्रेस विज्ञप्ति

कार्तिक पूर्णिमा की रात्रि को बछड़ा (बैल) दान करने पर शिव लोक की प्राप्ति होती है :– महंत रोहित शास्त्री, ज्योतिषाचार्य

कार्तिक दिवा एवं रात्रि पूर्णिमा व्रत – 05 नवंबर (बुधवार) को

जम्मू-कश्मीर : श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि वर्ष 2025 ई. में कार्तिक पूर्णिमा तिथि 04 नवंबर (मंगलवार) रात्रि 10 बजकर 22 मिनट पर प्रारंभ होगी और 05 नवंबर (बुधवार) शाम 06 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगी। इस प्रकार कार्तिक दिवा एवं रात्रि पूर्णिमा व्रत 05 नवंबर, बुधवार को ही किया जाएगा।कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही भगवान शिव ने त्रिपुर नामक राक्षस का वध किया था।
त्रिपुर ने प्रयाग में एक लाख वर्षों तक कठोर तपस्या कर ब्रह्मा जी से यह वरदान प्राप्त किया था कि उसे मनुष्य या देवता के हाथों मृत्यु न हो। इस वरदान से अभिमानी होकर उसने देवताओं और मनुष्यों को कष्ट देना शुरू कर दिया। तब भगवान शिव ने अपने पाशुपत अस्त्र से उसका वध किया और संसार को उसके अत्याचार से मुक्त किया।

इस दिन उपवास रखने से हजार अश्वमेध यज्ञ तथा सौ राजसूय यज्ञ के समान पुण्यफल प्राप्त होता है। कार्तिक पूर्णिमा की रात्रि में बछड़ा (बैल) दान करने से शिवलोक की प्राप्ति होती है।

चंद्रोदय के समय शिवा, संभूति, संतति, प्रीति, अनुसूया और क्षमा — इन छह कृतिकाओं की पूजा करने से भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है, क्योंकि ये स्वामी कार्तिकेय की माताएँ मानी जाती हैं।

🕉️ कार्तिक पूर्णिमा का स्नान, दान और व्रत विधान

कार्तिक मास अत्यंत पवित्र माना गया है, विशेषकर इसकी पूर्णिमा का दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन गंगा, अन्य पवित्र नदियों, सरोवरों या जलाशयों में स्नान करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। स्नान के उपरांत श्रद्धालु दीपदान, हवन, यज्ञ, घी, वस्त्र, ब्राह्मण भोजन, तेल, तिल एवं दक्षिणा दान करते हैं।
इस पावन अवसर पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से न केवल पवित्रता की प्राप्ति होती है, बल्कि समृद्धि, सुख-शांति और सभी कष्टों का निवारण भी होता है।

इस दिन भगवान श्रीलक्ष्मीनारायण, भगवान शिव तथा शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

🌸 गुरु नानक जयंती एवं देव दीपावली

कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही सिखों के प्रथम गुरु – श्री गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था।
इस कारण यह दिन गुरु नानक देव जयंती के रूप में भी पूरे भारतवर्ष में धूमधाम से मनाया जाता है।

पौराणिक मान्यता के अनुसार, देवता अपनी दीपावली कार्तिक पूर्णिमा की रात को ही मनाते हैं, इसलिए इसे देव दीपावली भी कहा जाता है।

🏞️ जम्मू-कश्मीर में विशेष आयोजन

कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर जम्मू-कश्मीर में अनेक धार्मिक मेले आयोजित किए जाते हैं।
इस दिन उत्तरी भारत का प्रसिद्ध मेला बावा जित्तो देव स्थान, झिड़ी सामाचक में लगता है।
इसके अतिरिक्त जम्मू के विभिन्न कुल देवता एवं देवी स्थलों पर भी मेले और धार्मिक आयोजन होते हैं।

🙏 दान का महत्व एवं भीष्म पंचक

पूर्णिमा के दिन घर या मंदिर के आस-पास के ज़रूरतमंद लोगों को यथाशक्ति दान अवश्य करना चाहिए। यह दान न केवल पुण्यदायक होता है, बल्कि जीवन में सौभाग्य, समृद्धि और शांति भी लाता है। भीष्म पंचक का समापन भी 05 नवंबर (बुधवार) को ही होगा।

📞 संपर्क सूत्र
महंत रोहित शास्त्री (ज्योतिषाचार्य)
प्रधान – श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट (पंजीकृत)
रायपुर ठठर, जम्मू-कश्मीर
📞 9858293195, 7006711011
📧 [email protected]

प्रेस विज्ञप्ति आंवला नवमी (अक्षय नवमी) – 31 अक्टूबर, शुक्रवार को विशेष पर्व : महंत रोहित शास्त्री (ज्योतिषाचार्य)जम्मू ...
30/10/2025

प्रेस विज्ञप्ति

आंवला नवमी (अक्षय नवमी) – 31 अक्टूबर, शुक्रवार को विशेष पर्व : महंत रोहित शास्त्री (ज्योतिषाचार्य)

जम्मू कश्मीर : कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला नवमी, अक्षय नवमी, धात्री नवमी या कूष्माण्ड नवमी के नाम से जाना जाता है। इस विषय में श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री (ज्योतिषाचार्य) ने बताया कि वर्ष आंवला नवमी 31 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी।

इस दिन महिलाएं आंवले के वृक्ष की पूजा करती हैं और उसकी छाया में बैठकर संतान की प्राप्ति, उनकी दीर्घायु और सौभाग्य की कामना करती हैं। परंपरा के अनुसार, इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करने का भी विशेष विधान है।

🌱 आंवले की उत्पत्ति की कथा

प्राचीन कथा के अनुसार, जब पूरी पृथ्वी जलमग्न थी और जीवन का अस्तित्व नहीं था, तब ब्रह्मा जी कमल पुष्प पर विराजमान होकर निराकार परमब्रह्म की तपस्या कर रहे थे।
उसी समय उनकी आंखों से ईश-प्रेम के आंसू टपक पड़े। उन्हीं दिव्य आंसुओं से आंवले का वृक्ष उत्पन्न हुआ।
इसी कारण इसे चमत्कारी औषधीय वृक्ष और पवित्र फल माना जाता है।

🍃 आयुर्वेद और विज्ञान में आंवले का महत्व

आचार्य चरक ने आंवले को अमृतफल कहा है, क्योंकि यह अनेक रोगों का नाशक है।
वैज्ञानिक दृष्टि से आंवले में विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो उबालने के बाद भी नष्ट नहीं होता।
यह शरीर में नए कोशाणुओं (सेल्स) के निर्माण में सहायक होता है, जिससे शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान बना रहता है।
आंवला रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, त्वचा में निखार लाता है और बालों के लिए भी अत्यंत लाभकारी माना गया है।

🌿 आंवले के वृक्ष की पूजा और भोजन की प्रथा की उत्पत्ति

कथानुसार, एक बार माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करने आईं।
यात्रा के दौरान उन्हें भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की पूजा एक साथ करने की इच्छा हुई।
परंतु दोनों की पूजा एक साथ कैसे हो, यह विचार करते हुए लक्ष्मी जी को स्मरण हुआ कि —
तुलसी विष्णु को प्रिय है और बेल-पत्र शिव को प्रिय हैं। तभी उन्होंने पाया कि आंवले के वृक्ष में तुलसी और बेल दोनों के गुण विद्यमान हैं। इसलिए माता लक्ष्मी ने आंवले के वृक्ष को विष्णु और शिव का संयुक्त प्रतीक मानकर उसकी पूजा की। पूजन से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु और शिव दोनों प्रकट हुए और लक्ष्मी जी को वरदान दिया। उस दिन लक्ष्मी जी ने आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन बनाकर भगवान विष्णु और भगवान शिव को भोजन कराया और बाद में स्वयं भोजन किया। यह दिन था कार्तिक शुक्ल नवमी, और तभी से आंवले के नीचे भोजन करने तथा पूजन करने की परंपरा प्रारंभ हुई।

🙏 आंवला नवमी की पूजन विधि

1. प्रातःकाल स्नान कर महिलाएं शुद्ध वस्त्र धारण करती हैं।

2. आंवले के वृक्ष के नीचे पूर्व दिशा की ओर मुख करके पूजन आरंभ करें।

3. "ॐ धात्र्यै नमः" मंत्र का जप करते हुए षोडशोपचार विधि से पूजा करें।

4. आंवले के पेड़ को दूध, जल और अक्षत चढ़ाएं।

5. वृक्ष पर लाल या सफेद मौली (धागा) बांधकर 8 या 108 बार परिक्रमा करें।

परिक्रमा करते समय महिलाएं बिंदी, चूड़ी, मेहंदी, सिंदूर, टॉफी आदि वस्तुएं वृक्ष में अर्पित करती हैं।

6. पूजा के बाद सज्जा-सिंगार का सामान, कपड़े, या दान-दक्षिणा किसी सुहागन स्त्री या ब्राह्मण को दें।

7. गरीबों को अनाज या अपनी सामर्थ्य अनुसार दान दें — यह अत्यंत शुभ माना गया है।

8. पूजन उपरांत आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन बनाएं और पहले ब्राह्मणों को भोजन कराएं, फिर स्वयं भोजन करें।

9. भोजन के समय पूर्व दिशा की ओर मुख रखें।

10. शास्त्रों में वर्णित है कि यदि भोजन करते समय थाली में आंवले का पत्ता गिर जाए तो यह बहुत शुभ संकेत है

यह आने वाले वर्ष में अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु का प्रतीक माना जाता है।

🌼 आंवला नवमी का धार्मिक और सामाजिक संदेश

यह पर्व केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह हमें प्रकृति की पूजा, वृक्षों के संरक्षण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश देता है। आंवले का वृक्ष धात्री (पालन करने वाली माता) के समान माना जाता है, जो मानवता को पोषित करता है।

प्रेस विज्ञप्ति गोपाष्टमी 30 अक्टूबर, गुरुवार को मनाई जाएगी : महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ।जम्मू-कश्मीर : संतान धर...
29/10/2025

प्रेस विज्ञप्ति

गोपाष्टमी 30 अक्टूबर, गुरुवार को मनाई जाएगी : महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ।

जम्मू-कश्मीर : संतान धर्म में कार्तिक माह का अत्यंत महत्व बताया गया है। इसी माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को गोपाष्टमी पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह पावन पर्व गौमाता, भगवान श्रीकृष्ण तथा गोसेवा के महत्व को उजागर करता है। इस विषय में श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट (पंजीकृत), रायपुर ठठर (जम्मू-कश्मीर) के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री (ज्योतिषाचार्य) ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष कार्तिक शुक्ल पक्ष की सूर्यउदयव्यापिनी अष्टमी तिथि 30 अक्टूबर, गुरुवार को पड़ रही है। अतः उसी दिन गोपाष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाएगा।

गोपाष्टमी का धार्मिक महत्व

महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण बाल्य अवस्था में थे, तब गोपाष्टमी के दिन उन्हें पहली बार गायों को चराने के लिए वन में भेजा गया था। माता यशोदा जी प्रेमवश अपने लाड़ले कन्हैया को कभी भी गौचारण के लिए नहीं जाने देती थीं। किंतु एक दिन जब श्रीकृष्ण ने आग्रह और जिद की, तब यशोदा जी ने ऋषि शांडिल्य से शुभ मुहूर्त निकलवाया और गोपाष्टमी के दिन प्रातःकाल श्रीकृष्ण को गायों के साथ वन में भेजा। इस दिन से ही श्रीकृष्ण के जीवन में गौसेवा और गोपालक रूप का आरंभ हुआ, अतः इसे “गोपाष्टमी” कहा गया। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण की गोप स्वरूप में आराधना का प्रतीक माना जाता है।

पूजन विधि और परंपराएँ

महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने बताया कि गोपाष्टमी के दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नानादि के बाद भगवान श्रीकृष्ण तथा गौमाता का पूजन करना चाहिए। गौमाता और बछड़ों को स्नान कराकर गंध, पुष्प, चंदन, अक्षत आदि से उनका पूजन किया जाता है। उन्हें सुन्दर वस्त्र, आभूषण या माला पहनाई जाती है। यदि आभूषण उपलब्ध न हों, तो उनके सींगों पर रंग या पीले फूलों की माला से सजाना शुभ माना गया है।

पूजन के बाद गायों को हरा चारा, गुड़, रोटी और गोग्रास अर्पित करें। उनके चारों ओर सात या तीन बार परिक्रमा करें और धूप, दीप, आरती से पूजा संपन्न करें।
इस अवसर पर ग्वालों (गोपक समुदाय) का भी आदरपूर्वक पूजन कर उन्हें वस्त्र, अन्न या दक्षिणा दें।

महंत शास्त्री ने कहा कि इस दिन गौशाला में दान देना, गौसेवा करना तथा गौमाता के चरणों की धूल मस्तक पर लगाने से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है।

शाम के समय की विशेष परंपरा

गोपाष्टमी के दिन संध्या समय जब गायें और बछड़े चरकर गौशाला में लौटते हैं, उस समय उन्हें नमस्कार करें और श्रद्धापूर्वक उनके चरणों की धूल (चरणरज) अपने मस्तक पर लगाएँ।
ऐसा करने से सभी पाप नष्ट होते हैं, और मनुष्य के जीवन में धन, सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है।

महंत शास्त्री ने कहा कि गोपाष्टमी का पर्व केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
गौमाता भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं — उनके बिना कृषि, आरोग्य और समृद्धि की कल्पना अधूरी है। अतः इस पर्व का उद्देश्य केवल पूजा न होकर गौसंवर्धन और संरक्षण के प्रति जागरूकता भी है।

गोपाष्टमी से प्राप्त होने वाले पुण्यफल

गोपाष्टमी के दिन गौमाता का पूजन करने से —

भगवान श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं,

उपासक को धन, वैभव, और सौभाग्य प्राप्त होता है,

घर-परिवार में माँ लक्ष्मी का स्थायी निवास होता है,

और जीवन में आने वाली अनेक बाधाएँ स्वतः दूर हो जाती हैं।

महंत शास्त्री ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि इस पावन दिन पर गौशालाओं में जाकर गायों को अन्न, चारा और गोग्रास अर्पित करें तथा गौसेवा का संकल्प लें।

महंत रोहित शास्त्री (ज्योतिषाचार्य)
प्रधान, श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट (पंजीकृत), रायपुर ठठर, जम्मू-कश्मीर
📞 संपर्क सूत्र: 9858293195, 7006711011, 9796293195
📧 ईमेल: [email protected]

Special Fogging Drive at Main Bazar, JourianAs per the directions issued by Executive Officer, Municipal Committee Jouri...
30/08/2025

Special Fogging Drive at Main Bazar, Jourian

As per the directions issued by Executive Officer, Municipal Committee Jourian, Shri Sandeep Kumar Ji, a special fogging drive was conducted today at Main Bazar, Jourian.

The initiative has been taken to prevent the spread of mosquitoes and vector-borne diseases during the rainy season. Citizens are requested to cooperate with the Municipal Committee and maintain cleanliness in their surroundings to ensure a healthy environment for all.

17/12/2024

*कमाई ₹ 48,000/- प्रतिमाह* : $1000 पर Income @ 1.75% Daily simple

*कमाई ₹ 37,000/- प्रतिमाह* : $ 590 पर
Income @1.75% Daily COMPOUND

*कमाई ₹ 20,000/- प्रतिमाह* : $ 320 पर
Income @1.75% Daily COMPOUND

*कमाई ₹ 10,000/- प्रतिमाह* : $ 160 पर
Income @1.75% Daily COMPOUND

*कमाई ₹ 6,280/- प्रतिमाह* : $ 100 पर
Income @1.75% Daily COMPOUND

बिना कार्य *1 माह=30 ट्रेड दिन
बिना टीम
बिना कंडीशन विद्रोल बिना कोई डायरेक्ट
link 👇

Through innovative algorithmic trading mode, it gives encrypted NFT assets new vigour and vitality From TreasureMeta Technology ltd.

08/12/2024

https://treasurenft.xyz/ #/uc/register/?inviteCode=UN8P98
Jisko bhi treasure nft ko Start krna h wo rajistresion kr lijiy aapko 150$ ka welcome bounce melega or 100$ diposit kr kijiy aaj se hi income Start ho jayegiRajistresion karke

Through innovative algorithmic trading mode, it gives encrypted NFT assets new vigour and vitality From TreasureMeta Technology ltd.

*Army takes out medical patrol at Gursai Poonch*Poonch,                                                         Troops a...
01/07/2024

*Army takes out medical patrol at Gursai Poonch*

Poonch,

Troops at Jarran Wali Gali in Poonch took out a medical patrol to provide medical assistance to residents of Panchayat Gursai Moori in Mendhar sub division.

Civilians of the area were provided with medical consultation along with basic tests.

Free medicines for normal ailments were administered to the locals as per requirement.

Apart from the medical assistance, efforts were made to spread awareness amongst locals regarding various diseases and drug abuse.

09/05/2024

अक्षय तृतीया पर्व की जानकारी देते हुए श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य।

Breaking news:- high level sources revelead that LG Manoj Sinha has either submitted or is likely to submit his resignat...
08/04/2024

Breaking news:- high level sources revelead that LG Manoj Sinha has either submitted or is likely to submit his resignation to the union.

  | PM Narendra Modi says, "I have full faith in you and we will make 'Viksit Jammu and Kashmir.' Your dreams of 70 year...
20/02/2024

| PM Narendra Modi says, "I have full faith in you and we will make 'Viksit Jammu and Kashmir.' Your dreams of 70 years will be fulfilled by Modi in the coming years. Earlier, only disappointing news of bombs, kidnappings and separation used to come from Jammu and Kashmir, but now Jammu and Kashmir is developing and moving forward..."

Address

Shani Dev Chowk Jourian
Jammu
181202

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Jk News Updates posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Jk News Updates:

Share