10/01/2026
वेदांता ग्रुप के मालिक अनिल अग्रवाल ने अपनी कुल संपत्ति का 75% (लगभग 21,000 करोड़ रुपये) भारत में मुफ्त शिक्षा के लिए दान करने की घोषणा की है, जिसमें 'नो प्रॉफिट, नो लॉस' के आधार पर बड़ी यूनिवर्सिटी बनाने का लक्ष्य है; यह दान देश के लिए सबसे बड़ी दान राशि है, जो उनके बचपन की पृष्ठभूमि और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को दर्शाती है।
मुख्य बातें:
बड़ी घोषणा: अनिल अग्रवाल, जो 'मेटल किंग' के नाम से मशहूर हैं, ने अपनी कमाई का 75 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा क्षेत्र में लगाने का ऐलान किया है।
राशि: यह राशि लगभग 21,000 करोड़ रुपये है, जो अब तक किसी भारतीय द्वारा किया गया सबसे बड़ा दान है।
लक्ष्य: वे भारत में ऐसी कई यूनिवर्सिटी बनाना चाहते हैं जो 'नो प्रॉफिट, नो लॉस' के सिद्धांत पर चलें, ताकि सभी को मुफ्त शिक्षा मिल सके।
प्रेरणा: अनिल अग्रवाल ने बिल गेट्स से मिलने के बाद दान के अपने विचार को और बल मिला, और वे समाज को पैसा लौटाना चाहते हैं।
पृष्ठभूमि: पटना से आकर कबाड़ के काम से शुरुआत करने वाले अनिल अग्रवाल ने यह फैसला परिवार की सहमति के बाद लिया है और वे इस रकम को भारत के लिए समर्पित कर रहे हैं।
संबंधित जानकारी (Medanta Group और शिक्षा):
'Medanta' नाम से एक अलग अस्पताल समूह भी है, जिसके संस्थापक डॉ. नरेश त्रेहान हैं, लेकिन शिक्षा दान की यह खबर वेदांता ग्रुप के मालिक अनिल अग्रवाल से संबंधित है।
अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड है, जो खनन, धातु, तेल और गैस क्षेत्रों में काम करती है।