बुंदेलखंड के महान चन्देल शासक बिधाधर चन्देल, आल्हा, ऊदल, रानी लक्ष्मी बाई, लाला हरदौल, महाराजा छत्रसाल,खेतसिंह खंगार,राजा भोज, गोस्वामी तुलसीदास जैसे अनेक महापुरुषों की जन्मभूमि है।
महाराजा छत्रसाल बुंदेला के समय में बुंदेलखंड के बारे में कुछ इस तरह से कहा जाता था।
इत यमुना उत नर्मदा इत चंबल उत टोंस।
छत्रसाल सों लरन की रही न काहू हौंस।।
बुंदेलखंड में "बुंदेली बोली" बोली जाती है, उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश के 14 जिलों को मिला कर बना है बुंदेलखंड राज्य।
उत्तर प्रदेश –: महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट
मध्यप्रदेश –: पन्ना, छतरपुर, सतना, टीकमगढ़, दमोह, (निवाड़ी) नया जिला, दतिया, सागर।
बुंदेलखंड अतीत में एक बहुत ही समृद्ध व शक्तिशाली राज्य रहा है। लेकिन आजादी के बाद से अलग–अलग विचारधारा की सरकारों व सत्ता में आसीन रहे जनप्रतिनिधियों ने बुंदेलखंड को राजनैतिक तौर पर सिर्फ छलने व लूटने का ही कार्य किया है।
हमारा उद्देश्य सिर्फ इतना है की आप लोगों को बुंदेलखंड राज्य के प्रति समय–समय पर जागरूक करते रहें। एवं जब तक बुंदेलखंड पृथक राज्य नहीं बन जाता, तब तक समूचे बुंदेलखंड के लोगों को उनका फर्ज याद दिलाते रहें।
जय बुंदेली।
जय बुंदेलखंड।।