18/09/2026
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💢💢 कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर एक घर के लिए, कहाँ चराग़ मयस्सर नहीं शहर के लिए - ( दुष्यंत कुमार ) .....
Meaning:- व्यवस्था और सत्ता द्वारा जनता से हर घर में खुशहाली व रोशनी पहुँचाने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन वास्तविकता यह है कि आज पूरे शहर के लिए भी एक दिया (बुनियादी सुविधा या रोशनी) उपलब्ध नहीं है !!!
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